Malda Drug Bust: पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले में पुलिश ने मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार रात को जिला पुलिश ने एक अवैध ड्रग फैक्ट्री पर छापा मारकर तीन महिलाओं समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 17 किलोग्राम ब्राउन शुगर, कच्चा माल, कई वाहन और लगभग आठ लाख रुपये नकद बरामद किए। यह माल्दा पुलिश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
माल्दा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
माल्दा जिला पुलिस ने पिछले कुछ समय से नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चला रखा है। सोमवार रात को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इंग्लिश बाजार थाना क्षेत्र के कुमारपुर इलाके में एक गोदाम में अवैध रूप से ब्राउन शुगर बनाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्काल उस स्थान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
पकड़े गए पांच आरोपियों में से कुछ के घर पड़ोसी राज्य बिहार में हैं, जबकि कुछ स्थानीय इंग्लिश बाजार थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। तीन महिलाओं और दो पुरुषों की इस टीम के खिलाफ पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि ये लोग लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और अलग-अलग इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे।
गोदाम से बरामद हुआ भारी माल
पुलिस ने गोदाम की तलाशी लेकर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और अन्य सामग्री बरामद की। इसमें लगभग 17 किलोग्राम ब्राउन शुगर शामिल है, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने ब्राउन शुगर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, विभिन्न प्रकार के औजार और उपकरण भी जब्त किए। गोदाम में कई चार पहिया वाहन, एक मोटरसाइकिल, एक आईफोन और लगभग आठ लाख रुपये नकद भी मिले, जो सभी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक का बयान
मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीत बनर्जी ने माल्दा पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माल्दा पुलिश ने मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में सोमवार रात को विशेष सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सके। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है।
नशीले पदार्थों का बढ़ता खतरा
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सालों में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार बढ़े हैं। खासकर सीमावर्ती इलाकों में ड्रग माफिया अपना जाल फैलाते जा रहे हैं। माल्दा जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है। यहां ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों का कारोबार चिंता का विषय बन गया है। युवा पीढ़ी इन नशीले पदार्थों की चपेट में आ रही है, जो समाज के लिए बड़ा खतरा है।
पुलिस का सख्त रुख
माल्दा जिला पुलिश ने मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसी और भी कार्रवाइयां होंगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की नशे की तस्करी की जानकारी हो तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को माल्दा जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की पुलिस रिमांड की मांग की है ताकि उनसे विस्तार से पूछताछ की जा सके। जांच के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये लोग कच्चा माल कहां से लाते थे और तैयार माल किन-किन जगहों पर भेजते थे। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
समाज पर असर
Malda Drug Bust: नशे का कारोबार सिर्फ कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। युवाओं को नशे की लत लग जाने से उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है। परिवार टूटते हैं और समाज में अपराध बढ़ते हैं। माल्दा जैसे जिलों में जहां युवा आबादी ज्यादा है, वहां नशे का कारोबार और भी खतरनाक है। इसलिए पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ कानून के लिहाज से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद जरूरी और सराहनीय है।
जनता का सहयोग जरूरी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। अगर लोग पुलिस को सही समय पर सही जानकारी दें तो ऐसे अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है। माल्दा पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां लोग गुमनाम रहकर भी जानकारी दे सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
माल्दा में हुई यह कार्रवाई राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस की इस सफलता से उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे और भी रैकेट पकड़े जाएंगे और समाज को नशे के इस अभिशाप से मुक्ति मिलेगी।