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Gold Rate Today: सस्ता हुआ सोना, खरीदारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान; जानिए आज का ताजा भाव

Gold Rate Today: सस्ता हुआ सोना, खरीदारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
Gold Rate Today: सस्ता हुआ सोना, खरीदारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

भारत में सोने की कीमतों में हाल में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि वायदा बाजार में हल्की मजबूती देखी गई। 24 कैरेट सोना 1,52,765 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वैश्विक बाजार के संकेत और मांग में कमी से कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

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Gold Rate Today: सोने की कीमतों में एक बार फिर हलचल है। कभी तेजी, कभी गिरावट, यही हाल इन दिनों बाजार का है। जब भी सोने के भाव बदलते हैं, उसका असर केवल निवेशकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों से लेकर छोटे ज्वेलर्स तक हर कोई सतर्क हो जाता है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 14 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,765 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। 22 कैरेट सोना 1,33,933 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,14,574 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है। यह दरें Indian Bullion and Jewellers Association के अनुसार तय की गई हैं।

13 फरवरी को कैसा रहा रुख

13 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोना 15,839 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों की सोच में बदलाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इस गिरावट को प्रभावित किया।

वायदा बाजार में भी उतार देखने को मिला। Multi Commodity Exchange पर अप्रैल अनुबंध में हल्की मजबूती जरूर दिखी, लेकिन कुल मिलाकर बाजार सतर्क बना रहा।

पिछले सत्र में क्या हुआ

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को कमजोर मांग के कारण सोने के भाव गिरे। 24 कैरेट सोना 1,60,900 रुपये से घटकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट थी।

हालांकि, वायदा कारोबार में अप्रैल अनुबंध 1,53,880 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इससे साफ है कि हाजिर बाजार और वायदा बाजार के रुख में अंतर बना हुआ है।

जनवरी में बना था रिकॉर्ड

इसी वर्ष 29 जनवरी को सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। उस समय वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव ने कीमतों को ऊपर धकेला था।

विदेशी बाजार में भी सोना मजबूत बना हुआ है। न्यूयॉर्क में वायदा सोना 4,962 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि हाजिर सोना 4,968 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी भी सोने में रुचि बनी हुई है।

गिरावट की वजह क्या है

विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचता है, तब कुछ निवेशक मुनाफावसूली करते हैं। इससे कीमतों में अस्थायी गिरावट आती है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती, वैश्विक ब्याज दरों की स्थिति और कच्चे तेल के दाम भी सोने को प्रभावित करते हैं।

घरेलू स्तर पर मांग में कमी भी एक कारण है। शादी के सीजन से पहले अक्सर लोग कीमतों में स्थिरता का इंतजार करते हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

सोना हमेशा लंबी अवधि का निवेश माना जाता है। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय निवेशकों को अपनी रणनीति स्पष्ट रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में निवेश करता है, तो औसत लागत संतुलित रहती है।

जो लोग आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट अवसर भी हो सकती है। हालांकि, बड़े निवेश से पहले बाजार की दिशा को समझना जरूरी है।

आगे की संभावनाएं

वैश्विक आर्थिक माहौल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में सोने की चाल तय करेंगी। फिलहाल संकेत मिश्रित हैं, हाजिर बाजार में दबाव है, जबकि वायदा बाजार उम्मीद दिखा रहा है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।