कोलकाता की भवानीपुर पुलिस ने एक संगठित तेल टैंकर चोरी गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। यह मामला अगस्त 2025 में शुरू हुआ था जब हल्दिया से नेपाल के बीरातनगर जा रहा एक तेल से भरा टैंकर रास्ते में ही गायब हो गया था। चार महीने की लगातार मेहनत और जांच के बाद पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 21 लाख रुपये की रकम भी बरामद की है।
मामले की शुरुआत
भवानीपुर थाना क्षेत्र में स्थित शक्ति लॉजिस्टिक्स कंपनी के अधिकृत व्यक्ति ने 5 अगस्त 2025 को एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 30 जुलाई 2025 को हल्दिया से नेपाल के बीरातनगर के लिए एक टैंकर रवाना हुआ था। इस टैंकर का नंबर NL02Q7743 था और इसमें 24 मीट्रिक टन कच्चा सोयाबीन तेल भरा हुआ था। यह टैंकर 31 जुलाई तक अपनी मंजिल पर पहुंचने वाला था लेकिन बीच रास्ते में ड्राइवर भूषण यादव ने परिवहन कंपनी से संपर्क तोड़ लिया।
कंपनी के अधिकारियों को न तो टैंकर की कोई जानकारी मिली और न ही 20 लाख रुपये मूल्य के तेल का कोई पता चला। इस घटना के बाद भवानीपुर थाने में केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

चार महीने की कड़ी मेहनत
पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का विश्लेषण करने में महीनों लग गए। जांच के दौरान पता चला कि राजेश कुमार नाम के एक व्यक्ति ने खुद को भूषण यादव बताकर नकली दस्तावेज और फर्जी सिम कार्ड तैयार किए थे। यह व्यक्ति असली ड्राइवर का रूप धारण करके पूरी योजना को अंजाम दे रहा था।
लगातार मेहनत और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 21 दिसंबर 2025 को बिहार के नवादा जिले के पकरीबरवां थाना क्षेत्र से 18 वर्षीय राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। राजेश कुमार देनेश यादव का बेटा है और बरदिहा गांव का रहने वाला है।

टैंकर की बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी राजेश कुमार के बयान के आधार पर पुलिस ने बिहार के जामा थाना क्षेत्र से तेल टैंकर NL02Q7743 को बरामद कर लिया। यह एक बड़ी सफलता थी क्योंकि चार महीने बाद टैंकर का पता लगाना बेहद मुश्किल काम था।
बिचौलियों की गिरफ्तारी
जांच में आगे बढ़ते हुए पता चला कि आरोपी ड्राइवर ने दो बिचौलियों की मदद से कुल 21 मीट्रिक टन कच्चा सोयाबीन तेल बेच दिया था। ये दोनों बिचौलिये प्रीतम दत्ता उर्फ भतीजा और मैनुद्दीन अली मंडल उर्फ सोनाई थे। 28 दिसंबर 2025 को उत्तर 24 परगना के केउटिया इलाके से बसुदेबपुर थाना क्षेत्र में बैरकपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए दोनों बिचौलियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने योजना बनाकर इस तेल को बर्दवान के पल्सित इलाके में एक व्यापारी को बेच दिया था और इस सौदे से भारी मात्रा में पैसे कमाए थे।

मुख्य आरोपी की धरपकड़
गिरफ्तार आरोपियों प्रीतम पॉल उर्फ भतीजा और मैनुद्दीन अली मंडल उर्फ सोनाई के बयान के आधार पर सेरामपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। स्थानीय पुलिस की मदद से 2 जनवरी 2026 को सुबह 02:35 बजे 51 वर्षीय राजेश शॉ को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। राजेश शॉ स्वर्गीय लसमन शॉ का बेटा है और हुगली जिले के बैद्यबाटी नगर पालिका के शिवड़ाफुली इलाके का रहने वाला है।
21 लाख रुपये की बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी राजेश शॉ के बयान के बाद पुलिस ने उसके घर से 21 लाख रुपये की नकद रकम बरामद की। यह वही पैसा था जो चोरी के तेल को बेचने से मिला था। सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए जब्ती की सूची तैयार की गई और पैसे को सुरक्षित रखा गया।
संगठित गिरोह का खुलासा
जांच में यह भी पता चला कि राजेश शॉ बर्दवान के पल्सित इलाके में शक्तिगढ़ टोल टैक्स के पास संगठित तरीके से अवैध कारोबार चलाता था। वह अन्य लोगों की मदद से यह काम करता था। उसका तरीका यह था कि दिल्ली रोड से गुजरने वाले तेल टैंकरों के ड्राइवरों को लुभावने प्रस्ताव देकर उनसे खाद्य तेल निकलवाता था।
इतना ही नहीं, राजेश शॉ ने हल्दिया, बज बज, आलमपुर और अन्य लोडिंग पॉइंट्स पर कई एजेंट भी तैनात कर रखे थे। इन एजेंटों का काम तेल टैंकर के ड्राइवरों को बहकाना और अपराध करने के लिए प्रेरित करना था। इस तरह पूरा गिरोह एक व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था।
पुलिस की सफलता
यह केस पुलिस की मेहनत और समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण है। चार महीने की लगातार जांच, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर काम करते हुए पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा बल्कि पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया। फिलहाल सभी चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है।
यह मामला यह भी दर्शाता है कि किस तरह अपराधी संगठित तरीके से काम करते हैं और कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाते हैं। पुलिस की इस सफलता से न सिर्फ एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।