Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब केवल वाहन चालकों की चिंता नहीं रहीं, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और आम जीवन से सीधा जुड़ा मुद्दा बन चुकी हैं। हर दिन सुबह 6 बजे देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन जैसी कंपनियां अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा फ्यूल रेट अपडेट करती हैं।
2 जनवरी 2026 को पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.03 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। ये आंकड़े सिर्फ कीमत नहीं बताते, बल्कि उस दबाव को भी दर्शाते हैं, जिसे आम आदमी, व्यापारी और परिवहन क्षेत्र लंबे समय से महसूस कर रहा है।
जब भी फ्यूल के दाम बढ़ते हैं, उसका असर सबसे पहले रोजमर्रा की चीजों पर दिखता है। सब्जी से लेकर किराए तक, हर चीज की कीमत चुपचाप ऊपर चढ़ने लगती है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के रेट अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर घर की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें और देश की धड़कन
ईंधन की कीमतें किसी भी देश की आर्थिक नब्ज को दर्शाती हैं। भारत जैसे देश में, जहां सड़क परिवहन पर भारी निर्भरता है, वहां डीजल और पेट्रोल के दाम सीधे तौर पर उत्पादन, आपूर्ति और सेवाओं की लागत को प्रभावित करते हैं।
राज्यवार पेट्रोल कीमत
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | पेट्रोल की कीमत (₹/लीटर) | मूल्य परिवर्तन |
|---|---|---|
| अंडमान और निकोबार | 82.46 | 0.00 |
| आंध्र प्रदेश | 109.64 | +0.01 |
| अरुणाचल प्रदेश | 90.66 | 0.00 |
| असम | 98.28 | +0.07 |
| बिहार | 105.58 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | 94.30 | 0.00 |
| छत्तीसगढ़ | 99.44 | -0.10 |
| दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 92.37 | 0.00 |
| दिल्ली | 94.77 | 0.00 |
| गोवा | 96.58 | 0.00 |
| गुजरात | 94.65 | -0.05 |
| हरियाणा | 95.95 | 0.00 |
| हिमाचल प्रदेश | 95.17 | +0.20 |
| जम्मू एवं कश्मीर | 96.49 | 0.00 |
| झारखंड | 98.05 | +0.19 |
| कर्नाटक | 102.98 | -0.08 |
| केरल | 107.48 | +0.08 |
| लद्दाख | 102.35 | 0.00 |
| लक्षद्वीप | 100.75 | 0.00 |
| मध्य प्रदेश | 106.52 | +0.24 |
| महाराष्ट्र | 103.54 | 0.00 |
| मणिपुर | 99.21 | -0.11 |
| मेघालय | 96.20 | -0.03 |
| मिजोरम | 99.06 | 0.00 |
| नगालैंड | 97.85 | +0.95 |
| ओडिशा | 100.93 | -0.10 |
| पांडिचेरी | 96.32 | 0.00 |
| पंजाब | 98.33 | +0.03 |
| राजस्थान | 104.72 | +0.34 |
| सिक्किम | 103.35 | 0.00 |
| तमिलनाडु | 100.85 | -0.05 |
| तेलंगाना | 107.50 | 0.00 |
| त्रिपुरा | 97.60 | +0.03 |
| उत्तर प्रदेश | 94.69 | 0.00 |
| उत्तराखंड | 93.35 | -0.08 |
| पश्चिम बंगाल | 105.45 | +0.04 |
हर सुबह 6 बजे क्यों बदलते हैं फ्यूल रेट
भारत में 2017 से डेली फ्यूल प्राइस रिवीजन सिस्टम लागू है। इसके तहत ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और रुपये-डॉलर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर दिन रेट तय करती हैं। इससे पारदर्शिता तो बढ़ी, लेकिन दामों में रोजाना बदलाव आम लोगों के लिए नई परेशानी भी लेकर आया।
राज्यवार डीजल कीमत
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | डीजल की कीमत (₹/लीटर) | मूल्य परिवर्तन |
|---|---|---|
| अंडमान और निकोबार | 78.05 | 0.00 |
| आंध्र प्रदेश | 97.47 | 0.00 |
| अरुणाचल प्रदेश | 80.21 | 0.00 |
| असम | 89.50 | +0.06 |
| बिहार | 91.82 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | 82.45 | 0.00 |
| छत्तीसगढ़ | 93.39 | -0.11 |
| दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 87.87 | 0.00 |
| दिल्ली | 87.67 | 0.00 |
| गोवा | 88.34 | 0.00 |
| गुजरात | 90.32 | -0.06 |
| हरियाणा | 88.40 | 0.00 |
| हिमाचल प्रदेश | 87.31 | +0.37 |
| जम्मू एवं कश्मीर | 83.33 | 0.00 |
| झारखंड | 92.82 | +0.20 |
| कर्नाटक | 91.04 | -0.05 |
| केरल | 96.48 | +0.20 |
| लद्दाख | 87.45 | 0.00 |
| लक्षद्वीप | 95.71 | 0.00 |
| मध्य प्रदेश | 91.89 | +0.21 |
| महाराष्ट्र | 90.03 | 0.00 |
| मणिपुर | 85.26 | -0.11 |
| मेघालय | 87.64 | +0.09 |
| मिजोरम | 87.92 | 0.00 |
| नगालैंड | 88.97 | +0.73 |
| ओडिशा | 92.51 | -0.09 |
| पांडिचेरी | 86.53 | 0.00 |
| पंजाब | 88.14 | +0.03 |
| राजस्थान | 90.21 | +0.31 |
| सिक्किम | 90.45 | 0.00 |
| तमिलनाडु | 92.40 | -0.09 |
| तेलंगाना | 95.70 | 0.00 |
| त्रिपुरा | 86.62 | +0.03 |
| उत्तर प्रदेश | 87.81 | 0.00 |
| उत्तराखंड | 88.24 | -0.09 |
| पश्चिम बंगाल | 92.02 | 0.00 |
कच्चे तेल की कीमतें सबसे बड़ा कारण
पेट्रोल और डीजल के दाम तय करने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत सबसे बड़ा ट्रिगर होती है। जैसे ही वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है, उसका असर भारत में फ्यूल रेट पर दिखाई देता है। इसके अलावा टैक्स और परिवहन लागत भी कीमत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
डीजल महंगा, परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर
पिछले एक महीने में डीजल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर ट्रक, बस और माल ढुलाई सेवाओं पर पड़ा है। डीजल वाहनों पर निर्भर व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ गई है, जिससे मुनाफा कम और दबाव ज्यादा हो गया है।
ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की बढ़ती चिंता
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बढ़ती लागत की भरपाई के लिए किराया बढ़ाना मजबूरी बनती जा रही है।
आम आदमी की जेब पर असर
ईंधन महंगा होने का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहता। स्कूल बस का किराया, ऑटो-टैक्सी के रेट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है, जो पहले से महंगाई से जूझ रहा है।
पेट्रोल के दाम और निजी वाहन मालिक
पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से निजी वाहन मालिकों को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। कई लोग अब अनावश्यक सफर से बचने लगे हैं या सार्वजनिक परिवहन का विकल्प तलाश रहे हैं। यह बदलाव आदतों में भी साफ नजर आता है।