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बिहार में तकनीकी विकास का नया दौर, युवाओं को बड़े रोजगार का वादा

Bihar Development: बिहार में नई टेक सिटी, डिफेंस कॉरिडोर और बड़े रोजगार
Bihar Development: बिहार में नई टेक सिटी, डिफेंस कॉरिडोर और बड़े रोजगार (File Photo)
बिहार में नई सरकार ने युवाओं के लिए बड़े रोजगार और तकनीकी विकास की घोषणा की है। अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। डिफेंस कॉरिडोर, टेक सिटी, सेमीकंडक्टर पार्क और बंद चीनी मिलें दोबारा शुरू की जाएंगी। बिहार को नया तकनीकी हब बनाने की योजना है।
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बिहार में तकनीकी विकास और युवाओं के लिए बड़े रोजगार की घोषणा

नई सरकार का लक्ष्य, युवा बनेंगे विकास की मुख्य ताकत

बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उनके अनुसार राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव युवा होंगे, क्योंकि बिहार में युवा जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
सीएम ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा दी जाए, तो बिहार आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है। उनकी दृष्टि के अनुसार रोजगार, उद्योग, नई तकनीक और सेवाओं के माध्यम से बिहार की नई पहचान बनेगी।

अगले पाँच साल में 1 करोड़ नौकरियाँ और रोजगार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि 2020 से 2025 के बीच सात निश्चय-2 के तहत 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया गया। अब राज्य सरकार का नया लक्ष्य है कि 2025 से 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी, निजी नौकरी और स्व-रोजगार के अवसर दिए जाएँ।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी काम पूरा किया है और आने वाले पाँच वर्षों में यह लक्ष्य भी पूरा होगा। इस लक्ष्य के लिए उद्योग, तकनीक, शहर विकास, कृषि आधारित उद्योग और सेवा क्षेत्र को बड़े स्तर पर जोड़ा जाएगा।

बिहार में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क

नीतीश सरकार ने पहली बार यह साझा किया है कि बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य में बड़े स्तर पर तकनीकी केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
सरकार का कहना है कि बिहार में निम्नलिखित तकनीकी और उद्योग आधारित संरचनाएं बनेंगी:

  1. डिफेंस कॉरिडोर

  2. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क

  3. फिनटेक सिटी

  4. मेगा टेक सिटी

  5. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

इन परियोजनाओं के माध्यम से बिहार न केवल नए रोजगार देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक के क्षेत्र में अपनी भागीदारी मजबूत करेगा।

बंद चीनी मिलें फिर से चलेंगी, नए उद्योग भी शुरू होंगे

बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में चीनी मिलों की बड़ी संख्या लंबे समय से बंद पड़ी है। इससे एक तरफ किसान परेशान हैं और दूसरी तरफ नये रोजगार की कमी बनी रहती है।
सीएम ने कहा कि नई चीनी मिलें खोली जाएँगी और बंद मिलों को दोबारा चालू किया जाएगा। इसके साथ ही नई उद्योग नीति बनाई जा रही है जो किसानों, मजदूरों और युवाओं को बेहतर अवसर देगी।

बिहार को वैश्विक बैक-एंड हब बनाने की योजना

सरकार ने संकेत दिया है कि बिहार को ग्लोबल वर्क प्लेस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों, विशेषज्ञों और बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ बातचीत शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा मानव संसाधन बिहार की ताकत है, इसलिए आईटी सेवाओं, नई तकनीक और सेवा आधारित उद्योगों को बढ़ाया जाएगा। इससे बिहार दुनिया की बड़ी कंपनियों का बैक-एंड हब बन सकता है।

नई तकनीक से शहरों का विकास और AI मिशन

राज्य के बड़े शहरों को सुंदर बनाने, भीड़ कम करने और तेज सुविधा देने के लिए नई योजनाएँ तैयार की जा रही हैं।
इसके लिए:

  • नई तकनीक से स्मार्ट सड़कें

  • बेहतर जल प्रबंधन

  • आधुनिक पार्किंग

  • नई सार्वजनिक सेवाएं

  • डिजिटल शहर प्रबंधन
    इन सबके लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन बनाया जाएगा। यह मिशन राज्य में तकनीक का नया अध्याय शुरू करेगा, जिससे रोजगार और सुविधा दोनों बढ़ेंगे।

उच्चस्तरीय समिति करेगी काम की निगरानी

नीतियों और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी और उद्योगों की स्थापना, रोजगार निर्माण और कार्य की निगरानी करेगी।
सरकार का दावा है कि उद्योगों के लिए भूमि, बिजली, पानी और कुशल मानव संसाधन अब पहले से अधिक उपलब्ध हैं, इसलिए तेजी से परिणाम देखने को मिलेंगे।

बिहार में तकनीकी शिक्षा का विस्तार

नई सरकार का मानना है कि तकनीकी विकास केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि पढ़ाई में बदलाव से शुरू होता है। इसी सोच के साथ तकनीकी कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान और कौशल प्रशिक्षण केंद्र बढ़ाने की योजना बनाई गई है। छात्रों को नई तकनीक जैसे रोबोट, एआई और कंप्यूटर सेवाओं की पढ़ाई दी जाएगी, ताकि वे उद्योगों में तुरंत काम कर सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे औद्योगिक क्लस्टर

विकास केवल शहरों तक सीमित न हो, इसके लिए ग्रामीण इलाकों में छोटे औद्योगिक क्लस्टर बनाने की तैयारी है। इन क्लस्टरों में कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, कपड़ा और हस्तशिल्प से जुड़े छोटे उद्योग लगाए जाएंगे। इससे गाँवों में ही रोजगार मिलेगा और युवाओं को शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

कुशल युवा बल की तैयारी

सरकार का मानना है कि उद्योग तभी बढ़ेंगे जब प्रशिक्षित और कुशल युवा उपलब्ध हों। इसलिए रोजगार से पहले युवाओं को प्रशिक्षण देना बड़ी योजना का हिस्सा होगा। राज्य भर में प्रशिक्षण शिविर, कौशल केंद्र और उद्योग-आधारित कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे कंपनियों को तैयार जनशक्ति मिलेगी और युवाओं को रोजगार तुरंत मिलेगा।

आधुनिक शहरों की नई योजना

बिहार के बड़े शहरों को आधुनिक बनाने के लिए नई शहरी योजना तैयार की जा रही है। इसमें स्मार्ट सड़कें, स्वच्छ बाजार, सार्वजनिक वाहनों की सुविधा, बेहतर पार्किंग और डिजिटल व्यवस्था शामिल होगी। शहरों को ऐसी तकनीक से जोड़ा जाएगा जिससे प्रशासनिक सेवाएँ तेज हों और आम लोगों को हर सुविधा सरल तरीके से मिले।

बिहार में उद्योग का नया मॉडल, सरकार का दावा

नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगिक विकास बढ़ा है और नई सरकार इसे दोगुनी गति से आगे बढ़ाएगी।
सरकार का कहना है कि:

  • औद्योगिक कॉरिडोर

  • अच्छी सड़कें

  • बिजली आपूर्ति

  • कुशल मानव संसाधन
    पहले की तुलना में अब अधिक मजबूत हैं। इसलिए आने वाले वर्षों में उद्योग का बड़ा जाल बिछेगा।

युवा होंगे केंद्र में, शहर और गांव दोनों होंगे विकसित

इन योजनाओं का उद्देश्य केवल शहरों को विकसित करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे और बड़े उद्योग खोलना है। इससे किसान, मजदूर, छात्र और ग्रामीण युवा भी नए रोजगार से जुड़ेंगे। बिहार का नया विकास मॉडल शहर और गांव दोनों को साथ लेकर चलेगा।

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Asfi Shadab

Writer, thinker, and activist exploring the intersections of sports, politics, and finance.