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दक्षिण 24 परगना के दिघीरपाड़ में पेन फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की गाड़ियों ने काबू पाया

Pen Factory Fire in Dighirpara South 24 Parganas: दक्षिण 24 परगना के दिघीरपाड़ में पेन फैक्ट्री में भीषण आग
Pen Factory Fire in Dighirpara South 24 Parganas: दक्षिण 24 परगना के दिघीरपाड़ में पेन फैक्ट्री में भीषण आग (File Photo)

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के दिघीरपाड़ में स्थित एक पेन फैक्ट्री में रात करीब ढाई बजे भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में रखे प्लास्टिक सामान और रासायनिक पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली। दमकल की दो गाड़ियों ने घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ। पुलिस जांच में जुटी है।

Updated:

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिघीरपाड़ इलाके में रात के समय एक पेन बनाने वाली फैक्ट्री में भयानक आग लगने की घटना सामने आई है। यह घटना देर रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है जब इलाके के रहने वाले लोगों ने सबसे पहले फैक्ट्री से निकलती आग की लपटों को देखा। कुछ ही पलों में आग ने भयानक रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री में फैल गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। खबर मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का सामान और पेन की स्याही बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ रखे होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। इन सामानों के आसानी से जल जाने की प्रकृति के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा।

आग लगने की घटना से इलाके में फैली दहशत

फैक्ट्री के आसपास कई घर और दुकानें होने के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। रात के समय अचानक हुई इस घटना से लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। आसपास के रहने वाले लोगों को डर था कि कहीं आग उनके घरों तक न पहुंच जाए। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग की लपटें बहुत तेज थीं और धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था।

दमकल कर्मियों ने विशेष ध्यान रखा कि आग पास के इलाकों में न फैले। उन्होंने आसपास की इमारतों और घरों को बचाने के लिए भी पानी का छिड़काव किया। कई घंटों की मेहनत के बाद दमकल कर्मी आग पर काबू पाने में सफल रहे। हालांकि, फैक्ट्री को काफी नुकसान हुआ है।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रात करीब ढाई बजे सूचना मिली थी। तुरंत दो दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। मौके पर पहुंचते ही दमकल कर्मियों ने देखा कि आग काफी तेज है और फैक्ट्री के अंदर रखे सामान के कारण वह लगातार बढ़ती जा रही है।

दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार मेहनत की और आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में प्लास्टिक के सामान और रासायनिक पदार्थ होने से आग को बुझाना काफी मुश्किल हो गया था। फिर भी उनकी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया और आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका।

पुलिस ने की जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही फलता थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने इलाके में तैनाती कर दी और भीड़ को नियंत्रित करने का काम किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आग कैसे लगी और क्या सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए थे या नहीं। फैक्ट्री में आग बुझाने के उपकरण थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

फैक्ट्री को हुआ भारी नुकसान

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री को काफी भारी नुकसान हुआ है। फैक्ट्री के अंदर रखा तैयार माल, कच्चा माल और मशीनें सब कुछ जलकर खाक हो गई हैं। नुकसान की सही राशि का अभी आकलन किया जा रहा है। फैक्ट्री मालिक ने बताया कि उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह फैक्ट्री पिछले कई सालों से यहां चल रही थी और काफी लोगों को रोजगार भी देती थी। इस आग से कई लोगों की नौकरी पर भी असर पड़ सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए जाते हैं। आग बुझाने के उपकरण नहीं रखे जाते और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी जाती।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन फैक्ट्रियों में आसानी से जलने वाला सामान रखा जाता है, वहां विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहां आग बुझाने के उचित उपकरण होने चाहिए और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

प्रशासन की जिम्मेदारी

प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह समय-समय पर फैक्ट्रियों का निरीक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि वहां सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अगर किसी फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था सही नहीं पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अन्य फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

दक्षिण 24 परगना के दिघीरपाड़ में पेन फैक्ट्री में लगी आग एक गंभीर घटना है जो सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करती है। दमकल विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। अब जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

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Asfi Shadab

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