Gold Price Today: सोने की कीमत हमेशा से आम लोगों और निवेशकों के लिए सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक रही है। शादी-ब्याह से लेकर भविष्य की बचत तक, भारतीय समाज में सोने की अहम भूमिका है। ऐसे में जब एक ही सप्ताह में सोने की कीमत में हजारों रुपये की गिरावट दर्ज होती है, तो यह खबर हर वर्ग का ध्यान खींचती है।
इस सप्ताह देशभर में सोने के भाव में साफ गिरावट देखी गई है। वीकली बेसिस पर 24 कैरेट सोना करीब 3980 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोने के दाम में 3650 रुपये की कमजोरी आई है। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू मांग तक कई वजहें जुड़ी हुई हैं।
दिल्ली से मुंबई तक आज का गोल्ड रेट
8 फरवरी को देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 156750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोना 143700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। दिल्ली जैसे बड़े बाजार में कीमतों में आई यह नरमी सीधे तौर पर शादी और निवेश से जुड़े खरीदारों को प्रभावित कर रही है।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों की बात करें तो यहां 24 कैरेट सोना 156600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 143550 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है। पुणे और बेंगलुरु में भी लगभग यही रेट देखने को मिल रहा है। यानी देश के बड़े शहरों में सोने की कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन गिरावट हर जगह साफ महसूस की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की चाल पर नजर रखना जरूरी होता है। फिलहाल वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव 5087.73 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक हालात सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बनता है, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखता है। यही वजह है कि बीते सप्ताह घरेलू बाजार में भी सोने की कीमत कमजोर रही।
खरीदारों के लिए मौका या इंतजार?
सोने की कीमत में गिरावट हमेशा यह सवाल खड़ा करती है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है। जिन परिवारों में शादी-ब्याह की तैयारी चल रही है, उनके लिए यह राहत की खबर मानी जा सकती है। कम दाम पर खरीदारी से बजट में थोड़ी आसानी होती है।
वहीं निवेश के नजरिए से देखें तो विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहता है। गिरावट के समय थोड़ा-थोड़ा निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
सोना हमेशा लॉन्ग टर्म निवेश का विकल्प माना जाता है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव निवेशकों को भ्रमित कर सकता है। मौजूदा गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है। ऐसे में जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की चाल को समझना जरूरी है।
जो निवेशक पहले से सोने में निवेश कर चुके हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं नए निवेशकों के लिए यह समय रणनीति बनाने का हो सकता है।
आने वाले दिनों में क्या रह सकता है रुख
आने वाले दिनों में सोने की कीमत कई कारकों पर निर्भर करेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, वैश्विक तनाव, ब्याज दरों को लेकर फैसले और घरेलू मांग इसकी दिशा तय करेंगे। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है।
फिलहाल बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में आम खरीदार और निवेशक दोनों के लिए समझदारी और धैर्य सबसे अहम है।
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