पश्चिम बंगाल के मौसम विभाग ने राज्य के लिए आने वाले एक हफ्ते का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। अलीपुर मौसम विभाग की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अन्वेषा भट्टाचार्य ने बताया कि अगले पांच से सात दिनों तक राज्य में तापमान में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। न्यूनतम तापमान में बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है और पूरे राज्य में पारा सामान्य से नीचे ही बना रहेगा।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण बंगाल में अधिकतम तापमान अगले तीन दिनों तक सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस नीचे रहेगा। उसके बाद तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं उत्तरी बंगाल के इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस नीचे बना रहेगा।
तापमान में स्थिरता बनी रहेगी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे ही रहने का अनुमान है। यह स्थिति अगले पांच से सात दिनों तक बनी रह सकती है। इसका मतलब है कि राज्य के लोगों को ठंड से राहत मिलने में अभी कुछ समय लगेगा।
दक्षिण बंगाल के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान अगले तीन दिनों तक सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम रहेगा। इसके बाद तापमान में थोड़ी वृद्धि हो सकती है, लेकिन यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं होगी। वहीं उत्तरी बंगाल में स्थिति और भी ठंडी बनी रहेगी।
उत्तरी बंगाल में तापमान गिरावट जारी
उत्तरी बंगाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस नीचे रहने की संभावना है। इन इलाकों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। खासतौर पर सुबह और शाम के समय लोगों को काफी ठंड का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि यह स्थिति कई दिनों तक बनी रह सकती है। उत्तरी जिलों में रहने वाले लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उत्तरी बंगाल में घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तरी बंगाल के कई जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, कोचबिहार और जलपाईगुड़ी जिलों में घने कोहरे का असर रहेगा। इन इलाकों में सुबह और शाम के समय दृश्यता काफी कम हो जाएगी।
घने कोहरे के कारण इन जिलों में यातायात पर असर पड़ सकता है। सड़क पर चलने वाले वाहनों को सावधानी बरतनी होगी। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोहरे के समय गाड़ी चलाते वक्त विशेष सावधानी बरतें और धीमी गति से चलें।
मालदा और उत्तर दिनाजपुर में शीत लहर की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार मालदा जिले में कल शीतल दिन की स्थिति थी। आज भी मालदा और उत्तर दिनाजपुर के कुछ हिस्सों में शीतल दिन की स्थिति बनी रह सकती है। जब अधिकतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री या उससे नीचे हो और न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए, तो मौसम विभाग शीतल दिन की घोषणा करता है।
इन जिलों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। शीत लहर के दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर जरूरी हो तो पूरी तरह गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखना बेहतर होगा।
आम जनजीवन पर प्रभाव
मौसम की इस स्थिति का आम जनजीवन पर काफी असर पड़ रहा है। ठंड और कोहरे के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से लोगों को घर से निकलने में दिक्कत हो रही है।
खासतौर पर मजदूर वर्ग के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग खुले में काम करते हैं, उन्हें ठंड से बचने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं। किसानों को भी फसलों की देखभाल में सावधानी बरतनी पड़ रही है।
यातायात व्यवस्था पर असर
घने कोहरे के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय कई जगहों पर दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। इसके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं।
मौसम विभाग और यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कोहरे में गाड़ी चलाते समय हेडलाइट जलाकर रखें और धीमी गति से चलें। जरूरी नहीं हो तो सुबह जल्दी यात्रा करने से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
ठंड के मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्म कपड़े पहनें और गर्म चीजों का सेवन करें। ठंड में सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां जल्दी फैलती हैं।
बुजुर्गों और बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है। उन्हें ठंड से बचाने के लिए पूरे कपड़े पहनाने चाहिए। घर को गर्म रखने के उपाय करने चाहिए। सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। लोगों से अनुरोध है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सावधानी बरतें।