ग्रामीण विकास की नई दिशा: आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
नागपुर जिले के उमरेड में आयोजित पंचायत समिति की समीक्षा बैठक में पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने के लिए स्पष्ट दिशा दी। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की असली ताकत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में छिपी है। यदि इन पांच क्षेत्रों पर सही तरीके से काम किया जाए तो ग्रामीण जीवन स्तर तेजी से सुधर सकता है।
मंत्री ने ग्राम स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों से कहा कि वे केवल कागजी योजनाएं न बनाएं, बल्कि लोगों की जरूरत और स्थानीय समस्याओं को समझकर मांग आधारित प्रस्ताव तैयार करें। इससे योजनाओं का फायदा सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा और विकास का असर जमीन पर दिखाई देगा।
ग्राम स्तर पर योजना बनाने पर जोर
बैठक में मंत्री ने कहा कि गांव के लोगों की भावनाओं और जरूरतों को समझना सबसे जरूरी है। ग्राम विस्तार अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित दौरा करें, लोगों से बात करें और उनकी समस्याओं का सही आंकलन करें। इसी आधार पर बनाई गई योजना ज्यादा सफल होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार योजनाएं ऊपर से बनती हैं, जिससे स्थानीय जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। इसलिए अब ग्राम स्तर से प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर तक भेजे जाएं, ताकि योजनाएं सही दिशा में लागू हों।
सरकारी भूमि पर बसे लोगों को राहत
बैठक के दौरान लंबे समय से सरकारी जमीन पर रह रहे पात्र परिवारों को नियमों के अनुसार पट्टे वितरित किए गए। इससे ऐसे परिवारों को स्थायी सुरक्षा मिली है और उनके जीवन में स्थिरता आएगी। मंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को उनका अधिकार समय पर मिलना चाहिए और इस प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाए।
साथ ही नागरिकों की शिकायतें और निवेदन भी स्वीकार किए गए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन मामलों का समाधान नियमों के अनुसार संभव है, उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए ताकि लोगों का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
विकास कार्यों के लिए निधि उपलब्ध
उमरेड, भिवापुर और कुही इन तीनों तालुकों में चल रहे विकास कार्यों के लिए जिला योजना समिति से आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गति तेज रखने के लिए समय पर प्रस्ताव और उपयोगिता रिपोर्ट तैयार करें, ताकि धन की कमी के कारण काम रुके नहीं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना को गति
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि जिन लाभार्थियों के घर निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें आवश्यक निर्माण सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। ग्राम पंचायतों को रेत उपलब्ध कराने का निर्णय इसी दिशा में लिया गया है, ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
हर पात्र लाभार्थी को पांच ब्रास रेत देने का प्रावधान किया गया है। इससे गरीब परिवारों के लिए घर बनाना आसान होगा और योजना का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।
स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के निर्देश
जिला परिषद के स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को नए प्रयोग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारना, बेहतर सुविधाएं देना और बच्चों के लिए आकर्षक माहौल बनाना जरूरी है। यदि स्कूल अच्छे होंगे तो अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित होंगे।
जलापूर्ति योजनाओं की तैयारी
जलापूर्ति विभाग को सभी गांवों के लिए पूरी योजना तैयार करने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पानी की समस्या को स्थायी रूप से हल करना जरूरी है। इसके लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर काम करना होगा, ताकि हर गांव तक साफ और पर्याप्त पानी पहुंच सके।
बैठक में सांसद, विधायक, जिला अधिकारी, जिला परिषद के अधिकारी और बड़ी संख्या में सरपंच उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ग्रामीण विकास के लिए बेहतर समन्वय से काम करने का भरोसा दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इस प्रकार की बैठकें और स्पष्ट निर्देश प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल को मजबूत करते हैं। यदि योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं तो आने वाले वर्षों में गांवों का स्वरूप तेजी से बदल सकता है और ग्रामीण लोगों का जीवन स्तर पहले से कहीं बेहतर हो सकता है।