उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सेवा में एक बड़ा फैसला लेते हुए 1995 बैच के पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को अपर मुख्य सचिव के महत्वपूर्ण पद पर पदोन्नत किया है। यह पदोन्नति प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक अहम बदलाव का संकेत है। इन पांच अधिकारियों में डॉ. आशीष कुमार गोयल, संजय प्रसाद, अमृत अभिजात, आर. रमेश कुमार और मुकेश कुमार मेश्राम शामिल हैं। सभी पदोन्नत अधिकारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत संशोधित पे-मैट्रिक्स लेवल-17 में 2.25 लाख रुपये का मासिक वेतनमान दिया गया है। यह वेतनमान उनके कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होगा।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज ने सोमवार को इन सभी अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए। यह पदोन्नति राज्य सरकार की ओर से अनुभवी और योग्य अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
पदोन्नत अधिकारियों का परिचय और वर्तमान जिम्मेदारियां
डॉ. आशीष कुमार गोयल की भूमिका
डॉ. आशीष कुमार गोयल इस समय उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं। बिजली क्षेत्र में उनका योगदान काफी सराहनीय रहा है। उन्होंने विद्युत वितरण और आपूर्ति में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनकी कुशल प्रशासनिक क्षमता के कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है।
संजय प्रसाद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
संजय प्रसाद वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास गृह विभाग और सूचना विभाग की जिम्मेदारी भी है। यह दोनों ही विभाग राज्य प्रशासन के लिए अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। संजय प्रसाद ने इन विभागों में अपने कुशल नेतृत्व से कई सकारात्मक बदलाव किए हैं।
अमृत अभिजात का योगदान
अमृत अभिजात इस समय पर्यटन और संस्कृति विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात हैं। उत्तर प्रदेश एक समृद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत वाला राज्य है। अमृत अभिजात ने इस क्षेत्र के विकास के लिए कई नवीन योजनाओं को लागू किया है। पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
आर. रमेश कुमार का अनुभव
आर. रमेश कुमार राजस्व परिषद में सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है। उन्होंने राजस्व संग्रहण और भूमि प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कार्यशैली को हमेशा सराहा गया है।
मुकेश कुमार मेश्राम की विशेषज्ञता
मुकेश कुमार मेश्राम पशुपालन और डेयरी विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुकेश मेश्राम ने इस क्षेत्र में किसानों और पशुपालकों के हित में कई लाभकारी योजनाएं शुरू की हैं। डेयरी उद्योग के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को प्रोफार्मा पदोन्नति
इन पांच अधिकारियों के अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात तीन आईएएस अधिकारियों को भी प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इनमें भुवनेश कुमार, मृत्युंजय कुमार नारायण और संतोष कुमार यादव शामिल हैं। प्रोफार्मा पदोन्नति का अर्थ है कि ये अधिकारी केंद्र सरकार में अपनी सेवाएं देते हुए भी अपने गृह राज्य में पदोन्नति के हकदार हैं। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र में काम करने वाले अधिकारी भी अपने राज्य के सहयोगियों के साथ कैरियर में आगे बढ़ सकें।
भुवनेश कुमार, मृत्युंजय कुमार नारायण और संतोष कुमार यादव केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी पदोन्नति से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार अपने सभी योग्य अधिकारियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वेतनमान और अन्य लाभ
सातवें वेतन आयोग के तहत संशोधित पे-मैट्रिक्स लेवल-17 में पदोन्नत अधिकारियों को 2.25 लाख रुपये का मासिक वेतनमान प्राप्त होगा। यह वेतनमान अपर मुख्य सचिव के पद की गरिमा और जिम्मेदारी के अनुरूप है। इसके अलावा, इन अधिकारियों को आवास, वाहन, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्ते भी मिलेंगे।
यह पदोन्नति न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अनुभवी और योग्य अधिकारियों को बड़े पदों पर नियुक्त करने से प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।
पदोन्नति का प्रशासन पर प्रभाव
इन पांच वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति से उत्तर प्रदेश के प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। अपर मुख्य सचिव का पद राज्य प्रशासन में सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक है। इस पद पर बैठे अधिकारी नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. आशीष कुमार गोयल, संजय प्रसाद, अमृत अभिजात, आर. रमेश कुमार और मुकेश कुमार मेश्राम ने अपने लंबे सेवा काल में विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य किया है। उनका अनुभव और विशेषज्ञता अब और बड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन में काम आएगी।
राज्य सरकार की यह पहल यह भी दर्शाती है कि प्रदेश में योग्यता और अनुभव को महत्व दिया जाता है। यह कदम अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा और वे अपने कार्य में और अधिक समर्पण से जुटेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पांच आईएएस अधिकारियों की अपर मुख्य सचिव के पद पर पदोन्नति एक स्वागत योग्य निर्णय है। यह पदोन्नति न केवल इन अधिकारियों की मेहनत और योग्यता का सम्मान है, बल्कि राज्य के प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है। इन अनुभवी अधिकारियों के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। यह पदोन्नति राज्य सरकार की प्रशासनिक दूरदर्शिता और योग्यता आधारित नियुक्ति नीति का प्रतीक है।