पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लालगोला थाना पुलिस ने सोमवार से इस कार्रवाई की शुरुआत की है और अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की 17 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है।
मादक पदार्थ तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई
मुर्शिदाबाद के लालगोला इलाके में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए लालगोला थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने लालगोला के नलडेहरी समेत कई इलाकों में शरीफुल इस्लाम के नाम पर दर्ज संपत्तियों और जमीनों की पहचान की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में हुमायूं कबीर की बेटी के ससुर की लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 17 संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस अभियान का हिस्सा है जिसमें अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों की अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।

संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया जारी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार से शरीफुल इस्लाम की संपत्ति को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन एक ही दिन में सभी संपत्तियों को जब्त कर पाना संभव नहीं है। यह प्रक्रिया अगले दो-तीन दिनों तक जारी रह सकती है। पुलिस प्रशासन ने इस काम के लिए एक विशेष टीम गठित की है जो सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण कर रही है।
जब्त की जा रही संपत्तियों में सिर्फ आवासीय घर ही नहीं हैं, बल्कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली कई इमारतें भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इनमें से एक संपत्ति को एक बैंक को किराए पर दिया गया था, जिसे भी पुलिस जब्त करने की तैयारी कर रही है।

हुमायूं कबीर और परिवार पर छाया संकट
तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर पहले से ही विभिन्न मामलों में विवादों से घिरे हुए हैं। अब उनकी बेटी के ससुर पर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगने से परिवार पर और संकट के बादल मंडरा गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सनसनी फैल गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इस इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी की खबरें आती रही हैं। पुलिस प्रशासन ने अब इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई शुरू की है और संदिग्ध लोगों की संपत्तियों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।

पुलिस का सर्वेक्षण और दस्तावेज जांच
पुलिस टीम ने संपत्तियों की पहचान करने के साथ-साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। संपत्ति के कागजात, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य कानूनी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया से बच न सके।
लालगोला इलाके में स्थित इन संपत्तियों में आवासीय भवन, व्यावसायिक परिसर, खाली जमीन और किराए पर दी गई संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की है।

मादक पदार्थ तस्करी पर सख्ती
पश्चिम बंगाल सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राज्य भर में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल हैं। मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन ने भी इस दिशा में कई अभियान चलाए हैं।
यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसमें न सिर्फ मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि उनकी अवैध रूप से जमा की गई संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। इससे अपराधियों को संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि अवैध गतिविधियों से कमाई गई संपत्ति बचाई नहीं जा सकती।

स्थानीय प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर
इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोग इसे कानून के शासन की जीत मानते हैं तो कुछ इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले का असर स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। हुमायूं कबीर पहले से ही तृणमूल कांग्रेस से निलंबित हैं और अब उनके परिवार के सदस्य के खिलाफ यह कार्रवाई उनकी राजनीतिक स्थिति को और कमजोर कर सकती है।

आगे की कार्रवाई की संभावना
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जांच के दौरान अगर और सबूत मिलते हैं तो अधिक लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। मादक पदार्थों की तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है।

इस मामले में अभी तक शरीफुल इस्लाम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने कहा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यह कार्रवाई की जा रही है और किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा।
यह घटना मुर्शिदाबाद जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि वे इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।