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बिटकॉइन ने बनाया नया इतिहास! 1.25 लाख डॉलर के पार पहुंचा दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो

Bitcoin All-Time High 2025: बिटकॉइन ने पार किया $125,000 का आंकड़ा, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
Bitcoin All-Time High 2025: बिटकॉइन ने पार किया $125,000 का आंकड़ा, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
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बिटकॉइन ने रचा इतिहास, पहुंचा 1.25 लाख डॉलर के पार

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) ने रविवार को नया रिकॉर्ड बना दिया। यह $125,689 (लगभग ₹1.04 करोड़) के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। अमेरिकी सरकारी शटडाउन की आशंका और डॉलर की कमजोरी के चलते निवेशकों ने बिटकॉइन को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाया।

अमेरिकी संकट बना बिटकॉइन के उछाल का कारण

अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इस वजह से निवेशक पारंपरिक संपत्तियों की बजाय बिटकॉइन जैसे वैकल्पिक निवेशों की ओर बढ़ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों ने इस रुझान को “Debasement Trade” नाम दिया है, जिसमें डॉलर की गिरावट से बचने के लिए डिजिटल संपत्तियों में निवेश बढ़ता है।

क्रिप्टो फर्म FalconX के मार्केट हेड जोशुआ लिम ने कहा —

“जब इक्विटी, गोल्ड और यहां तक कि कलेक्टिबल्स भी रिकॉर्ड स्तर पर हैं, तो डॉलर की कमजोरी से बचाव के लिए बिटकॉइन का मजबूत होना स्वाभाविक है।”


‘Uptober’ का जादू फिर चला — अक्टूबर में बिटकॉइन की चमक

इतिहास गवाह है कि अक्टूबर महीना बिटकॉइन के लिए हमेशा खास रहा है। इसे ‘Uptober’ कहा जाता है, क्योंकि पिछले दस में से नौ वर्षों में इस महीने बिटकॉइन की कीमतों में उछाल आया है। इस साल अब तक इसकी कीमत में 30% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।


कॉरपोरेट सेक्टर भी जोड़ रहा भरोसा

बिटकॉइन की इस तेज़ी में केवल खुदरा निवेशकों की नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों की भी अहम भूमिका रही है।
MicroStrategy जैसी कंपनियों ने हाल के महीनों में भारी मात्रा में बिटकॉइन खरीदा है। इस कदम ने अन्य कॉर्पोरेट हाउस को भी प्रेरित किया है।

इससे न केवल बिटकॉइन बल्कि अन्य डिजिटल संपत्तियों जैसे Ether में भी निवेश बढ़ा है।


स्टॉक मार्केट और सोने पर भी असर

अमेरिकी स्टॉक मार्केट ने शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सौदों और साझेदारियों की वजह से संभव हुआ।
दूसरी ओर, ट्रेजरी यील्ड्स और डॉलर में गिरावट देखी गई, जबकि सोना लगातार सातवें सप्ताह बढ़त पर रहा।

केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीदों ने भी जोखिमभरे संपत्तियों की ओर रुझान बढ़ाया है।


विशेषज्ञों की राय: “यह शटडाउन कुछ अलग है”

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के डिजिटल एसेट रिसर्च प्रमुख जॉफ केंड्रिक ने कहा —

“यह शटडाउन पहले जैसा नहीं है। इस बार बाजार में अलग माहौल है, और बिटकॉइन पारंपरिक संपत्तियों से अलग दिशा में बढ़ रहा है।”

उन्होंने कहा कि 2018-19 के शटडाउन के दौरान बिटकॉइन में कोई खास हलचल नहीं थी, लेकिन इस बार यह पूरी तरह अलग स्थिति में है।


बिटकॉइन का भविष्य और जोखिम

हालांकि बिटकॉइन के बढ़ते दाम निवेशकों के लिए उत्साहजनक हैं, परंतु विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह क्रिप्टो बाजार अत्यधिक अस्थिर है।
यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था स्थिर होती है, तो इस बुल रन में कुछ ठहराव आ सकता है।

फिलहाल बिटकॉइन का यह उछाल डिजिटल एसेट्स की मुख्यधारा में वापसी का संकेत दे रहा है — और शायद आने वाले महीनों में इसका प्रभाव वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर और गहराई से देखने को मिलेगा।


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Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com