Patna Encounter: पटना में शुक्रवार की तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन अब किसी भी तरह की नरमी के मूड में नहीं है। सुबह करीब 3 बजे खगौल थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय और पुलिस के बीच हुई इस मुठभेड़ में अपराधी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में पटना एम्स में भर्ती कराया गया। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब राज्य में नए सिरे से अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है और गृह मंत्री सम्राट चौधरी खुद एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
मैनेजर राय कोई साधारण नाम नहीं है। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
तड़के हुई मुठभेड़, इलाके में फैली हलचल
खगौल थाना क्षेत्र में सुबह करीब तीन बजे अचानक गोलियों की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी मैनेजर राय इसी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, जब मैनेजर राय को घेर लिया गया तो उसने खुद को बचाने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक गोली मैनेजर राय के पैर में लगी। घायल होने के बाद वह गिर पड़ा और पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू में ले लिया।
घायल हालत में एम्स भेजा गया अपराधी
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने घायल मैनेजर राय को इलाज के लिए पटना एम्स भेजा। वहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इलाज के बाद उससे पूछताछ की जाएगी ताकि उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके।
मौके से हथियार बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से हथियार भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मैनेजर राय के पास अवैध हथियार मौजूद थे, जिनका इस्तेमाल वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में करता आ रहा था। बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन वारदातों में हुआ है।
मैनेजर राय का आपराधिक इतिहास
मैनेजर राय पर दर्ज आपराधिक मामलों की सूची लंबी है। हत्या, लूट, रंगदारी और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप उसके खिलाफ पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
नयी सरकार के बाद आठवां एनकाउंटर
इस मुठभेड़ को नई सरकार बनने के बाद आठवां एनकाउंटर बताया जा रहा है। इससे पहले गोपालगंज में एक, सारण जिले में चार, बेगूसराय में एक और पटना जिले में एक अन्य एनकाउंटर हो चुका है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने अपराधियों के बीच डर का माहौल बना दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी का सख्त रुख
बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी पहले ही साफ कर चुके हैं कि राज्य में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कई मंचों से यह ऐलान किया है कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
गृह मंत्री ने डीजीपी विनय कुमार के साथ बैठक कर सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को अलर्ट रहने और सक्रिय कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के बाद से राज्य में लगातार पुलिस एक्शन देखने को मिल रहा है।