Silver Price Today: नया साल आते ही आम लोगों की नजर एक बार फिर सोने-चांदी के बाजार पर टिक जाती है। भारत में चांदी केवल एक धातु नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी, परंपरा और आस्था से जुड़ी हुई है। आज साल 2026 का पहला दिन है और इसी दिन चांदी की कीमतों को लेकर जो तस्वीर सामने आई है, वह यह बताती है कि बाजार में फिलहाल स्थिरता के साथ हल्की नरमी का दौर चल रहा है।
आज भारत में चांदी का भाव 238.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,38,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। बीते कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें मामूली गिरावट देखने को मिली है। प्रति ग्राम 10 पैसे और प्रति किलोग्राम 100 रुपये की कमी भले ही बड़ी न लगे, लेकिन यह बाजार के रुख को समझने के लिए अहम संकेत जरूर देती है।
आज भारत में चांदी के ताजा भाव
साल के पहले दिन जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव 238.90 रुपये प्रति ग्राम रहा। वहीं एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,38,900 रुपये पर पहुंच गई है। यह गिरावट सीमित जरूर है, लेकिन इससे यह साफ होता है कि लगातार उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने फिलहाल संतुलन बना लिया है।
नए साल की शुरुआत में आमतौर पर लोग आभूषणों और निवेश दोनों के लिए चांदी की कीमतों पर नजर रखते हैं। ऐसे में यह हल्की गिरावट उन खरीदारों के लिए राहत बन सकती है, जो लंबे समय से सही मौके का इंतजार कर रहे थे।
भारत के मुख्य शहरों में चांदी के भाव
| शहर | 10 ग्राम (₹) | 100 ग्राम (₹) | 1 किलोग्राम (₹) |
|---|---|---|---|
| लखनऊ | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| जयपुर | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| दिल्ली | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| पटना | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| मुंबई | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| अहमदाबाद | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| पुणे | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| कोलकाता | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| मेरठ | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| लुधियाना | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| गुवाहाटी | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| जलगांव | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| इंदौर | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| कानपुर | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| सूरत | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| नागपुर | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| चंडीगढ़ | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| नासिक | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| बैंगलोर | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
| अयोध्या | 2,389 | 23,890 | 2,38,900 |
भारत में चांदी का सांस्कृतिक महत्व
भारत में चांदी का उपयोग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। यह धातु धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं का अहम हिस्सा रही है। घरों में पायल, बिछिया, अंगूठी और अन्य आभूषणों के रूप में चांदी का व्यापक इस्तेमाल होता है।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी परिवारों तक, चांदी को सुरक्षित धरोहर माना जाता है। यही कारण है कि सोने की तुलना में सस्ती होने के बावजूद, चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है।
चांदी और सोने का मूल्य संतुलन
आमतौर पर माना जाता है कि एक किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही संतुलन दोनों धातुओं के बीच निवेशकों को विकल्प देता है। जहां सोना बड़ी पूंजी वाले निवेशकों की पसंद बनता है, वहीं चांदी मध्यम वर्ग के लिए ज्यादा सुलभ विकल्प साबित होती है।
आज के भाव को देखें, तो चांदी उन लोगों के लिए आकर्षक बनी हुई है जो कम पूंजी में भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं।
गिरावट के पीछे संभावित कारण
चांदी की कीमतों में आई इस मामूली गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता इसके मुख्य कारण हैं।
इसके अलावा, साल के अंत और नए साल की शुरुआत में अक्सर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिलती है। यही प्रवृत्ति चांदी के भाव में भी झलकती है।
आने वाले दिनों में क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में फिलहाल बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। औद्योगिक मांग और आभूषणों की खरीद इसे सहारा देती रहेगी। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेत और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेगी।
नए साल के पहले दिन का यह भाव संकेत देता है कि चांदी बाजार में स्थिरता है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय रणनीति बनाने का हो सकता है।
आम खरीदार और निवेशक क्या करें
अगर आप आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह हल्की गिरावट आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। वहीं निवेश के नजरिए से देखें, तो चांदी को लंबी अवधि के लिए रखना हमेशा सुरक्षित विकल्प माना गया है।
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