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Surajkund Mela Accident: फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से भारी हादसा, एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 लोग घायल

Surajkund Mela Accident: फरीदाबाद में झूला टूटने से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल
Surajkund Mela Accident: फरीदाबाद में झूला टूटने से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल (Image Source: X/SonuYadav2125)

Surajkund Mela Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले के दौरान झूला टूटने से बड़ा हादसा हुआ। पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की बचाव के दौरान मौत हो गई और 13 लोग घायल हुए। घटना शाम 6:15 बजे हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दुख जताया और घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

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फरीदाबाद सूरजकुंड मेला हादसा

Surajkund Mela Accident: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आयोजित होने वाला सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह मेला अपनी संस्कृति, हस्तकला और मनोरंजन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। लेकिन इस बार मेले में एक बेहद दुखद घटना घटी है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। मेले के दौरान एक झूला अचानक टूट गया, जिसकी वजह से एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। यह हादसा शाम के करीब 6 बजकर 15 मिनट पर हुआ, जब मेले में भारी भीड़ जमा थी।

झूला टूटने से मचा हड़कंप

घटना के समय मेले में काफी रौनक थी। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मनोरंजन का आनंद ले रहे थे। झूले पर सवार लोग मजे कर रहे थे, तभी अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया। झूला टूटते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि झूला टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे इलाके में सुनाई दी। तुरंत ही अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित जगह की तलाश में भागने लगे।

पुलिस इंस्पेक्टर ने दी अपनी जान

इस हादसे में सबसे दुखद बात यह रही कि पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने अपनी जान गंवा दी। जब झूला पहली बार थोड़ा टूटा, तो पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद लोगों की मदद के लिए आगे बढ़े। वह लोगों को बचाने की कोशिश में लगे थे, तभी झूले का एक बड़ा हिस्सा उनके सिर और चेहरे पर गिर गया। वह तुरंत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनकर पूरे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

13 लोग घायल, कई की हालत गंभीर

इस हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं। जिला उपायुक्त आयुष सिंह ने बताया कि घायलों में से कुछ की हालत काफी गंभीर है। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। अस्पताल में घायलों के परिजन भी पहुंच गए हैं और वे अपने प्रियजनों की सेहत को लेकर काफी चिंतित हैं।

प्रशासन की तुरंत कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिला उपायुक्त आयुष सिंह, पुलिस अधीक्षक और पर्यटन विभाग के अधिकारी ने स्थिति का जायजा लिया। तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने पूरे इलाके को बैरिकेट कर दिया ताकि कोई और अनहोनी न हो सके। मेले के उस हिस्से को बंद कर दिया गया जहां यह हादसा हुआ था। साथ ही अन्य झूलों और सवारियों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री का दुख प्रकट करना

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के उचित और त्वरित इलाज के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यह हादसा सूरजकुंड मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल लाखों लोग इस मेले में आते हैं और मनोरंजन की सवारियों का लुत्फ उठाते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि सभी सवारियां और झूले पूरी तरह से सुरक्षित हों। लेकिन इस घटना से साफ है कि सुरक्षा मानकों का सही से पालन नहीं किया गया। यह पहली बार नहीं है जब सूरजकुंड मेले में कोई हादसा हुआ हो। इससे पहले भी फूड कोर्ट में तेज हवा के कारण एक गेट गिर गया था। इन घटनाओं से साफ जाहिर है कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था में काफी कमी है।

जांच के आदेश और आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने इस हादसे की गहन जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि झूला क्यों टूटा और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। झूला संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि क्या झूले की नियमित जांच की जा रही थी या नहीं। अगर किसी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल, मेले में लगे अन्य झूलों और सवारियों की भी सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने मेले के सभी संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें।

भविष्य में सुरक्षा के उपाय

Surajkund Mela Accident: इस घटना के बाद यह जरूरी हो गया है कि आने वाले समय में ऐसे मेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। सभी झूलों और सवारियों की नियमित जांच होनी चाहिए। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को इन सवारियों की जांच करनी चाहिए। साथ ही मेले में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात होने चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम भी मौजूद रहनी चाहिए। जनता की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार को ऐसे मेलों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी करने चाहिए और उनका पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

परिवार का दुख और समाज की जिम्मेदारी

पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गए। उन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। ऐसे बहादुर व्यक्ति की मौत पूरे समाज के लिए एक बड़ा नुकसान है। सरकार को उनके परिवार को पूरी मदद देनी चाहिए। साथ ही समाज को भी ऐसे परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा के प्रति लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।