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फरीदाबाद जेल में आतंकी संदिग्ध की साथी कैदी ने की हत्या

Terror Suspect Killed by Fellow Inmate in Faridabad Jail: फरीदाबाद जेल में आतंकी संदिग्ध की साथी कैदी ने की हत्या
Terror Suspect Killed by Fellow Inmate in Faridabad Jail: फरीदाबाद जेल में आतंकी संदिग्ध की साथी कैदी ने की हत्या

Terror Suspect Killed by Fellow Inmate in Faridabad Jail: फरीदाबाद की नीमका जेल में अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने वाले अब्दुल रहमान की रविवार शाम को साथी कैदी अरुण चौधरी ने हत्या कर दी। अरुण ने पत्थर से वार कर अब्दुल को मार डाला। पुलिस जांच कर रही है कि यह व्यक्तिगत दुश्मनी थी या आतंकी मामले से जुड़ा है। घटना ने जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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Terror Suspect Killed by Fellow Inmate in Faridabad Jail: फरीदाबाद की नीमका जेल में रविवार शाम को एक बड़ी घटना सामने आई। अयोध्या के राम मंदिर पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार अब्दुल रहमान की जेल के अंदर ही साथी कैदी ने हत्या कर दी। यह घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में पकड़ा गया था और उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप थे।

घटना का पूरा विवरण

रविवार शाम को नीमका जेल में अब्दुल रहमान और अरुण चौधरी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। अरुण चौधरी पर कई हत्याओं के मामले दर्ज हैं और वह कश्मीर का रहने वाला है। झगड़े के दौरान अरुण ने पत्थर जैसी किसी चीज से अब्दुल रहमान के सिर पर जोरदार वार किया। इस हमले में अब्दुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन चोट इतनी गहरी थी कि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जेल अधिकारियों के मुताबिक घटना जेल परिसर के अंदर हुई और कुछ ही मिनटों में यह खूनी मोड़ ले गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने अरुण चौधरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

अब्दुल रहमान कौन था

अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। उस पर अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर पर ग्रेनेड से हमला करने की साजिश रचने का आरोप था। जांच में सामने आया था कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था और वह जांच के दौरान नीमका जेल में बंद था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अब्दुल रहमान के पास हमले के लिए हथियार और विस्फोटक सामग्री जुटाने की योजना थी। उसने कथित तौर पर विदेशी आतंकी संगठनों से संपर्क बनाया हुआ था। उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी आतंकी घटना को रोकने में सफल रही थी।

अरुण चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड

अरुण चौधरी जिसने अब्दुल रहमान की हत्या की है, वह भी कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह कश्मीर का रहने वाला है और उस पर कई हत्याओं के मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह एक खतरनाक अपराधी है और कई गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आया है। उसे पहले भी हिंसक घटनाओं में शामिल होने का आरोप लगाया जा चुका है।

अब पुलिस यह जांच कर रही है कि दोनों के बीच यह झगड़ा व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुआ या अब्दुल रहमान के आतंकी मामले से इसका कोई संबंध है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह घटना पहले से योजनाबद्ध थी या अचानक हुई।

जेल सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक हाई प्रोफाइल आतंकी संदिग्ध की जेल के अंदर इस तरह हत्या हो जाना सुरक्षा की बड़ी खामी को दर्शाता है। सवाल उठ रहे हैं कि अरुण चौधरी को पत्थर जैसी चीज कैसे मिली और उसने जेल परिसर में हमला कैसे कर दिया।

जेल अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। लेकिन यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि जेल प्रशासन को सुरक्षा के मामले में और सतर्क रहने की जरूरत है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोग इसे ‘जेल जस्टिस’ बता रहे हैं और अरुण चौधरी के कृत्य की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक आतंकवादी को उसके कर्मों की सजा मिल गई। लेकिन कानून जानने वाले लोग और मानवाधिकार कार्यकर्ता इस घटना की निंदा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि हर व्यक्ति को कानूनी तरीके से सजा मिलनी चाहिए। जेल के अंदर किसी की हत्या होना किसी भी तरह से सही नहीं है। यह कानून का राज नहीं बल्कि जंगल राज है। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ता है।

पुलिस की जांच

फरीदाबाद पुलिस ने अरुण चौधरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हमला अचानक हुआ या पहले से योजनाबद्ध था। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या दोनों के बीच पहले से कोई दुश्मनी थी या यह अब्दुल रहमान के आतंकी मामले से जुड़ा है।

जांच के दौरान पुलिस जेल के अन्य कैदियों से भी पूछताछ कर रही है। जेल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि घटना का सही कारण पता चल सके। पुलिस जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

जेल प्रशासन की भूमिका

Terror Suspect Killed by Fellow Inmate in Faridabad Jail: जेल अधिकारियों ने घटना की गंभीरता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहे हैं। जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी कैदियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

जेल प्रशासन ने यह भी कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। वे सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहे हैं और जरूरी बदलाव किए जाएंगे। लेकिन यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि जेल सुरक्षा में सुधार की जरूरत है।

इस पूरी घटना ने न सिर्फ जेल सुरक्षा बल्कि कैदियों की सुरक्षा के मुद्दे को भी उजागर किया है। यह जरूरी है कि जेल प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। हर कैदी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए, न कि जेल के अंदर इस तरह की हिंसा का शिकार होना चाहिए।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।