दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस ने आज भवानीपुर के यदुबाबू बाजार के सामने मनरेगा योजना और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने मनरेगा कानून में बदलाव करके देश के 20 करोड़ लोगों का रोजगार का अधिकार छीन लिया है। साथ ही ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।
मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत
एआईसीसी ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाने का निर्देश दिया है। यह अभियान पूरे देश में करीब दो महीने तक चलेगा। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर 20 करोड़ लोगों से काम के अधिकार की मान्यता छीन ली है। मोदी सरकार ने न केवल महात्मा गांधी का नाम हटाया है बल्कि मनरेगा कानून में बुनियादी बदलाव करके देश की जनता को वंचित कर दिया है।
दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यह योजना गरीब मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए रोजगार की गारंटी देती थी। लेकिन अब सरकार ने इसमें ऐसे बदलाव किए हैं जो आम लोगों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाएगी।
बीजेपी और तृणमूल के बीच गुप्त समझौते का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच गुप्त समझौता है। कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने कहा कि धार्मिक ध्रुवीकरण के बाद अब राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए दिखावटी भ्रष्टाचार रोकने का नाटक किया जा रहा है। चिट फंड, गाय की तस्करी, कोयला तस्करी, राशन घोटाला, शिक्षक नियुक्ति घोटाला, नगर निगम नियुक्ति घोटाला, 100 दिन के काम के पैसे का घोटाला और आरजी कर कांड में ईडी और सीबीआई की पूरी तरह से विफलता दिखाई दे रही है।
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आने पर बीजेपी सरकार अपने सहायक संगठनों में बदल चुकी सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग को बेहद सक्रिय कर देती है। यह सभी को पता है। आज तक बंगाल में जितने भी भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई और ईडी ने की है, उसका परिणाम भी बंगाल के लोग जानते हैं।
कल की घटना पर सवाल
कल की घटना में ईडी की भूमिका पर बंगाल के लोग हैरान हैं। अंदर ही अंदर बीजेपी और तृणमूल का समझौता सामने आ गया है। खिड़की दरवाजे खोलकर ईडी छापा मारती है, यह किसी को नहीं पता था। प्रतीक जैन के घर में ईडी ने ऐसा ही किया। नहीं तो माननीय मुख्यमंत्री छापेमारी के दौरान कैसे अंदर घुस गईं और उनके सामने से फाइल लेकर कैसे बाहर निकल गईं? यह गुप्त समझौते के बिना और क्या हो सकता है?
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि धार्मिक ध्रुवीकरण में वोट बांटने के बाद राजनीतिक ध्रुवीकरण की यह एक रणनीति है। उनका यह भी मानना है कि जनता को संदेश दिया जा रहा है कि बीजेपी भ्रष्ट तृणमूल को सबक सिखा रही है। और तृणमूल को बचाने के लिए रास्ता खोलकर सबूत हटाने का मौका दिया गया। सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी। संदेश दे दिया गया।
केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ कर रही है। ये एजेंसियां अब बीजेपी की शाखा संगठन बन गई हैं। जब भी चुनाव आता है तो इन एजेंसियों को अति सक्रिय कर दिया जाता है। लेकिन इनकी जांच का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आता।
प्रदीप प्रसाद ने कहा कि बंगाल में जितने भी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हुई है, उनमें से किसी का भी सही नतीजा नहीं निकला। यह साफ करता है कि ये जांच राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जाती हैं, न्याय दिलाने के लिए नहीं। कांग्रेस ने मांग की है कि इन एजेंसियों को राजनीति से दूर रखा जाए और इनका इस्तेमाल सिर्फ असली अपराधियों के खिलाफ हो।
भवानीपुर में विरोध प्रदर्शन
आज दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस ने यदुबाबू बाजार मोड़ पर बीजेपी और ईडी की इस गहरी साजिश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और बैनर पोस्टर के जरिए अपनी बात रखी। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे बीजेपी और तृणमूल दोनों का असली चेहरा लोगों के सामने लाएंगे। दोनों दल मिलकर बंगाल की जनता को धोखा दे रहे हैं। एक तरफ बीजेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दिखावा करती है तो दूसरी तरफ तृणमूल को बचाने का रास्ता भी देती है। यह दोनों दलों की मिलीभगत का सबूत है।
जनता को भ्रमित करने की कोशिश
कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी और तृणमूल दोनों मिलकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। एक तरफ धार्मिक मुद्दों पर ध्रुवीकरण किया जाता है तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के नाम पर नाटक। इससे असली मुद्दे पीछे रह जाते हैं और लोगों का ध्यान बंट जाता है। गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जैसे असली मुद्दों पर कोई बात नहीं होती।
आशुतोष चटर्जी ने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों पर लोगों के बीच जाएगी। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में हो रहे बदलाव के खिलाफ आवाज उठाएगी। साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को भी उजागर करेगी। कांग्रेस का लक्ष्य है कि लोगों को सच्चाई पता चले और वे सही फैसला ले सकें।
संस्थागत विरोधी वोट हासिल करने की कोशिश
कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी और तृणमूल दोनों ही संस्थागत विरोधी वोट अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक को बचाने का दिखावा और दूसरे को पकड़ने का नाटक। इससे दोनों को फायदा होता है और असली विपक्ष कमजोर होता है।
प्रदीप प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस इस खेल को समझती है और लोगों को भी समझाएगी। हम न बीजेपी के साथ हैं न तृणमूल के साथ। हम सिर्फ जनता के साथ हैं और जनहित के मुद्दों पर लड़ेंगे। चाहे वह मनरेगा का मुद्दा हो या भ्रष्टाचार का, हम हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ेंगे।
देशव्यापी अभियान की तैयारी
एआईसीसी के निर्देश के बाद कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाओ अभियान चलाने की तैयारी में है। यह अभियान दो महीने तक चलेगा और इसमें जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और जनजागरण कार्यक्रम होंगे। कांग्रेस का मकसद है कि लोगों को पता चले कि उनके अधिकारों के साथ क्या हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना गरीबों की जीवनरेखा थी। इसने करोड़ों लोगों को रोजगार दिया और गांवों में विकास का रास्ता खोला। लेकिन अब इसे कमजोर किया जा रहा है। बजट में कटौती की जा रही है और नियमों में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जो गरीबों के खिलाफ हैं। कांग्रेस इसका विरोध करेगी और इस योजना को बचाने की लड़ाई लड़ेगी।
आज के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया कि वे बीजेपी और तृणमूल दोनों की नीतियों के खिलाफ हैं। वे जनता के असली मुद्दों पर लड़ेंगे और किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश करेंगे।