स्वरूपनगर थाना क्षेत्र के निर्माण बाजार इलाके में एक निजी ऋण संस्था के कर्मचारी पर बदमाशों ने दिनदहाड़े आग्नेयास्त्र लेकर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना उस समय घटी जब ऋण वसूली कर्मचारी अपना काम पूरा करके पैसे लेकर वापस लौट रहा था। हमले में गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को बसीरहाट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिश ने घटना के बाद तत्परता दिखाते हुए एक बदमाश को आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
घटना का पूरा विवरण
सूत्रों के अनुसार, तीन बदमाश बाइक पर सवार होकर निर्माण बाजार इलाके में पहुंचे। उनका इरादा निजी ऋण संस्था के कर्मचारी बिश्वजीत मंडल से छीनाझपटी करके पैसे लूटने का था। बिश्वजीत मंडल अपने रोजमर्रा के काम के तहत ऋण वसूली का काम कर रहे थे और कई ग्राहकों से पैसे एकत्र करके वापस लौट रहे थे।
ठीक उसी समय तीनों बदमाशों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों के पास आग्नेयास्त्र था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने बिश्वजीत को डराने और धमकाने के लिए किया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उन्हें बुरी तरह पीटा और मारपीट में उनका सिर फोड़ दिया।
पीड़ित की हालत गंभीर
हमले में गंभीर रूप से घायल बिश्वजीत मंडल को तुरंत स्थानीय लोगों ने बसीरहाट जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में भर्ती बिश्वजीत ने अपनी पीड़ा बयान करते हुए बताया कि बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि ऋण वसूली जैसे काम में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कितनी लापरवाही बरती जा रही है। दिनदहाड़े ऐसा हमला यह साबित करता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्वरूपनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू की। पुलिस की सक्रियता से एक बदमाश को आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार बदमाश से पूछताछ चल रही है, जिससे अन्य दो फरार आरोपियों के बारे में जानकारी मिल सके।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरार बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है। विभिन्न इलाकों में छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी आरोपी भी गिरफ्तार हो जाएंगे।
सुरक्षा की चुनौती
यह घटना इस क्षेत्र में बढ़ते अपराध की ओर संकेत करती है। निजी ऋण संस्थाओं के कर्मचारी अक्सर नकदी लेकर घूमते हैं, जिससे वे अपराधियों के आसान निशाने बन जाते हैं। ऐसी कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि पुलिस गश्त बढ़ाए और ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई करे।