Chandrapur Mayor Election: चंद्रपुर नगर निगम में महापौर के चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार संगीता खांडेकर ने शानदार जीत दर्ज की है। हालांकि यह जीत बेहद रोमांचक रही क्योंकि वह सिर्फ 1 वोट के अंतर से महापौर बनीं। चुनाव में संगीता खांडेकर को कुल 32 वोट मिले जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 31 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले।
चुनाव में एमआईएम और वंचित का रुख रहा अहम
चंद्रपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए हुए मतदान में एमआईएम के नगरसेवक ने तटस्थ रहने का फैसला किया। उन्होंने न तो भाजपा के पक्ष में और न ही विपक्ष के पक्ष में वोट डाला। वहीं वंचित बहुजन आघाडी के 2 नगरसेवक चुनाव के दौरान गैरमौजूद रहे। इन दोनों की अनुपस्थिति ने चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाला। अगर वंचित के दोनों नगरसेवक मौजूद होते तो शायद नतीजे अलग हो सकते थे।
भाजपा ने साधी सटीक रणनीति
भाजपा ने इस चुनाव में बेहद सटीक रणनीति अपनाई। पार्टी ने अपने सभी नगरसेवकों को एकजुट रखा और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए पूरी तैयारी की। संगीता खांडेकर का नाम तय करते समय भी पार्टी ने सभी पक्षों को साथ लेकर फैसला लिया। स्थानीय नेताओं ने लगातार संपर्क साधकर अपने नगरसेवकों को साथ रखा।
विपक्ष को लगा बड़ा झटका
Chandrapur Mayor Election: विपक्षी दलों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। खासकर वंचित बहुजन आघाडी के नगरसेवकों की गैरमौजूदगी से उन्हें नुकसान हुआ। विपक्ष ने चुनाव से पहले दावा किया था कि उनके पास पूरा बहुमत है लेकिन आखिरी समय में समीकरण बदल गए। एमआईएम के तटस्थ रुख ने भी विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
संगीता खांडेकर की जिम्मेदारी बढ़ी
अब संगीता खांडेकर के सामने चंद्रपुर नगर निगम को बेहतर ढंग से चलाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने जीत के बाद कहा कि वह सभी नगरसेवकों के साथ मिलकर शहर के विकास के लिए काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पानी, सड़क, सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय लोग भी नई महापौर से काफी उम्मीदें लगा रहे हैं।
यह चुनाव चंद्रपुर की राजनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। 1 वोट की जीत ने यह साबित कर दिया कि राजनीति में हर वोट का महत्व होता है।