Ankush Bharadwaj News: खेल केवल पदक, रिकॉर्ड और जीत का नाम नहीं है, बल्कि यह भरोसे, अनुशासन और मार्गदर्शन की एक पवित्र परंपरा भी है। जब इसी भरोसे को तोड़ने का आरोप किसी राष्ट्रीय स्तर के कोच पर लगे, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं रह जाता, बल्कि पूरे खेल तंत्र पर सवाल खड़े कर देता है। राष्ट्रीय पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की महिला निशानेबाज के साथ यौन शोषण का आरोप इसी तरह की एक गहरी और परेशान करने वाली घटना के रूप में सामने आया है।
प्रतियोगिता के दौरान हुआ कथित अपराध
पीड़िता के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, यह घटना नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान हुई। शिकायत में बताया गया है कि कोच ने खेल से जुड़ी चर्चा के बहाने नाबालिग शूटर को फरीदाबाद के एक होटल में बुलाया।
शिकायत में कहा गया है कि शुरुआत में होटल की लॉबी में मिलने की बात कही गई, लेकिन बाद में दबाव बनाकर उसे कोच के कमरे में बुलाया गया। वहीं कथित रूप से उसके साथ गलत हरकत की गई। यह आरोप अपने आप में खेल जगत को झकझोर देने वाला है, क्योंकि कोच और खिलाड़ी का रिश्ता विश्वास और सुरक्षा पर टिका होता है।
करियर बर्बाद करने की धमकी
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद कोच ने लड़की को धमकाया कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसका करियर खत्म कर दिया जाएगा और परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। ऐसे मामलों में डर और दबाव ही अक्सर पीड़ितों को चुप रहने पर मजबूर कर देता है।
बताया जा रहा है कि मानसिक आघात की स्थिति में पीड़िता होटल से बाहर निकली और बाद में अपने परिवार को पूरी घटना बताई। परिवार ने बिना देर किए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जो इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
फरीदाबाद के महिला पुलिस थाने में आरोपी कोच के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, होटल प्रशासन से घटना वाले दिन के सभी सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं, ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके। जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगालने में जुटी हैं।
NRAI ने किया तत्काल निलंबन
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोच अंकुश भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। NRAI के सचिव ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक आरोपी को किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खिलाड़ियों, खासकर नाबालिगों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। परिवार का साथ और समय पर शिकायत ही ऐसे मामलों में सबसे बड़ी ताकत बनती है।