Prayagraj Aircraft Crash: बुधवार की सुबह प्रयागराज में रोज़ की तरह शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही पलों में शहर के एक हिस्से में ऐसा मंजर बन गया, जिसने लोगों को सन्न कर दिया। आसमान में उड़ता एक छोटा विमान अचानक संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा। तेज धमाके जैसी आवाज के साथ पूरा इलाका थर्रा उठा और लोग घरों, दुकानों और स्कूल परिसरों से बाहर निकल आए।
घटना धूमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुई, जहां भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट रूटीन अभ्यास उड़ान पर था। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे कोई बड़ी अनहोनी हो गई हो।
अचानक बिगड़ा संतुलन और तालाब में गिरा विमान
चश्मदीदों के मुताबिक, विमान सामान्य तरीके से उड़ान भर रहा था। शुरुआत में किसी को अंदेशा भी नहीं था कि कुछ गलत होने वाला है। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद विमान का संतुलन बिगड़ने लगा और वह तेजी से नीचे की ओर आने लगा। लोगों ने देखा कि पायलट विमान को संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, विमान तालाब में जा गिरा।
तालाब में गिरते ही पानी के तेज छींटे उड़े और आसपास मौजूद लोग घबराकर पीछे हट गए। कुछ सेकेंड के लिए पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया, फिर शोर मच गया।
चश्मदीदों ने दिखाई इंसानियत, दलदल में उतरकर बचाई जान
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। चश्मदीद पदम सिंह ने बताया कि वे स्कूल कैंपस में मौजूद थे, तभी अचानक रॉकेट जैसी तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वे दौड़ते हुए तालाब की ओर पहुंचे, तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे हुए हैं।
पदम सिंह और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी। दलदली पानी में उतरकर उन्होंने विमान में सवार लोगों को बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान स्थानीय युवाओं की बहादुरी और तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया।
दो पायलट सुरक्षित, राहत की सांस
भारतीय वायुसेना की ओर से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में दो पायलट सवार थे। हादसे के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्हें हल्की चोटें आई हैं, लेकिन किसी भी तरह की गंभीर चोट नहीं है।
पायलटों के सुरक्षित होने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन, वायुसेना और आम लोगों ने राहत की सांस ली। एंबुलेंस की मदद से दोनों को प्राथमिक जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, इलाके को किया गया सील
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं। तालाब के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया।
रेस्क्यू टीमों ने तालाब में गिरे विमान को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि तकनीकी जांच की जा सके और हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।
तकनीकी खराबी या मानवीय चूक? जांच में जुटी संयुक्त टीम
भारतीय वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम इस हादसे की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या उड़ान के दौरान संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।
वायुसेना के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेनिंग उड़ानों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है। इस घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।