चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और इसका सीधा असर चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ पर दिख रहा है। 20 जनवरी को चांदी ईटीएफ अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। बाजार विशेषज्ञों ने इस स्थिति में निवेशकों के लिए अहम सुझाव दिए हैं कि क्या अभी निवेश करना सही कदम होगा या फिर थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा।
आज चांदी की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गईं। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की धमकी दे रहे हैं। इस तनाव के चलते मार्च में समाप्त होने वाली चांदी की फ्यूचर कीमतों में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 3,18,729 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल
मई और जुलाई में समाप्त होने वाली फ्यूचर कीमतों में भी 3 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मई वाली कीमत 3,28,854 रुपये प्रति किलोग्राम और जुलाई वाली 3,35,885 रुपये प्रति किलोग्राम के नए स्तर पर पहुंच गई।
हाल के दिनों में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए आठ यूरोपीय देशों पर नए शुल्क लगा दिए हैं। 1 फरवरी से यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 10 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। यह शुल्क 1 जून को बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगा और तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करने के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता।
अमेरिका यूरोप तनाव का असर
ट्रंप ने सोमवार को सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना को भी नकारा नहीं। यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की मांगों को खारिज कर दिया है। कुछ देशों ने तो अमेरिका के खिलाफ जवाबी आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
रॉयटर्स ने केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर के हवाले से बताया कि ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय मामलों में विघटनकारी नीति और ब्याज दरों को कम देखने की इच्छा कीमती धातुओं के लिए बहुत अच्छी है। यही कारण है कि सोने और चांदी में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।
चांदी ईटीएफ में बड़ी तेजी
ग्रो सिल्वर ईटीएफ में 7 फीसदी से अधिक की छलांग लगी और यह 308.37 रुपये के नए 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। टाटा सिल्वर ईटीएफ, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ईटीएफ, आदित्य बिड़ला सिल्वर ईटीएफ, एडलवाइस सिल्वर ईटीएफ और मिराए एसेट सिल्वर ईटीएफ में भी करीब 5 फीसदी की तेजी आई।
यूटीआई सिल्वर ईटीएफ, डीएसपी सिल्वर ईटीएफ, एक्सिस सिल्वर ईटीएफ, एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ, जेरोधा सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ में 4 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई। आईसीआईसीआई प्रू सिल्वर ईटीएफ, निप्पॉन सिल्वर ईटीएफ और एसबीआई सिल्वर ईटीएफ में करीब 4 फीसदी की तेजी रही।
क्या अभी चांदी ईटीएफ खरीदना सही रहेगा
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशन लीड रॉस मैक्सवेल ने कहा कि नए निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए अभी सबसे बड़ा खतरा कीमत का ऊंचा होना और बाजार का रुझान है। उन्होंने बताया कि चांदी सोने की तुलना में कहीं अधिक अस्थिर होती है। तेज बढ़ोतरी के बाद अक्सर तेज गिरावट भी देखने को मिलती है जब सट्टेबाजी का दबाव कम हो जाता है।
मैक्सवेल के मुताबिक मौजूदा ऊंचे स्तर पर निवेश करने से नए निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है अगर कीमतें स्थिर होती हैं या तेजी से गिरती हैं। जो लोग अभी भी निवेश करना चाहते हैं उनके लिए बेहतर तरीका है कि वे डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग रणनीति अपनाएं। यानी छोटी-छोटी किस्तों में निवेश करें जिससे औसत कीमत कम हो और समय का जोखिम भी घट जाए।
निवेशकों को क्या करना चाहिए
जो निवेशक अपनी स्थिति से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं उनके लिए मैक्सवेल ने कहा कि अगर चांदी में निवेश सुरक्षा के लिहाज से या अल्पकालिक व्यापार के रूप में किया गया था तो यह समय कम से कम आंशिक लाभ लेने का उचित है। लाभ को सुरक्षित करना और संतुलित पोर्टफोलियो बनाना अचानक गिरावट से बचाने में मदद करता है जो कीमती धातुओं में आम बात है।
हालांकि जिन निवेशकों की लंबी अवधि की सोच है और जो औद्योगिक मांग तथा कम आपूर्ति जैसे ढांचागत कारकों में विश्वास रखते हैं वे अपनी मुख्य स्थिति बनाए रखना जारी रख सकते हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि यह बड़े नए निवेश के लिए आदर्श कीमत नहीं है और मौजूदा निवेशकों के लिए आंशिक लाभ लेना पूरी तरह बाहर निकलने की बजाय एक तर्कसंगत जोखिम प्रबंधन कदम है।
बाजार की स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव और व्यापार शुल्क को लेकर तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल रहा है। चांदी और सोना जैसी कीमती धातुएं ऐसे समय में निवेशकों की पहली पसंद बन जाती हैं।
चांदी की मांग सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं बल्कि औद्योगिक उपयोग में भी लगातार बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में चांदी की जरूरत बढ़ने से इसकी कीमतों में मजबूती बनी हुई है। लेकिन निवेशकों को सावधान रहना जरूरी है क्योंकि कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव आम बात है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि एकमुश्त बड़ा निवेश करने की बजाय छोटी किस्तों में निवेश करना अधिक सुरक्षित रहता है। इससे जोखिम कम होता है और औसत कीमत भी बेहतर मिलती है। पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना भी जरूरी है ताकि किसी एक क्षेत्र में गिरावट का असर पूरे निवेश पर न पड़े।
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