नागपुर शहर में मकर संक्रांति का त्योहार हर साल बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार भी शहर के विभिन्न इलाकों में पतंगबाजी की रौनक देखते ही बनती है। खासकर महाल और इतवारी परिसर में यह त्योहार अपने पारंपरिक रूप में मनाया गया, जहां लोगों ने बड़ी संख्या में पतंग उड़ाने का आनंद लिया।
सुबह से शुरू हुई तैयारियां
मकर संक्रांति के दिन सुबह से ही लोगों ने अपनी छतों और खुले मैदानों में पतंग उड़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी। बाजारों में पतंगों और माँझे की खरीदारी पहले से ही जोरों पर थी। रंग-बिरंगी पतंगें, विभिन्न आकार और डिजाइन की पतंगें दुकानों में सजी हुई थीं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
हवा की कमी से शुरुआती निराशा
हालांकि इस बार सुबह के समय हवा न चलने के कारण पतंग प्रेमियों को थोड़ी निराशा का सामना करना पड़ा। बिना हवा के पतंग उड़ाना मुश्किल हो रहा था और कई लोग अपनी छतों पर बैठे हवा का इंतजार कर रहे थे। कुछ उत्साही लोगों ने कोशिश की, लेकिन पतंगें ऊपर नहीं जा पा रही थीं। इससे लोगों के चेहरों पर मायूसी के भाव साफ दिखाई दे रहे थे।
दोपहर बाद बदला माहौल
लेकिन दोपहर चार बजे के बाद जैसे ही हवा चलनी शुरू हुई, पूरा माहौल ही बदल गया। आसमान में एक के बाद एक रंग-बिरंगी पतंगें उड़ने लगीं। लाल, पीली, हरी, नीली, गुलाबी और तरह-तरह के रंगों की पतंगों ने आसमान को सुंदर बना दिया। चारों ओर खुशी का माहौल छा गया और लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
महाल और इतवारी में विशेष रौनक
नागपुर के महाल और इतवारी इलाके में इस त्योहार की अलग ही रौनक देखने को मिली। ये इलाके अपनी पुरानी परंपराओं के लिए जाने जाते हैं और यहां मकर संक्रांति को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। घरों की छतों पर परिवार के सभी सदस्य इकट्ठा होकर पतंग उड़ा रहे थे। एक दूसरे की पतंग काटने की होड़ लगी हुई थी और जब कोई पतंग कटती थी तो चारों ओर से “काटा है” की आवाजें गूंज उठती थीं।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
इस बार के उत्सव में सबसे खास बात यह रही कि महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। पहले के समय में यह माना जाता था कि पतंग उड़ाना सिर्फ पुरुषों और बच्चों का काम है, लेकिन अब समय बदल गया है। महिला मंडल के सदस्य भी पूरे उत्साह के साथ पतंग उड़ाते नजर आए। उन्होंने न सिर्फ पतंग उड़ाई बल्कि पतंग काटने में भी अपना हुनर दिखाया। कुछ महिलाएं तो इतनी कुशल थीं कि उन्होंने कई पतंगें काट डालीं।
बच्चों का उत्साह
बच्चों के लिए यह दिन किसी त्योहार से कम नहीं था। छोटे-छोटे बच्चे अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ छतों पर मौजूद थे। कुछ बच्चे खुद पतंग उड़ा रहे थे तो कुछ अपने बड़ों की मदद कर रहे थे। उनकी किलकारियां और खुशी की आवाजें पूरे माहौल को और भी खुशनुमा बना रही थीं। कई बच्चों ने पहली बार पतंग उड़ाने की कोशिश की और जब उनकी पतंग आसमान में ऊंची उड़ने लगी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
मकर संक्रांति के दिन घरों में विशेष व्यंजन भी बनाए गए। तिल के लड्डू, गजक, चिक्की और अन्य मीठे पकवान बनाए गए। महिलाएं सुबह से ही रसोई में व्यस्त थीं और पूरे दिन घर में मिठाई की खुशबू आती रही। पतंग उड़ाने के बीच-बीच में लोग इन व्यंजनों का आनंद ले रहे थे।
कल नगर निकाय चुनाव की तैयारी
मकर संक्रांति के जश्न के बीच, कल होने वाले महानगरपालिका चुनावों की भी चर्चा जोरों पर है। नागपुर में नगर निकाय चुनाव एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है और सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उम्मीदवार अपने-अपने इलाकों में प्रचार में जुटे हुए हैं और वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक पतंगबाजी की तुलना
लोगों के बीच एक दिलचस्प बातचीत यह भी चल रही थी कि जिस तरह आज पतंगों की होड़ लगी है, उसी तरह कल चुनाव में भी एक अलग तरह की होड़ देखने को मिलेगी। आज पतंगें आसमान में ऊपर जाने और दूसरों की पतंगें काटने की कोशिश कर रही हैं, वैसे ही कल राजनेता भी अपनी जीत के लिए प्रयास करेंगे। कल यह तय होगा कि किसकी राजनीतिक “पतंग” सबसे ऊंची उड़ेगी और कौन विजयी होगा।
मतदाताओं की जिम्मेदारी
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मतदान के अधिकार का जरूर इस्तेमाल करें। प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर पूरी व्यवस्था कर दी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
नागपुर में मकर संक्रांति का यह उत्सव न सिर्फ एक त्योहार है बल्कि लोगों को एक साथ लाने का माध्यम भी है। परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को निभाते हैं। वहीं कल के चुनाव लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक हैं। आज पतंगों का जश्न मनाने के बाद कल मतदाता अपनी पसंद के प्रतिनिधि को चुनेंगे और तय करेंगे कि आने वाले समय में शहर का विकास किस दिशा में होगा।