Cooch Behar Minor Rape Case: कूचबिहार जिले के जामालदहा इलाके में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र को उबाल पर ला दिया है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ स्थानीय लोगों में तीव्र आक्रोश देखने को मिला। उत्तेजित जनता ने सड़क जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी किया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विधायक अभिषेक बनर्जी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
जामालदहा में जनाक्रोश का विस्फोट
कूचबिहार के जामालदहा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। आक्रोशित भीड़ ने मुख्य सड़क को घंटों तक जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
यह घटना एक बार फिर पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को मजबूत करती है। आम जनता का मानना है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
दिलीप घोष के तीखे सवाल
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने इस मामले को राजनीतिक रंग देते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश या दिल्ली में बलात्कार की घटनाएं होती हैं, तो अभिषेक बनर्जी तुरंत ट्वीट करते हैं और बयान जारी करते हैं। लेकिन जब कूचबिहार में नाबालिग के साथ दुष्कर्म होता है, तो वे चुप्पी साध लेते हैं।
दिलीप घोष ने सवाल उठाया, “क्या कूचबिहार की बेटियां अभिषेक बनर्जी के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं? क्या सिर्फ दूसरे राज्यों में होने वाली घटनाओं पर राजनीति करने से काम चलेगा? अपने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?”
पंचायत चुनाव में अनियमितता के आरोप
दिलीप घोष ने पंचायत चुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भांगड़ 2 नंबर ब्लॉक में जो सूचनात्मक विसंगतियों की सूची निकाली गई है, वह निर्वाचन आयोग की नहीं है। जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है, तो फिर यह सूची किसने लगाई?
इसी तरह गाईघाटा के फुलशरा पंचायत में भी सूची लगाने के कुछ मिनटों के भीतर ही उसे हटा लिया गया। बीडीओ को कुछ भी पता नहीं कि सूची किसने लगाई। दिलीप घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, “क्या ये भूतिया सूचियां हैं? कौन लगा रहा है और कौन हटा रहा है?”
सुनवाई केंद्र और एसआईआर केंद्र में हंगामा
सुनवाई केंद्र पर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटना के बाद अब कुमारगंज में एसआईआर केंद्र पर माइक्रो ऑब्जर्वर को पीटने का आरोप सामने आया है। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल एसआईआर प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, “क्या ये सारी घटनाएं महज संयोग हैं? या फिर एक सुनियोजित साजिश के तहत चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है?”
वोटर सूची का गणित
दिलीप घोष ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि 1 करोड़ 68 लाख मतदाताओं में से किसी भी हालत में 1 करोड़ 36 लाख लोगों के नाम वोटर सूची से न हटने दें।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या 1 करोड़ 36 लाख सत्तारूढ़ दल के लिए जादुई संख्या है? क्या इतने मतदाताओं के नाम बचा लेने से तृणमूल फिर से सत्ता में आ जाएगी?”
ये आरोप पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल चुनाव प्रक्रिया में हेराफेरी कर रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है।
जनता की मांग
इन सभी घटनाओं के बीच आम जनता न्याय और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रही है। कूचबिहार में हुई दुष्कर्म की घटना में तत्काल कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग उठ रही है। साथ ही, पंचायत चुनाव को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए भी आवाजें उठ रही हैं।