Mohammad Shami Steals the Show in Ranji Trophy: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। पिछले साल से वो टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने के लिए शमी रणजी ट्रॉफी में बंगाल की तरफ से खेल रहे हैं। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में आंध्र प्रदेश के खिलाफ उन्होंने बल्ले से ऐसा जलवा दिखाया कि सब हैरान रह गए।
रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन शमी बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने सिर्फ 32 गेंद में 53 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 3 छक्के लगाए। शमी की इस धमाकेदार बल्लेबाजी से बंगाल की टीम ने पहली पारी में 629 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर टीम को मजबूत स्थिति में ले जाने में बहुत मददगार साबित हुआ।
तेज शुरुआत और फिर धमाकेदार बल्लेबाजी
मोहम्मद शमी 192वें ओवर में क्रीज पर आए जब आकाश दीप आउट हो गए। उन्होंने दूसरी ही गेंद पर चौका लगाकर अपना खाता खोला। शुरुआती 10 गेंद में यही एक स्कोरिंग शॉट रहा। लेकिन इसके बाद शमी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया। उन्होंने शेख राशीद और त्रिपुराना विजय की गेंदबाजी पर जमकर हमला बोला।
अगली 10 गेंदों में शमी ने पूरे 7 चौके जड़ दिए। इसमें सबसे खास 197वां ओवर रहा जिसमें उन्होंने लगातार 4 चौके लगाए। यह देखना किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए खास पल था। एक तेज गेंदबाज का बल्ले से इस तरह का प्रदर्शन हमेशा रोमांचक होता है। शमी ने साबित किया कि वो सिर्फ गेंद से ही नहीं बल्कि बल्ले से भी टीम की मदद कर सकते हैं।
सौरभ कुमार की गेंद पर आया अर्धशतक
मोहम्मद शमी ने अपना अर्धशतक सौरभ कुमार की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर पूरा किया। यह उनके लिए और टीम के लिए बहुत खास पल था। 200वें ओवर में 33 गेंद में 53 रन बनाकर वो आउट हो गए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि सिर्फ 7 रन सिंगल और दो रन से आए। बाकी सभी रन चौके और छक्के के जरिए आए।
यह शमी की आक्रामक बल्लेबाजी का सबूत था। उन्होंने हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की। उनका स्ट्राइक रेट बहुत शानदार रहा। इस तरह की पारी टीम की स्थिति को मजबूत बनाती है और विपक्षी टीम पर दबाव बनाती है। शमी की यह पारी बंगाल के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई।
शमी के नाम पहले से दो फर्स्ट क्लास अर्धशतक
यह मोहम्मद शमी का तीसरा फर्स्ट क्लास अर्धशतक था। इससे पहले उनके नाम दो फर्स्ट क्लास फिफ्टी थीं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 56 रन नाबाद रहा जो उन्होंने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट के पांचवें दिन बनाया था। यह पारी 70 गेंदों में खेली गई थी और उस समय भी काफी चर्चित रही थी।
शमी का दूसरा फर्स्ट क्लास अर्धशतक भी इंग्लैंड में ही आया था। 2014 में ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर उन्होंने यह कमाल किया था। वह उनका सातवां टेस्ट मैच था। यह दोनों पारियां शमी की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाती हैं। हालांकि वो मुख्य रूप से गेंदबाज हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी टीम की मदद कर सकते हैं।
टीम इंडिया में वापसी की कोशिश
मोहम्मद शमी पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए आखिरी बार खेले थे। तब से वो राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। चोट और फिटनेस के मुद्दों के कारण उन्हें टीम से बाहर रहना पड़ा। लेकिन शमी हार मानने वाले खिलाड़ी नहीं हैं। वो लगातार अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं को अपनी तरफ देखने पर मजबूर कर रहे हैं।
रणजी ट्रॉफी में शमी ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकेट लिए हैं और विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया है। अब बल्लेबाजी में भी उनका यह प्रदर्शन उनकी ऑलराउंड क्षमता को दिखाता है। चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को पसंद करते हैं जो टीम को कई तरह से मदद कर सकें।
बंगाल को मिली मजबूत स्थिति
मोहम्मद शमी की इस तूफानी पारी से बंगाल की टीम को क्वार्टर फाइनल में मजबूत स्थिति मिली। पहली पारी में 629 रन का स्कोर किसी भी टीम के लिए काफी बड़ा होता है। यह स्कोर आंध्र प्रदेश की टीम पर भारी दबाव डालता है। अब उन्हें जवाब में बड़ा स्कोर बनाना होगा। शमी की पारी ने निचले क्रम की बल्लेबाजी को मजबूती दी।
बंगाल के लिए यह बहुत जरूरी था कि निचले क्रम के खिलाड़ी भी रन बनाएं। शमी ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई। उनकी 53 रन की पारी ने टीम के स्कोर को 600 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इससे टीम की मनोबल भी बढ़ा। जब एक गेंदबाज इतनी अच्छी बल्लेबाजी करता है तो पूरी टीम में जोश आ जाता है।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास पल
मोहम्मद शमी की यह पारी क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास पल रही। सोशल मीडिया पर भी इस पारी की खूब चर्चा हुई। लोगों ने शमी की तारीफ की और कहा कि वो जल्द ही टीम इंडिया में वापसी करेंगे। 32 गेंद में 53 रन की पारी कोई भी बल्लेबाज के लिए शानदार मानी जाती है। एक गेंदबाज के लिए तो यह और भी खास हो जाती है।
शमी ने दिखाया कि उनमें अभी भी वो ताकत है जो टीम इंडिया को चाहिए। उनकी गेंदबाजी तो पहले से ही विश्व स्तरीय है। अब बल्लेबाजी में भी यह प्रदर्शन उन्हें और खास बनाता है। भारतीय क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो हर हालत में टीम की मदद कर सकें।
आगे की चुनौतियां
Mohammad Shami Steals the Show in Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी में यह प्रदर्शन मोहम्मद शमी के लिए सिर्फ शुरुआत है। उन्हें लगातार अच्छा खेलना होगा। चयनकर्ता उनके हर मैच पर नजर रख रहे हैं। अगर वो फिटनेस बनाए रखते हैं और अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हैं तो टीम इंडिया में वापसी तय है। भारत को आगामी टूर्नामेंट्स के लिए अनुभवी गेंदबाजों की सख्त जरूरत है।
शमी की उम्र और अनुभव उन्हें खास बनाता है। वो दबाव में भी अच्छा खेल सकते हैं। यह पारी उनकी मानसिक मजबूती को भी दिखाती है। एक तेज गेंदबाज के तौर पर जब बल्ला हाथ में आता है तो दबाव होता है। लेकिन शमी ने इस दबाव को अवसर में बदल दिया। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम को फायदा पहुंचाया।
बंगाल की टीम को भी शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी से बहुत फायदा मिल रहा है। युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख रहे हैं। मैदान पर उनकी मौजूदगी से टीम का आत्मविश्वास बढ़ता है। क्वार्टर फाइनल में यह जीत बंगाल के लिए बहुत जरूरी है और शमी का योगदान इसमें बहुत अहम रहेगा।
मोहम्मद शमी की यह तूफानी पारी याद रखी जाएगी। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में यह एक खास पल बन गया है। शमी ने साबित किया कि क्रिकेट में कभी हार नहीं माननी चाहिए। चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, मेहनत और लगन से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। उनका यह प्रदर्शन हर क्रिकेट प्रेमी के लिए प्रेरणा है।