जरूर पढ़ें

भारत और अमेरिका के गुप्त व्यापारिक समझौते के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

India America Trade Deal creates controversy as Congress protests in Kolkata: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
India America Trade Deal creates controversy as Congress protests in Kolkata: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन (File Photo)

India America Trade Deal creates controversy as Congress protests in Kolkata: भारत-अमेरिका के बीच गुप्त व्यापारिक समझौते के खिलाफ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। निर्यात पर शुल्क 18% बढ़ाया गया जबकि आयात पूरी तरह मुक्त। अगले 5 सालों में 45 लाख करोड़ के आयात का लक्ष्य। दक्षिण कोलकाता के हजरा मोड़ पर मोदी-ट्रंप के पुतले जलाए गए। किसानों पर संकट का खतरा।

Updated:

India America Trade Deal creates controversy as Congress protests in Kolkata: भारत और अमेरिका के बीच एक नया व्यापारिक समझौता गुप्त रूप से पूरा हो गया है। इस समझौते को लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि यह समझौता देश के किसानों और व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस की ओर से आज हजरा मोड़ पर एक विरोध प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाए गए।

संसद और कैबिनेट को दरकिनार कर किया गया समझौता

कांग्रेस का आरोप है कि यह व्यापारिक समझौता बहुत जल्दबाजी में किया गया है। देश की लोकसभा, राज्यसभा और कैबिनेट को इसमें शामिल नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के दबाव में और उनकी शर्तों पर देश के स्वार्थ को त्याग दिया है। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने आत्मसमर्पण जैसा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े फैसले को संसद में चर्चा के बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए था।

निर्यात पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी

नए व्यापारिक समझौते के तहत भारत से अमेरिका को भेजे जाने वाले सामान पर शुल्क में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले भारत से निर्यात होने वाले सामान पर 2% से 3% शुल्क लगता था। लेकिन नए समझौते के अनुसार अब इन सामानों पर 18% शुल्क लगाया जाएगा। यह बढ़ोतरी भारतीय निर्यातकों के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगा हो जाएगा और उनकी बिक्री घट सकती है।

आयात पर शुल्क पूरी तरह खत्म

दूसरी तरफ अमेरिका से आने वाले सामान पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर 11% शुल्क लगता था। लेकिन नए समझौते में इस शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब अमेरिका से आने वाले सामान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इससे अमेरिकी सामान भारतीय बाजार में बहुत सस्ता हो जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह भारतीय उत्पादकों के साथ अन्याय है।

पांच सालों में विशाल आयात का लक्ष्य

मोदी सरकार ने अगले पांच सालों में अमेरिका से 45 लाख 25 हजार 622 करोड़ रुपये के सामान को आयात करने का लक्ष्य रखा है। इस आयात में मुख्य रूप से कृषि और कृषि से जुड़े उत्पाद, दूध और दूध से बने उत्पाद शामिल होंगे। यह बहुत बड़ी रकम है जो देश की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगी। कांग्रेस का कहना है कि इतना बड़ा आयात देश के किसानों के लिए खतरनाक साबित होगा।

किसानों पर मंडराया संकट का साया

कांग्रेस का मानना है कि यह नया समझौता लागू होने पर देश के किसानों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। अमेरिका से बिना शुल्क के आने वाला कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ता होगा। इससे भारतीय किसानों के उत्पाद नहीं बिक पाएंगे। किसानों की आमदनी घटेगी और वे कर्ज में डूब जाएंगे। कृषि बाजार की स्थिति खराब होगी और मंडियों में सन्नाटा छा जाएगा।

बेरोजगारी बढ़ने का खतरा

इस समझौते से देश में बेरोजगारी भी बढ़ सकती है। जब भारतीय उत्पाद नहीं बिकेंगे तो उत्पादन कम होगा। उत्पादन कम होने से फैक्ट्रियां बंद होंगी और लोग अपनी नौकरी खो देंगे। खेती से जुड़े काम भी कम होंगे। इससे गांवों और शहरों दोनों जगह बेरोजगारी बढ़ेगी। युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पाएंगे। देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी।

रुपये की कीमत गिरने की आशंका

कांग्रेस का कहना है कि इतना बड़ा आयात करने से रुपये की कीमत भी गिर सकती है। जब हम ज्यादा सामान खरीदेंगे और कम बेचेंगे तो विदेशी मुद्रा की जरूरत बढ़ेगी। इससे रुपया कमजोर होगा और डॉलर महंगा हो जाएगा। रुपये की कीमत गिरने से सभी आयातित चीजें महंगी हो जाएंगी। तेल, गैस और दूसरे जरूरी सामान की कीमतें बढ़ेंगी। आम लोगों की जेब पर बोझ पड़ेगा।

हजरा मोड़ पर जोरदार विरोध प्रदर्शन

इस समझौते के खिलाफ दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस ने आज हजरा मोड़ पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के हित में नहीं है।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी

इस विरोध प्रदर्शन में दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद मौजूद रहे। उन्होंने इस समझौते को देश के साथ धोखा बताया। उनका कहना था कि सरकार ने किसानों और व्यापारियों के हितों की अनदेखी की है। कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस समझौते का हर मंच पर विरोध करेगी और सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर करेगी।

देशभर में विरोध की तैयारी

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह विरोध सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी पूरे देश में इस समझौते के खिलाफ आंदोलन चलाएगी। किसान संगठनों और व्यापारी संघों को भी इस मुद्दे पर साथ लाया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि यह समझौता देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा है। पार्टी संसद में भी इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

व्यापारियों की चिंता

व्यापारी समुदाय भी इस समझौते को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि अमेरिकी सामान के बिना शुल्क आने से उनका व्यापार प्रभावित होगा। छोटे और मझोले व्यापारी सबसे ज्यादा मुश्किल में पड़ेंगे। वे अमेरिकी कंपनियों के सस्ते सामान से मुकाबला नहीं कर पाएंगे। कई व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं। यह देश के छोटे व्यापार के लिए बड़ा खतरा है।

किसान संगठनों की प्रतिक्रिया

India America Trade Deal creates controversy as Congress protests in Kolkata: किसान संगठनों ने भी इस समझौते की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आने से किसानों को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिलेगा। किसान पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह समझौता उनकी मुश्किलें और बढ़ा देगा। किसान संगठनों ने सरकार से इस समझौते पर फिर से विचार करने की मांग की है।

कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन इस समझौते के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसानों और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बड़े प्रदर्शन होने की संभावना है। सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वह इस समझौते की शर्तों में बदलाव करे या इसे पूरी तरह वापस ले।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।