जरूर पढ़ें

बॉर्डर 2 के गानों से छाए विशाल मिश्रा, उन्नाव से बॉलीवुड तक संघर्ष और सफलता की कहानी

Vishal Mishra Success Story: विशाल मिश्रा की आवाज ने फिर जीता दिल, उन्नाव से बॉलीवुड तक का सफर
Vishal Mishra Success Story: विशाल मिश्रा की आवाज ने फिर जीता दिल, उन्नाव से बॉलीवुड तक का सफर (Image Source: IMDB/IG Photo)
बॉर्डर 2 के गाने रिलीज से पहले ही लोगों के दिलों पर छा गए हैं. विशाल मिश्रा की आवाज ने फिल्म के गीतों को खास बना दिया है. उन्नाव से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचे विशाल की कहानी संघर्ष, मेहनत और कभी हार न मानने की मिसाल है.
Updated:

बॉर्डर सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह देशभक्ति, जज्बे और भावनाओं का नाम है. 90 के दशक में आई फिल्म बॉर्डर आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है. अब जब बॉर्डर 2 आने वाली है, तो दर्शकों की उम्मीदें और भावनाएं दोनों जुड़ गई हैं. फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही इसके गाने लोगों के दिलों पर असर डाल रहे हैं.

बॉर्डर 2 के गानों को अपनी आवाज देने वाले सिंगर विशाल मिश्रा इन दिनों चर्चा में हैं. उनकी सादगी भरी आवाज और दिल को छूने वाले गाने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. हर तरफ उनके गानों पर रील्स बन रही हैं और लोग उनकी आवाज की तारीफ कर रहे हैं.

बॉर्डर 2 के गानों ने बढ़ाया लोगों का उत्साह

फिल्म रिलीज से पहले ही इसके गानों ने माहौल बना दिया है. बॉर्डर 2 के गीतों में देश के लिए प्यार, जुदाई का दर्द और भावनाओं की गहराई साफ झलकती है. विशाल मिश्रा की आवाज इन भावनाओं को और मजबूत बनाती है.

विशाल मिश्रा की आवाज बनी फिल्म की जान

विशाल मिश्रा ने बॉर्डर 2 में जाते हुए लम्हे, प्यारी लगी और संदेशे आते हैं जैसे गानों को अपनी आवाज दी है. इन गानों के बोल सीधे दिल तक पहुंचते हैं. यही वजह है कि दर्शक इन गानों से खुद को जोड़ पा रहे हैं. विशाल की आवाज में सच्चाई और अपनापन महसूस होता है.

सोशल मीडिया पर गानों की धूम

बॉर्डर 2 के गाने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गए. लोग इन गानों पर वीडियो बना रहे हैं और अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं. युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इन गीतों को पसंद कर रहा है.

रियलिटी शो से रिजेक्शन, फिर भी नहीं मानी हार

आज जिस विशाल मिश्रा की आवाज हर जगह सुनाई दे रही है, कभी उन्हें एक रियलिटी शो में रिजेक्ट कर दिया गया था. बहुत कम लोग जानते हैं कि विशाल ने अपने करियर की शुरुआत इंडियन आइडल के ऑडिशन से की थी. उस समय उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला.

रिजेक्शन बना सीख

रिजेक्ट होने के बाद विशाल निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी आवाज पर और मेहनत की. हर दिन कुछ नया सीखते गए और खुद को बेहतर बनाते रहे.

संगीतकार ललित पंडित का साथ

विशाल को संगीतकार ललित पंडित का मार्गदर्शन मिला. उनके साथ काम करके विशाल को संगीत की गहराई समझने का मौका मिला. इस मार्गदर्शन ने उनके करियर को नई दिशा दी.

उन्नाव से मुंबई तक का कठिन सफर

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जैसे छोटे शहर से निकलकर मुंबई में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था. शुरुआत में विशाल को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. रहने, काम और पहचान बनाने की जंग हर दिन चलती रही.

मेहनत और लगन का फल

विशाल ने कभी हालात से समझौता नहीं किया. उन्होंने अपनी हर गलती से सीखा और खुद को आगे बढ़ाया. उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे लोग उनकी आवाज को पहचानने लगे.

बॉलीवुड में मिली पहचान

2016 में तमिल फिल्म देवी से विशाल ने म्यूजिक कंपोजर के रूप में शुरुआत की. इसके बाद 2017 में गाना जाने दे से उन्हें पहचान मिली. लेकिन असली सफलता 2019 में फिल्म कबीर सिंह के गाने कैसे हुआ से मिली. इस गाने ने उन्हें हर घर में मशहूर कर दिया.

आज के दौर के लोकप्रिय सिंगर

आज विशाल मिश्रा बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर बन चुके हैं. उनके गाने दिल को छूते हैं और लंबे समय तक याद रहते हैं.

प्रेरणा देने वाली सोच

विशाल मिश्रा मानते हैं कि उनके आइडल आर डी बर्मन और जगजीत सिंह हैं. इन महान कलाकारों से उन्हें संगीत में सच्चाई और भावना सीखने को मिली.

सुपरहिट गानों की लंबी सूची

विशाल के सुपरहिट गानों में राम आएंगे, चल तेरे इश्क में, पहले भी मैं, कैसे हुआ और हमदम जैसे गाने शामिल हैं. अब बॉर्डर 2 के गानों के साथ उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई है.

विशाल मिश्रा की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सपने देखते हैं लेकिन मुश्किलों से डरते हैं. उनकी सफलता बताती है कि अगर मेहनत और भरोसा बना रहे, तो मंजिल जरूर मिलती है.

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।