Silver Price Today: सोने के बाद अब चांदी ने भी बाजार में अपनी चमक दिखानी शुरू कर दी है। बीते एक सप्ताह में चांदी की कीमतों में जो तेजी देखने को मिली है, उसने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी हैरान कर दिया है। आमतौर पर चांदी को सोने के मुकाबले सस्ता और ज्यादा अस्थिर धातु माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में चांदी ने अपनी अलग पहचान बना ली है। एक ही सप्ताह में चांदी के भाव में 19,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अपने आप में असाधारण मानी जा रही है।
11 जनवरी की सुबह देश के सराफा बाजारों में चांदी 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। यह कीमत न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यह भी बताती है कि बाजार में सुरक्षित निवेश को लेकर निवेशकों की सोच किस तेजी से बदल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का हाजिर भाव 76.92 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है, जो वैश्विक स्तर पर मजबूत मांग का संकेत देता है।
चांदी की कीमतों में उछाल का मौजूदा परिदृश्य
चांदी की इस तेजी को केवल घरेलू मांग से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। पिछले कुछ समय से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। राजनीतिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। सोने के साथ-साथ अब चांदी भी सुरक्षित निवेश के रूप में उभर रही है। यही कारण है कि इसकी कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
एक सप्ताह में 19 हजार रुपये की छलांग
मेरे अनुभव में, चांदी में इतनी तेज साप्ताहिक बढ़ोतरी कम ही देखने को मिलती है। एक सप्ताह में 19,000 रुपये की छलांग यह साफ दर्शाती है कि बाजार में मांग अचानक और तेजी से बढ़ी है। यह उछाल उन निवेशकों के लिए खास है, जो कम पूंजी में कीमती धातु में निवेश करना चाहते हैं।
घरेलू बाजार में चांदी का ताजा भाव
11 जनवरी की सुबह चांदी 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है। सराफा बाजारों में यह चर्चा का विषय बनी हुई है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले दिनों में चांदी और नए रिकॉर्ड बना सकती है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह कीमत झटका जरूर है, लेकिन निवेशकों के लिए यह अवसर के रूप में देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहा समर्थन
विदेशी बाजारों में चांदी का हाजिर भाव 76.92 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है। यह संकेत देता है कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चांदी की मांग मजबूत है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें ऊपर जाती हैं, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ता है।
क्यों बढ़ रही है चांदी की मांग
चांदी की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। एक ओर जहां निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक उपयोग भी इसकी मांग को सहारा दे रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे इसकी कीमतों को दीर्घकालिक समर्थन मिल रहा है।
आम खरीदारों को इस समय थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। यदि आभूषण या घरेलू उपयोग के लिए चांदी खरीदने की योजना है, तो कीमतों पर नजर रखना जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया फैसला जेब पर भारी पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए अवसर या जोखिम
निवेशकों के लिए चांदी की मौजूदा तेजी दोहरा संदेश देती है। अल्पकालिक निवेशकों को मुनाफा कमाने का मौका दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेश से पहले बाजार की दिशा समझना जरूरी है। तेजी के बाद मुनाफावसूली भी हो सकती है, इसलिए संतुलित रणनीति अपनाना ही बेहतर रहेगा।
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