पूर्व रेलवे के शियालदह डिवीजन ने गंगासागर मेला 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस साल तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रिकॉर्ड संख्या में विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे ने पिछले साल की तुलना में अपनी सेवाओं में भारी बढ़ोतरी की है। शियालदह डिवीजन के DRM राजीव कुमार सक्सेना ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मेले के दिनों में ट्रेनों के समय और खास सुरक्षा इंतजाम की जानकारी दी।
रिकॉर्ड संख्या में विशेष ट्रेनों का संचालन
रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 10 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक कई विशेष ईएमयू लोकल ट्रेनें चलाई जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि 2025 में जहां अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या 72 थी, वहीं 2026 में इसे बढ़ाकर 126 कर दिया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 54 ट्रेनें ज्यादा हैं।
रोजाना औसतन 18 अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी, जो पिछले साल के औसत 12 ट्रेनों की तुलना में काफी अधिक है। इन विशेष ट्रेनों में नामखाना और काकद्वीप से शियालदह और कोलकाता स्टेशन की ओर डाउन दिशा में 56 ट्रेनें और अप दिशा में 70 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।
ट्रेनों की बढ़ोतरी का कारण
पिछले कुछ सालों में गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर साल लाखों तीर्थयात्री मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गंगासागर में पवित्र स्नान करने आते हैं। इस बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने अपनी तैयारियां पहले से शुरू कर दी हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है बल्कि सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं। स्टेशनों पर पानी की व्यवस्था, शौचालय की साफ-सफाई, और यात्रियों के लिए जानकारी काउंटर की व्यवस्था की गई है। मुख्य स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर भी खोले जाएंगे ताकि यात्रियों को टिकट लेने में ज्यादा देर न लगे।
इसके अलावा, बुजुर्ग यात्रियों और महिलाओं की मदद के लिए विशेष कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के खास इंतजाम
DRM राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। रेलवे पुलिस और आरपीएफ के जवान स्टेशनों और ट्रेनों में तैनात रहेंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपना सामान संभालकर रखें और किसी अनजान व्यक्ति का सामान न उठाएं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जहां यात्री किसी भी समस्या की शिकायत कर सकते हैं।
समय सारणी की जानकारी
विशेष ट्रेनें 10 जनवरी से शुरू होकर 16 जनवरी तक चलेंगी। ये सातदिन मेले के सबसे व्यस्त दिन माने जाते हैं जब सबसे ज्यादा श्रद्धालु गंगासागर आते हैं। ट्रेनों का समय इस तरह तय किया गया है कि यात्रियों को सुबह जल्दी मेले स्थल पर पहुंचने और शाम तक वापस लौटने में आसानी हो।
रेलवे ने सलाह दी है कि यात्री समय से पहले स्टेशन पहुंचें और ट्रेन की समय सारणी की जानकारी पहले से ले लें। स्टेशनों पर सूचना पट्ट लगाए गए हैं जहां ट्रेनों के समय की जानकारी उपलब्ध रहेगी।
पिछले साल से तुलना
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में कुल 72 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गई थीं और रोजाना औसत 12 ट्रेनें थीं। इस साल यह संख्या 126 हो गई है और रोजाना औसत 18 ट्रेनें चलेंगी। यह लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी है जो रेलवे की बेहतर तैयारी को दर्शाती है।
डाउन दिशा में 56 और अप दिशा में 70 ट्रेनें होने से दोनों तरफ की यात्रा सुविधाजनक होगी। यात्रियों को न तो मेले जाते समय और न ही वापस आते समय किसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
गंगासागर मेले का महत्व
गंगासागर मेला भारत के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक है। मकर संक्रांति के दिन यहां पवित्र स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा सागर संगम पर डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
हर साल लाखों श्रद्धालु देश के कोने-कोने से यहां आते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार और रेलवे मिलकर इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहते हैं।
यात्रियों के लिए सुझाव
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे कम से कम सामान लेकर चलें। भीड़ में छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। जरूरी दवाइयां और पानी की बोतल साथ रखें।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रात में यात्रा करने से बचें और दिन के समय ही सफर करें। टिकट पहले से बुक करा लें ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो।
रेलवे ने यह भी कहा है कि अगर किसी को कोई समस्या आती है तो तुरंत रेलवे कर्मचारियों या आरपीएफ जवानों से संपर्क करें। हर स्टेशन पर सहायता डेस्क होगा जहां से जानकारी ली जा सकती है।
गंगासागर मेला 2026 के लिए पूर्व रेलवे की तैयारियां सराहनीय हैं। 126 विशेष ट्रेनों का संचालन और बेहतर सुविधाओं का इंतजाम श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत है। रेलवे का यह प्रयास लाखों तीर्थयात्रियों की आस्था की यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने में मददगार साबित होगा।