जरूर पढ़ें

सिरमौर में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत

सिरमौर में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट
सिरमौर में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट ( सांकेतिक तस्वीर)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के तलंगाना गांव में देर रात आग लगने से एक ही परिवार के छह लोगों की जलकर मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट की आशंका है। गांव में शोक और प्रशासन जांच में जुटा है।

Updated:

Himachal Fire Accident: हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ी इलाके सिरमौर से आई खबर पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धनडूरी पंचायत के तलंगाना गांव में देर रात हुआ अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के उजड़ जाने की दर्दनाक कहानी है। रात करीब 3 बजे जब पूरा गांव गहरी नींद में था, उसी समय एक घर में उठी आग की लपटों ने छह जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया।

इस हादसे में कविता देवी, उनकी मासूम बेटियां सारिका और कृतिका, तृप्ता देवी और नरेश कुमार की जलकर मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि आग पर काबू पाने से पहले ही पूरा मकान राख में तब्दील हो चुका था। गांव की तंग गलियां, अंधेरा और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत कार्य में भी कठिनाइयां आईं।

रात के सन्नाटे में टूटी चीखें

स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि घर के भीतर सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। लकड़ी से बने मकान और अंदर रखे घरेलू सामान ने आग को और भड़का दिया। ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक लपटें पूरे घर को निगल चुकी थीं।

सिलेंडर फटने से बढ़ी तबाही

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने के बाद एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे आग और विकराल हो गई। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। यह विस्फोट इस बात की गवाही देता है कि आग कितनी भयावह स्थिति में पहुंच चुकी थी।

प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही संगडाह के एसडीएम सुनील कुमार घटनास्थल के लिए रवाना हुए। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। घायल एक व्यक्ति को तत्काल रेस्क्यू कर राजगढ़ अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस और अग्निशमन विभाग विस्तृत जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

गांव में पसरा मातम

तलंगाना गांव में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। जिन बच्चों की किलकारियां कभी घर-आंगन में गूंजती थीं, आज उन्हीं के नाम पर सन्नाटा छाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परिवार बेहद साधारण जीवन जीता था और पूरे गांव में अपनी सादगी के लिए जाना जाता था।

भाजपा नेतृत्व ने जताया शोक

इस हृदयविदारक घटना पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। सभी नेताओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।

भाजपा नेतृत्व ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, राहत और पुनर्वास की व्यवस्था शीघ्र करने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग।
• जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।
• जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन।
• हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।