चिटणीस नगर स्थित योग नृत्य परिवार द्वारा प्रभाग क्रमांक 28 में एक भव्य मतदान जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मतदान के महत्व से अवगत कराना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना था। योग नृत्य परिवार समाज में नियमित रूप से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जो समाज के विकास और जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस विशेष रैली में लगभग 100 से 125 महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने उत्साह और जोश के साथ मतदान के अधिकार और लोकतंत्र की मजबूती के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया।
चिटणीस नगर उद्यान से हुई शुरुआत
रैली की शुरुआत चिटणीस नगर उद्यान से की गई। यहाँ सभी प्रतिभागी एकत्रित हुए और मतदान के महत्व को दर्शाने वाले फलक, बैनर और पोस्टर लेकर आगे बढ़े। इन बैनरों पर लोकतंत्र, संविधान और मतदान से जुड़े प्रेरक नारे लिखे गए थे। योग नृत्य परिवार के सदस्यों ने सुनियोजित तरीके से इस रैली को आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर माननीय नितीन बर्गे और मोरेश्वर दुरुगकर ने नाट्यमय शैली में लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। नाटक के माध्यम से यह समझाया गया कि कैसे हर एक मत लोकतंत्र को मजबूत बनाता है और देश के विकास में योगदान देता है।

लोकतंत्र की मजबूती पर जोर
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए माननीय परमेश्वर राऊत ने मतदान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और जाति, धर्म या किसी भी अन्य आधार पर भेदभाव किए बिना योग्य उम्मीदवार को अपना मत दें।
परमेश्वर राऊत ने यह भी कहा कि जागरूक नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से सजग रहने और अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की अपील की।
प्रगति मैदान में मतदान प्रक्रिया की जानकारी
रैली चिटणीस नगर उद्यान से निकलकर दिघोरी परिसर के प्रगति मैदान पहुँची। यहाँ पर आयोजकों ने महानगरपालिका चुनाव की पूरी प्रक्रिया समझाई। मतदान कैसे किया जाता है, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग कैसे करें, और मतदान केंद्र पर किन नियमों का पालन करना चाहिए, इन सभी बातों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों ने लोगों को बताया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे चुनाव के दिन अवश्य मतदान केंद्र पर पहुँचें और अपने मत का उपयोग करें।

मोटरसाइकिल रैली और पथनाट्य का आकर्षण
प्रगति मैदान से रैली आगे बढ़ी और मोटरसाइकिल रैली के रूप में रमणा मारोती मार्ग से होते हुए ईश्वर नगर चौक तक पहुँची। इस मोटरसाइकिल रैली में युवाओं ने विशेष उत्साह दिखाया। वे अपनी मोटरसाइकिलों पर मतदान से संबंधित बैनर और झंडे लगाकर निकले, जिससे राहगीरों का ध्यान आकर्षित हुआ।
ईश्वर नगर चौक पर पथनाट्य का आयोजन किया गया। इस पथनाट्य के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की जानकारी को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अभिनय के जरिए दिखाया कि कैसे एक आम नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग करके देश की दिशा तय कर सकता है। यह पथनाट्य लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा और कई राहगीर रुककर इसे देखते रहे।
योग नृत्य परिवार का समाज के प्रति समर्पण
योग नृत्य परिवार चिटणीस नगर पिछले कई वर्षों से समाज के लिए विभिन्न प्रकार के अभिनव और सराहनीय कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। चाहे वह सांस्कृतिक कार्यक्रम हो, स्वास्थ्य शिविर हो या फिर सामाजिक जागरूकता अभियान, यह संगठन हमेशा समाज की भलाई के लिए आगे रहता है।
इस मतदान जागरूकता रैली को सफल बनाने में योग नृत्य परिवार के अनेक सदस्यों और सहयोगियों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दिया। सभी महिला और पुरुष सदस्यों ने मिलकर इस कार्यक्रम को एक यादगार आयोजन बना दिया।
नागरिकों की जिम्मेदारी
इस रैली का मुख्य संदेश यह था कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। चुनाव केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आधारशिला है। जब हर नागरिक जागरूक होकर मतदान करता है, तभी सही और योग्य प्रतिनिधि चुने जाते हैं।
आयोजकों ने यह भी कहा कि मतदान न करने से हम अपने ही अधिकार को कमजोर करते हैं। इसलिए हर किसी को अपने मताधिकार का सम्मान करना चाहिए और चुनाव के दिन जरूर वोट डालना चाहिए।
योग नृत्य परिवार द्वारा आयोजित यह मतदान जनजागरूकता रैली एक सफल और प्रेरक आयोजन रहा। इसमें शामिल सभी प्रतिभागियों ने मतदान के महत्व को समझा और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यह रैली न केवल एक जागरूकता अभियान था, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना जगाने का एक सशक्त माध्यम भी बना। योग नृत्य परिवार ने एक बार फिर साबित किया कि सामाजिक संगठनों की भागीदारी से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।