जरूर पढ़ें

एलन मस्क का दावा: दो-तीन साल में अंतरिक्ष में शिफ्ट हो जाएगा एआई का काम

Elon Musk Says AI Data Centers Moving to Space Soon: एलन मस्क का बड़ा दावा, अंतरिक्ष में शिफ्ट होगा एआई डेटा सेंटर
Elon Musk Says AI Data Centers Moving to Space Soon: एलन मस्क का बड़ा दावा, अंतरिक्ष में शिफ्ट होगा एआई डेटा सेंटर (File Photo)

Elon Musk Says AI Data Centers Moving to Space Soon: टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दो-तीन साल में एआई डेटा सेंटर्स को अंतरिक्ष में शिफ्ट करना होगा। मस्क का कहना है कि धरती की ऊर्जा संरचना इस खपत को पूरा नहीं कर पाएगी और अंतरिक्ष में सोलर ऊर्जा से यह काम आसान होगा।

Updated:

Elon Musk Says AI Data Centers Moving to Space Soon: दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल और टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क हमेशा भविष्य की तकनीक को लेकर अपने अनोखे विचार रखते हैं। अब उन्होंने एक बार फिर एक बड़ा दावा किया है जो पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर रहा है। मस्क ने कहा है कि आने वाले दो से तीन साल में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के डेटा सेंटर्स और कंप्यूटिंग सिस्टम को धरती से हटाकर अंतरिक्ष में ले जाना पड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह एआई सिस्टम की बढ़ती हुई ऊर्जा खपत है जो धरती पर मौजूद बिजली व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

एआई की बढ़ती ऊर्जा मांग पर मस्क की चिंता

एलन मस्क ने हाल ही में एक पॉडकॉस्ट में बातचीत करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ऊर्जा खपत पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि जिस तेजी से एआई तकनीक का विकास हो रहा है, उसी तेजी से इसकी बिजली की मांग भी बढ़ रही है। मस्क ने बताया कि अमेरिका जैसा बड़ा देश औसतन लगभग आधा टेरावाट बिजली का इस्तेमाल करता है। अगर एआई की मांग को पूरा करने के लिए इस बिजली उत्पादन को दोगुना करना पड़े, तो यह न केवल बेहद मुश्किल होगा बल्कि राजनीतिक रूप से भी बहुत चुनौतीपूर्ण साबित होगा।

मस्क के अनुसार, एआई डेटा सेंटर्स में बड़ी मात्रा में बिजली की खपत होती है। ये डेटा सेंटर्स दिन-रात काम करते हैं और इनके लिए लगातार बिजली की जरूरत होती है। जैसे-जैसे दुनिया भर में एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। इसी वजह से मस्क ने एक नया समाधान सुझाया है – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर्स स्थापित करना।

अंतरिक्ष में क्यों बेहतर है एआई का भविष्य

मस्क का तर्क है कि अंतरिक्ष में एआई सिस्टम चलाना धरती की तुलना में कहीं ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है सोलर ऊर्जा की निरंतर उपलब्धता। धरती पर सूरज की रोशनी दिन में ही मिलती है और मौसम, बादल तथा वायुमंडल की वजह से इसकी तीव्रता भी कम हो जाती है। लेकिन अंतरिक्ष में स्थित सौर पैनल लगातार सूर्य की सीधी रोशनी प्राप्त करते हैं।

धरती की कक्षा में लगाए गए सोलर पैनल्स को किसी भी तरह की वायुमंडलीय हानि नहीं होती। इस वजह से ये पैनल धरती पर लगे पैनलों की तुलना में कई गुना अधिक बिजली पैदा कर सकते हैं। मस्क ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए कहा कि अंतरिक्ष में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना एक सुविधाजनक और टिकाऊ समाधान हो सकता है।

स्पेसएक्स की भूमिका और लागत में कमी

एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स लगातार रॉकेट लॉन्च की लागत को कम करने पर काम कर रही है। मस्क ने कहा कि जैसे-जैसे सैटेलाइट लॉन्च करने और लोगों को अंतरिक्ष में भेजने की लागत घटेगी, वैसे-वैसे अंतरिक्ष में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना भी आसान और सस्ता होता जाएगा। स्पेसएक्स ने रियूजेबल यानी दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट्स भी बनाए हैं, जिनसे लॉन्च की लागत बहुत कम हो गई है।

स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और उनके साथी को वापस धरती पर लाने में मदद की थी। यह उदाहरण दिखाता है कि स्पेसएक्स की तकनीक कितनी विश्वसनीय और उन्नत है। इसी तकनीक के सहारे मस्क अंतरिक्ष में बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग सिस्टम स्थापित करने का सपना देख रहे हैं।

धरती पर रहने से रुक सकती है तकनीकी प्रगति

मस्क ने एक और महत्वपूर्ण बात कही कि अगर हम केवल पृथ्वी पर ही बने रहेंगे, तो तकनीकी रूप से हम कभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाएंगे। एआई का विकास रुक सकता है क्योंकि धरती की ऊर्जा व्यवस्था इसकी मांग को पूरा नहीं कर पाएगी। मस्क का मानना है कि अगले कुछ सालों में अंतरिक्ष में लगाई जाने वाली एआई कंप्यूटिंग क्षमता धरती पर लगाई जा रही क्षमता से कहीं ज्यादा हो जाएगी।

मस्क मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने का सपना देखते हैं। उनका मानना है कि मानवता को एक बहु-ग्रहीय प्रजाति बनना चाहिए। इसी सोच के तहत वे अंतरिक्ष में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को भी एक जरूरी कदम मानते हैं। उनके अनुसार, अंतरिक्ष में कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने से न केवल ऊर्जा की समस्या हल होगी बल्कि तकनीकी विकास की गति भी तेज होगी।

अमेरिका में एआई ऊर्जा खपत पर बहस

मस्क का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में एआई की वजह से होने वाली ऊर्जा खपत को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है। कुछ समय पहले अमेरिकी सरकार के व्यापारिक मामलों के मंत्री ने भी एआई डेटा सेंटर्स की बिजली खपत पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि भारत और चीन जैसे देशों के लोग एआई का इस्तेमाल करते हैं लेकिन उसकी ऊर्जा लागत अमेरिका क्यों उठाए? यह एक महत्वपूर्ण सवाल है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है।

डेटा सेंटर्स में बड़ी मात्रा में ऊर्जा की खपत होती है क्योंकि ये सेंटर्स चौबीसों घंटे काम करते हैं और इनमें शक्तिशाली सर्वर और कूलिंग सिस्टम होते हैं। जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इन डेटा सेंटर्स की संख्या भी बढ़ रही है, जिससे ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है।

क्या वाकई संभव है यह योजना

Elon Musk Says AI Data Centers Moving to Space Soon: हालांकि मस्क का यह विचार बहुत दिलचस्प और भविष्यवादी है, लेकिन इसे लागू करने में कई तकनीकी और आर्थिक चुनौतियां हैं। अंतरिक्ष में डेटा सेंटर्स बनाने के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी। इसके अलावा, अंतरिक्ष में उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव भी एक बड़ी समस्या हो सकती है। फिर भी, मस्क की कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वे असंभव दिखने वाले काम को भी संभव बना सकते हैं।

मस्क ने पहले भी कई ऐसी योजनाएं पेश की हैं जो शुरुआत में असंभव लगती थीं लेकिन बाद में हकीकत बन गईं। इलेक्ट्रिक कारों को मुख्यधारा में लाना, रियूजेबल रॉकेट्स बनाना और स्टारलिंक के जरिए पूरी दुनिया में इंटरनेट पहुंचाना – ये सभी मस्क की सफलता की कहानियां हैं। इसलिए अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर्स का उनका सपना भी एक दिन सच हो सकता है।

तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत

एआई तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और हमारे जीवन के हर क्षेत्र में इसका उपयोग बढ़ रहा है। लेकिन इसकी ऊर्जा खपत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। धरती पर पहले से ही ऊर्जा संकट है और जलवायु परिवर्तन की चुनौती भी सामने है। ऐसे में एआई की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नए और टिकाऊ समाधान खोजना जरूरी हो गया है।

मस्क का अंतरिक्ष में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का विचार इसी दिशा में एक कदम है। अगर यह योजना सफल होती है, तो न केवल ऊर्जा की समस्या हल होगी बल्कि धरती पर पर्यावरण पर भी दबाव कम होगा। अंतरिक्ष में असीमित सौर ऊर्जा उपलब्ध है जिसका उपयोग करके हम स्वच्छ और टिकाऊ तरीके से एआई तकनीक को आगे बढ़ा सकते हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।