नागपुर शहर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की संकल्पना से शुरू हुई सांसद भजन प्रतियोगिता ने एक बार फिर भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। सांसद सांस्कृतिक महोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 754 भजन मंडलियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विठ्ठल भक्ति का जागरण किया। यह प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि मातृशक्ति को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करने वाली एक सामाजिक पहल भी है। दक्षिण-पश्चिम विभाग के प्राथमिक चरण का शुभारंभ पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे के हाथों हुआ और कार्यक्रम की शुरुआत में सद्गुरुदास विजयराव देशमुख महाराज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
नितिन गडकरी की संकल्पना से शुरू हुई यह परंपरा
यह भजन प्रतियोगिता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सांस्कृतिक दृष्टिकोण का एक जीवंत उदाहरण है। उन्होंने नागपुर को केवल विकास के मामले में ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के मामले में भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। सांसद सांस्कृतिक महोत्सव समिति हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके। इस बार की प्रतियोगिता में भाग लेने वाली भजन मंडलियों में महिलाओं की संख्या विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। यह दर्शाता है कि समाज में मातृशक्ति की भागीदारी बढ़ रही है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित अवसर मिल रहे हैं।
पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे ने किया उद्घाटन
दक्षिण-पश्चिम विभाग के प्राथमिक चरण का उद्घाटन पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नितिन गडकरी ने नागपुर को सर्वांगीण विकास का एक आदर्श मॉडल बनाया है। उनके प्रयासों से नागपुर न केवल बुनियादी ढांचे में बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी नए आयाम छू रहा है। डॉ. महात्मे ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं और भारतीय संस्कृति की समृद्धि को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भजन केवल गायन नहीं बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है।
सद्गुरुदास विजयराव देशमुख महाराज को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में सद्गुरुदास विजयराव देशमुख महाराज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने समाज सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया था। उनकी स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम ने भक्ति भाव को और भी गहरा कर दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके जीवन और कार्यों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा। यह भावनात्मक क्षण सभी के लिए प्रेरणादायक रहा।
पार्षद शिवानी दाणी ने बताया मातृशक्ति के विकास का महत्व
पार्षद शिवानी दाणी-वखरे ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रतियोगिता मातृशक्ति की कलाओं के विकास का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में अपनी अलग पहचान बना पाती हैं। शिवानी दाणी ने यह भी कहा कि नागपुर की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और ऐसे मंच उनके लिए प्रेरणा का काम करते हैं। उन्होंने सभी भजन मंडलियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
754 भजन मंडलियों ने किया जोरदार प्रदर्शन
इस प्रतियोगिता में कुल 754 भजन मंडलियों ने हिस्सा लिया जो कि एक रिकॉर्ड संख्या है। हर मंडली ने अपने अंदाज में विठ्ठल भक्ति का गायन किया। प्रतिभागियों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल थे। विठ्ठल के भजनों की मधुर आवाज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कई मंडलियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों का भी उपयोग किया जिससे प्रस्तुति और भी आकर्षक बनी। निर्णायक मंडल ने हर प्रदर्शन को ध्यान से सुना और मूल्यांकन किया।
21 मंडलियां अंतिम चरण के लिए चयनित होंगी
प्राथमिक चरण में भाग लेने वाली 754 भजन मंडलियों में से केवल 21 मंडलियों को अंतिम चरण के लिए चुना जाएगा। यह चयन प्रक्रिया कठिन है क्योंकि सभी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने स्वर की शुद्धता, भावनात्मक अभिव्यक्ति, समूह में तालमेल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंक दिए। चयनित मंडलियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
महाअंतिम 21 फरवरी को होगा आयोजित
महाअंतिम दौर 21 फरवरी को शिक्षक सहकारी बैंक सभागार, गांधीसागर महल, नागपुर में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में चयनित 21 भजन मंडलियां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी और विजेताओं का चयन किया जाएगा। शाम 6 बजे पुरस्कार वितरण समारोह होगा जिसमें विजेता मंडलियों को सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति और सांस्कृतिक हस्तियां उपस्थित रहेंगी। यह दिन सभी प्रतिभागियों के लिए यादगार साबित होगा।
गौरीशंकर पाराशर, मनीषा काशीकर और अन्य गणमान्य उपस्थित
कार्यक्रम में गौरीशंकर पाराशर, मनीषा काशीकर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निजी सहायक सुनील मित्रा सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। सभी ने प्रतियोगिता की सफलता की कामना की और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी और प्रतिभागियों का उत्साह दोगुना हुआ।
डॉ. श्रीरंग वराडपांडे ने किया संयोजन
इस पूरे आयोजन का संयोजन डॉ. श्रीरंग वराडपांडे ने किया। उनकी मेहनत और समर्पण से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा और प्रतिभागियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। डॉ. वराडपांडे ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोग अपनी परंपराओं से जुड़े रहते हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया।
नागपुर में आयोजित यह सांसद भजन प्रतियोगिता केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और भक्ति भावना को जीवंत रखने का एक माध्यम है। इसमें भाग लेने वाली सभी मंडलियों ने दिल से विठ्ठल भक्ति का जागरण किया और समाज को एक संदेश दिया कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान है। आने वाले महाअंतिम दौर में और भी शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।