बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ने वाली नई रेल सुविधा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि बेंगलुरु से मुंबई के बीच जल्द ही एक प्रीमियम ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। यह घोषणा कर्नाटक के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेल मंत्री ने बताया कि इस वर्ष के रेलवे बजट में कर्नाटक को रिकॉर्ड 7748 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह राशि पहले की तुलना में बहुत अधिक है और राज्य के रेल विकास के लिए एक मजबूत कदम साबित होगी।
वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आवंटन कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय में मिली राशि से नौ गुना अधिक है। इससे यह साफ होता है कि वर्तमान सरकार कर्नाटक के रेल विकास को लेकर कितनी गंभीर है। राज्य में रेलवे का कुल निवेश अब 52950 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस बड़े निवेश से रेल पटरियों का विस्तार, स्टेशनों का आधुनिकीकरण, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और कई नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलेगी।
प्रीमियम ट्रेन सेवा की जरूरत और मांग
बेंगलुरु और मुंबई दोनों ही भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच रोजाना हजारों लोग व्यापार, नौकरी और अन्य कामों के लिए आते-जाते हैं। फिलहाल इन दोनों शहरों को जोड़ने वाली ट्रेन सेवाएं मौजूद हैं, लेकिन एक प्रीमियम और तेज सेवा की मांग लंबे समय से थी। रेल मंत्री ने बताया कि बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस संबंध में संपर्क किया था। इसके अलावा कई अन्य जनप्रतिनिधियों और यात्रियों ने भी इस सेवा की मांग की थी।
रेल मंत्री ने कहा कि कई रेल खंडों का दोहरीकरण का काम चल रहा है। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, विद्युतीकरण का काम भी तेजी से हो रहा है। अभी इन लाइनों पर परीक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही ये प्रक्रियाएं पूरी होंगी, प्रीमियम ट्रेन सेवा के बारे में पूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। यात्रियों को जल्द ही एक आरामदायक, तेज और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
रेलवे बजट और कर्नाटक का विकास
कर्नाटक को मिले 7748 करोड़ रुपए के बजट से राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा। इस राशि का उपयोग नई रेल लाइनों के निर्माण, पुरानी लाइनों के दोहरीकरण, स्टेशनों के पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए किया जाएगा। बेंगलुरु उपनगरीय क्षेत्र में भी कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इससे शहर के भीतर और आसपास के इलाकों में आवाजाही आसान होगी।
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि संप्रग सरकार के समय में जो राशि मिलती थी, वह इस बजट के मुकाबले बहुत कम थी। यह तुलना बताती है कि वर्तमान सरकार ने कर्नाटक के रेल विकास को प्राथमिकता दी है। पिछले कुछ वर्षों में रेलवे की गति और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अब और भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
भूमि अधिग्रहण और राज्य सरकार से समन्वय
रेल मंत्री ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भूमि राज्य का विषय है, इसलिए केंद्र सरकार राज्य सरकार से लगातार समन्वय बनाए रखे हुए है। कई परियोजनाओं के लिए भूमि की जरूरत है और इसके बिना काम आगे नहीं बढ़ सकता। केंद्र सरकार सहकारी संघवाद में विश्वास रखती है और इसी भावना से राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है।
वैष्णव ने स्पष्ट किया कि वह किसी पर दोषारोपण नहीं करना चाहते। उनका उद्देश्य केवल जनहित में काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों का लक्ष्य जनता की सेवा करना होना चाहिए। यदि जरूरत पड़े तो वह भूमि अधिग्रहण से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दे सकते हैं, लेकिन उनका जोर सहयोग और समन्वय पर है, आरोप-प्रत्यारोप पर नहीं।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना में तेजी
बेंगलुरु में लगातार बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए उपनगरीय रेल परियोजना बहुत जरूरी है। रेल मंत्री ने बताया कि के-राइड परियोजना के लिए एक रेलवे अधिकारी को प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद परियोजना में तेजी आई है। अब डिजाइन तैयार हो चुके हैं और निविदा दस्तावेज भी बन गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
यह परियोजना बेंगलुरु की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा सुधार लाएगी। शहर के भीतर और बाहरी इलाकों को जोड़ने वाली यह सेवा लाखों लोगों के लिए फायदेमंद होगी। यात्रियों को समय पर और आरामदायक यात्रा मिलेगी, जिससे शहर की गतिशीलता बढ़ेगी।
यशवंतपुर-कोलार लाइन का महत्व
रेल मंत्री ने यशवंतपुर-कोलार रेल लाइन को बहुत अहम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए अपनी सहमति वापस ले ली है। यह एक चिंता का विषय है क्योंकि यह लाइन बेंगलुरु के विकास के लिए बहुत जरूरी है। वैष्णव ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह फिर से सहमति दे ताकि काम आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु की रेल क्षमता को दोगुना करना जरूरी है। तभी बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक रेल लाइनों का निर्माण जरूरी है। यशवंतपुर-कोलार लाइन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई में भी सुधार होगा।
रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण
रेल मंत्री ने रेलवे सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े निवेश का एक हिस्सा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगाया जाएगा। इसमें आधुनिक सिग्नल सिस्टम, ट्रैक मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार काम हो रहा है।
स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, खानपान की व्यवस्था और डिजिटल सूचना प्रणाली में सुधार किया जाएगा। इससे यात्रा का अनुभव अधिक सुखद और सुरक्षित होगा।
विद्युतीकरण और पर्यावरण
रेल लाइनों के विद्युतीकरण से न केवल ट्रेनों की गति बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। डीजल इंजन की जगह बिजली से चलने वाली ट्रेनें पर्यावरण के लिए बेहतर हैं। रेल मंत्री ने बताया कि विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही कई नई लाइनें इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए तैयार हो जाएंगी।
यह कदम सरकार की हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन की नीति के अनुरूप है। भविष्य में रेलवे पूरी तरह से बिजली पर निर्भर होगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और देश के पर्यावरण लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
आम जनता के लिए फायदे
बेंगलुरु-मुंबई प्रीमियम ट्रेन सेवा से व्यापारियों, पर्यटकों और नौकरीपेशा लोगों को बहुत फायदा होगा। तेज और सुविधाजनक यात्रा से समय की बचत होगी। प्रीमियम सेवा का मतलब है बेहतर सीट, स्वच्छता, खानपान और मनोरंजन की सुविधा। यह सेवा हवाई यात्रा का एक बेहतर विकल्प बन सकती है।
कर्नाटक में रेलवे के विकास से स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निर्माण कार्य, रखरखाव, स्टेशन प्रबंधन और अन्य सेवाओं में हजारों लोगों को काम मिलेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
सहकारी संघवाद की भूमिका
रेल मंत्री ने सहकारी संघवाद पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। विकास तभी संभव है जब दोनों स्तर पर समन्वय हो। भूमि अधिग्रहण, परियोजना मंजूरी और अन्य मुद्दों पर राज्य की सहमति जरूरी है। केंद्र सरकार इस भावना को समझती है और इसी के अनुसार काम कर रही है।
वैष्णव ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य सरकार भी रेल परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देगी। इससे कर्नाटक का रेल नेटवर्क मजबूत होगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। विकास की यह यात्रा तभी सफल होगी जब सभी मिलकर काम करेंगे।