महाराष्ट्र सरकार ने 17 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इस बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पुलिस कल्याण से लेकर किसानों की सिंचाई सुविधा, युवाओं के रोजगार और आम नागरिकों को राहत देने वाले निर्णय शामिल हैं। इन फैसलों से राज्य के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुंबई पुलिस आवास परियोजना को मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने गृह विभाग के अंतर्गत एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। मुंबई में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 40 से 45 हजार सरकारी आवास बनाए जाएंगे। इस परियोजना का नाम “मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप परियोजना” रखा गया है। इस पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह योजना पुलिस बल के जीवन स्तर को सुधारने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुंबई जैसे महंगे शहर में रहना पुलिसकर्मियों के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। इस परियोजना से उन्हें आवास की सुविधा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों पर बेहतर ध्यान दे सकेंगे। यह योजना राज्य सरकार की पुलिस कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बेंबला नदी परियोजना के लिए बड़ा बजट
जलसंपदा विभाग ने यवतमाल जिले में बेंबला नदी परियोजना के लिए 4,775 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस परियोजना से 58,768 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। यह कदम विदर्भ क्षेत्र के किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगा। इस क्षेत्र में पानी की कमी हमेशा से एक गंभीर समस्या रही है।
इसके अलावा, इस परियोजना के तहत अमरावती जिले के धामक गांव का पुनर्वसन भी किया जाएगा। परियोजना से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। यह परियोजना विदर्भ के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर
कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक नई संस्था की स्थापना को मंजूरी दी है। MAHIMA नाम की यह संस्था युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। इससे महाराष्ट्र के युवा विदेशों में बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
यह संस्था युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ-साथ विदेशी कंपनियों से जोड़ने का काम करेगी। बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे राज्य के लिए यह एक सकारात्मक पहल है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
अटल सेतु पर टोल छूट का विस्तार
नगर विकास विभाग ने आम नागरिकों को राहत देते हुए अटल सेतु पर 50 प्रतिशत टोल छूट को वर्ष 2026 तक बढ़ा दिया है। इससे मुंबई और नवी मुंबई के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को पूर्ण टोल छूट देने का फैसला किया गया है।
यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और प्रदूषण कम करने में मदद करेगा। सरकार का यह निर्णय पर्यावरण के प्रति उसकी जागरूकता को दर्शाता है।
पनवेल में अण्णासाहेब पाटील महामंडल को जमीन
नगर विकास विभाग ने अण्णासाहेब पाटील महामंडल को पनवेल में मुख्यालय के लिए भूखंड आवंटित करने का निर्णय लिया है। यह जमीन मात्र 1 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से दी जाएगी। यह संस्था पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए काम करती है और इस निर्णय से उनकी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
सांख्यिकी विभाग को मिला नया दर्जा
नियोजन विभाग ने अर्थ एवं सांख्यिकी संचालनालय को “आयुक्तालय” का दर्जा देने के साथ ही 1,901 नए पदों को स्वीकृति दी है। यह कदम राज्य की सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाएगा। सही आंकड़े और विश्लेषण नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस निर्णय से राज्य की योजना बनाने की क्षमता में सुधार होगा।
मुंबई शहरी परिवहन परियोजना का विस्तार
मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP-2) के संशोधित वित्तीय ढांचे को मंजूरी मिली है। इस परियोजना के लिए अब 8,087 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मुंबई में हर दिन लाखों लोग लोकल ट्रेन से यात्रा करते हैं। इस परियोजना से उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगी। यह शहर के परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुणे में हजार ई-बसों का संचालन
पुणे शहर में 1,000 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण मुक्त होती हैं और शहर की हवा को साफ रखने में मदद करती हैं।
पुणे में बढ़ती आबादी के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। ई-बसों के आने से न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि लोगों को सस्ता और सुविधाजनक परिवहन भी मिलेगा।
ठाणे में कृषि निर्यात केंद्र की स्थापना
ठाणे जिले के बापगांव में कृषि निर्यात के लिए मल्टी मॉडल हब की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इससे किसानों की उपज को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। यह केंद्र किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मल्टी मॉडल हब में भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
महाराष्ट्र सरकार के ये फैसले राज्य के समग्र विकास की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे पुलिस कल्याण, किसान समृद्धि, युवा रोजगार और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। सरकार की यह सोच सभी वर्गों के विकास को समान महत्व देती है।