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टीसीएस का मुनाफा 14 फीसदी घटकर 10,657 करोड़ रुपये पर आया, राजस्व में हुई बढ़ोतरी

TCS Q3 Profit: टाटा कंसल्टेंसी का तिमाही मुनाफा घटा, जानें पूरी जानकारी
TCS Q3 Profit: टाटा कंसल्टेंसी का तिमाही मुनाफा घटा, जानें पूरी जानकारी (File Photo)
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का दिसंबर तिमाही शुद्ध मुनाफा 14% घटकर 10,657 करोड़ रुपये रहा जबकि राजस्व 4.86% बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये हुआ। परिचालन मार्जिन 25.2% पर स्थिर रहा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से वार्षिक आय 17% बढ़कर 1.8 बिलियन डॉलर हुई। कंपनी ने 9.3 बिलियन डॉलर के नए अनुबंध हासिल किए। शेयर 0.86% बढ़कर 3,235.70 रुपये पर बंद हुआ।
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देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने सोमवार 12 जनवरी 2025 को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.91 फीसदी घटकर 10,657 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि कंपनी की आय में वृद्धि देखी गई है जो व्यवसाय की मजबूती को दर्शाती है।

टाटा समूह की यह प्रमुख कंपनी भारतीय आईटी क्षेत्र में अग्रणी है और वैश्विक स्तर पर अपनी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी के ताजा नतीजों ने बाजार विश्लेषकों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

तिमाही नतीजों की विस्तृत जानकारी

टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 12,380 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इससे पहले सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था। दिसंबर तिमाही के नतीजे इन आंकड़ों से कम रहे हैं जो एक चिंता का विषय हो सकता है।

हालांकि मुनाफे में कमी आई है, लेकिन कंपनी के परिचालन से होने वाली आय में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। समीक्षाधीन तिमाही में राजस्व 4.86 फीसदी बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये हो गया जबकि पिछली बार यह 63,973 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत व्यावसायिक स्थिति को दर्शाती है।

परिचालन लाभ मार्जिन में स्थिरता

कंपनी के बयान के अनुसार तीसरी तिमाही में परिचालन लाभ मार्जिन 25.2 फीसदी पर स्थिर रहा। यह सितंबर तिमाही के बराबर है लेकिन पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 24.5 फीसदी से अधिक है। यह आंकड़ा कंपनी की कार्यक्षमता में सुधार को दर्शाता है।

परिचालन मार्जिन का स्थिर रहना यह संकेत देता है कि कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने में सफल रही है। यह दीर्घकालिक व्यावसायिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।

कंपनी प्रमुख का बयान

टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने कहा कि सितंबर तिमाही में देखी गई वृद्धि की गति अगले तीन महीनों में भी जारी रही। उन्होंने कहा कि कंपनी की व्यावसायिक मजबूती बनी हुई है और विभिन्न क्षेत्रों से अच्छी मांग देखी जा रही है।

कृतिवासन के अनुसार कंपनी विभिन्न बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह रणनीति आने वाले समय में कंपनी की वृद्धि को गति देगी।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बढ़ी कमाई

कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली वार्षिक आय में 17 फीसदी से अधिक की छलांग लगी है। यह राशि अब 1.8 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि टीसीएस नई तकनीकों को अपनाने में आगे है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है और इस क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक है।

नए अनुबंधों की जानकारी

दिसंबर तिमाही में कंपनी ने कुल 9.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 77,000 करोड़ रुपये के नए अनुबंध हासिल किए। यह संख्या कुल अनुबंध मूल्य के आधार पर तय की जाती है। यह आंकड़ा कंपनी की भविष्य की आय के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।

नए अनुबंधों की यह संख्या बताती है कि बाजार में टीसीएस की सेवाओं की अच्छी मांग है। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां डिजिटल बदलाव के लिए टीसीएस पर भरोसा कर रही हैं।

शेयर बाजार में प्रदर्शन

सोमवार 12 जनवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर टीसीएस का शेयर 0.86 फीसदी की बढ़त के साथ 3,235.70 रुपये पर बंद हुआ। यह दर्शाता है कि निवेशकों ने कंपनी के नतीजों को सकारात्मक रूप से लिया।

शेयर में बढ़त यह संकेत देती है कि बाजार को कंपनी के राजस्व में वृद्धि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में प्रगति से उम्मीदें हैं। हालांकि मुनाफे में कमी आई है, लेकिन अन्य सकारात्मक पहलुओं ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।

आईटी क्षेत्र के लिए संकेत

टीसीएस के नतीजे पूरे भारतीय आईटी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। देश की सबसे बड़ी कंपनी के प्रदर्शन से अन्य कंपनियों के नतीजों का अनुमान लगाया जा सकता है।

राजस्व में वृद्धि यह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर आईटी सेवाओं की मांग बनी हुई है। हालांकि मुनाफे पर दबाव विभिन्न कारणों से हो सकता है जिसमें प्रतिस्पर्धा और परिचालन लागत शामिल हैं।

भविष्य की संभावनाएं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बढ़ती आय और नए अनुबंधों की अच्छी संख्या से कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिलते हैं। डिजिटल परिवर्तन की बढ़ती मांग से टीसीएस को फायदा होने की उम्मीद है।

कंपनी नई तकनीकों में निवेश कर रही है और अपनी सेवाओं को बेहतर बना रही है। यह रणनीति आने वाले समय में कंपनी की वृद्धि को गति देगी और मुनाफे में सुधार लाएगी।

कुल मिलाकर टीसीएस के नतीजे मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। मुनाफे में कमी चिंता का विषय है लेकिन राजस्व वृद्धि, स्थिर मार्जिन और नई तकनीकों में प्रगति सकारात्मक पहलू हैं जो कंपनी के मजबूत भविष्य की ओर इशारा करते हैं।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।