नागपुर शहर में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुपारी कारोबार से जुड़े व्यापारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। शहर और आसपास के इलाकों में एक साथ 20 से ज्यादा ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी की। यह कार्रवाई टैक्स चोरी से जुड़े मामलों को लेकर की गई है।
आयकर विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सुपारी के कारोबार में बड़े पैमाने पर आय छिपाई जा रही है। इसी जानकारी के आधार पर यह छापेमारी की गई।
एक साथ कई जगहों पर हुई कार्रवाई
आयकर विभाग की टीमों ने सुबह-सुबह नागपुर के अलग-अलग इलाकों में छापे मारे। इसमें गोदाम, दफ्तर, दुकानों और कुछ व्यापारियों के घर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी योजना के साथ की गई ताकि किसी को पहले से भनक न लगे।
टीमों ने जरूरी कागजात, कंप्यूटर, मोबाइल और हिसाब-किताब से जुड़ी फाइलों की जांच की। कई जगहों पर घंटों तक जांच चलती रही।
सुपारी कारोबार पर क्यों है नजर
सुपारी का कारोबार नकद लेन-देन के लिए जाना जाता है। आयकर विभाग का मानना है कि इसी वजह से इस क्षेत्र में टैक्स चोरी की संभावना ज्यादा रहती है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ व्यापारी अपनी असली आमदनी कम दिखा रहे थे। बिक्री और मुनाफे का सही हिसाब सरकारी रिकॉर्ड में नहीं दिया जा रहा था। इसी शक के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीमों ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर और मोबाइल फोन से भी डेटा लिया गया है।
अधिकारी अब इन रिकॉर्ड का मिलान बैंक खातों और टैक्स रिटर्न से करेंगे। अगर इसमें गड़बड़ी पाई जाती है तो आगे की कार्रवाई और तेज हो सकती है।
व्यापारियों में मचा हड़कंप
इस अचानक हुई कार्रवाई से सुपारी कारोबार से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानों पर कामकाज कुछ समय के लिए रुक गया।
कुछ व्यापारी खुद को निर्दोष बता रहे हैं और कह रहे हैं कि वे पूरा टैक्स भरते हैं। वहीं आयकर विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
आयकर विभाग का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए आयकर विभाग ने साफ संदेश दिया है कि टैक्स चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ऐसे सभी कारोबार पर नजर रखे हुए है जहां नकद लेन-देन ज्यादा होता है।
अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी ताकि ईमानदार टैक्स देने वालों के साथ अन्याय न हो।
आगे क्या हो सकता है
जांच पूरी होने के बाद जिन व्यापारियों पर टैक्स चोरी साबित होगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
आयकर विभाग का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो अन्य शहरों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।