आलीपुर मौसम विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी हबीबुर रहमान बिस्वास ने बृहस्पतिवार को दार्जिलिंग और उत्तरी बंगाल के कई जिलों में मौसम में बदलाव की जानकारी दी है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में बर्फबारी, बारिश और घने कोहरे की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी इलाकों में शनिवार तक बर्फबारी का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार दार्जिलिंग जिले के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में शनिवार तक बर्फबारी होने की पूरी संभावना है। सांदकफू, घूम, धोत्रे, मानेभंजन और छात्रकपुर जैसे ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ सकती है। ये इलाके समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित हैं और सर्दियों के मौसम में यहां बर्फबारी का दौर सामान्य माना जाता है। पर्यटकों के लिए यह खबर खुशी की हो सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
उत्तरी बंगाल के चार जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तरी बंगाल के चार प्रमुख जिलों में बारिश की भविष्यवाणी की है। बृहस्पतिवार से शनिवार तक दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, आलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में बारिश हो सकती है। यह बारिश हल्की से मध्यम श्रेणी की रहने का अनुमान है। किसानों और स्थानीय निवासियों को इस मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ठंड भी बढ़ने की आशंका है। यात्रियों को गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखनी चाहिए और सड़क यातायात में सावधानी बरतनी चाहिए।
पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में बदलाव
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंडी हवाओं में कुछ रुकावट आई है। इससे तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को तापमान बढ़ेगा और उसके बाद दो से तीन दिनों तक मौसम एक जैसा बना रहेगा। यह राहत अस्थायी है क्योंकि आने वाले सप्ताह में फिर से ठंड बढ़ने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह उतार-चढ़ाव सर्दियों की शुरुआत में आम है और लोगों को अचानक मौसम बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
उत्तरी और दक्षिणी बंगाल में तापमान का हाल
उत्तरी बंगाल में अगले तीन दिनों तक तापमान एक जैसा रहेगा। इसके बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट आने की संभावना है। सर्दी की यह बढ़ती तीव्रता लोगों को और सतर्क कर देगी।
दक्षिणी बंगाल में सप्ताहांत के दौरान कोलकाता में न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पश्चिमी जिलों में तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। यह सर्दी शहरी इलाकों में भी महसूस होने लगेगी।
अगले सप्ताह के मध्य तक फिर से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। बुधवार या बृहस्पतिवार तक ठंड फिर से बढ़ने की आशंका है।
ओडिशा तट पर विपरीत चक्रवात का असर
ओडिशा के तटीय क्षेत्र में एक विपरीत चक्रवात बन रहा है। इसके प्रभाव से जलवाष्प की मात्रा बढ़ेगी और पश्चिम बंगाल में कोहरे की स्थिति गहरी होगी। यह मौसम की एक अहम घटना है जो पूरे राज्य में दृश्यता को प्रभावित करेगी।
दक्षिणी बंगाल में कोहरे की बढ़ती संभावना
दक्षिणी बंगाल के कई जिलों में कोहरे की स्थिति बढ़ने का अनुमान है। कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में कोहरा छाया रहेगा।
सुबह और शाम के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है। वाहन चालकों को सड़कों पर सावधानी बरतनी होगी और धीमी गति से गाड़ी चलानी चाहिए।
उत्तरी बंगाल में घने कोहरे का प्रकोप
उत्तरी बंगाल में शुक्रवार से घने कोहरे का दौर शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को दार्जिलिंग, कूचबिहार और उत्तरी दिनाजपुर जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। शनिवार को दार्जिलिंग, आलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और उत्तरी दिनाजपुर जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनेगी।
रविवार को भी इन्हीं इलाकों में घना कोहरा बना रहेगा। यात्रियों को सुबह और शाम के समय यात्रा से बचने या अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सावधानियां और सुझाव
मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी लगातार अपडेट करते रहें। पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को गर्म कपड़े और आवश्यक सामान साथ रखना चाहिए। बर्फबारी की स्थिति में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने पर वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। हवाई और रेल यात्रा में देरी हो सकती है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
मौसम की निगरानी जारी
आलीपुर मौसम विभाग लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है। किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
यह मौसम परिवर्तन सर्दियों के मौसम का सामान्य हिस्सा है। हालांकि, सतर्कता और सावधानी बरतकर इन स्थितियों का सामना आसानी से किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव की संभावना है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।