Mumbai Metro Line 4 accident news: मुंबई की व्यस्त सड़कों पर एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही का खौफनाक मंजर सामने आया है। मुलुंड पश्चिम के एलबीएस रोड पर मेट्रो लाइन 4 के निर्माण के दौरान पिलर का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिससे एक ऑटो रिक्शा और एक कार पूरी तरह से कुचल गई। इस भयानक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब हुई, जब सड़क पर भारी भीड़ थी और लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे।
An under construction Metro Pillar in Mulund, Mumbai fell over an auto rickshaw and a car.
4 people seriously injured and unlikely to survive.
Everyday in India is a scene from the movie FINAL DESTINATION.
You Don’t know Where , How , When and What will take your life. pic.twitter.com/tlYNG65tg2
— Roshan Rai (@RoshanKrRaii) February 14, 2026
हादसे का पूरा ब्यौरा
जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के पास मुलुंड फायर स्टेशन के नजदीक पियर नंबर 196 के पास यह घटना घटी। मेट्रो के पिलर से जुड़ा एक बड़ा सीमेंट का हिस्सा अचानक टूट गया और सीधे नीचे चल रहे ऑटो रिक्शा पर गिर पड़ा। इस हादसे में ऑटो रिक्शा पूरी तरह से चपटा हो गया और पास खड़ी एक कार को भी काफी नुकसान पहुंचा। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया।

मृतक और घायलों की जानकारी
Mulund metro pillar death case: फायर ब्रिगेड के अधिकारियों और अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है। उन्हें हादसे के तुरंत बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रुहिया शामिल हैं।
राजकुमार की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। वहीं, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रुहिया की हालत अपेक्षाकृत स्थिर बताई गई है, हालांकि उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने घायलों को मलबे से सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए पुलिस ने इलाके को घेर लिया और यातायात को अन्य रास्ते से जाने के लिए कहा। एलबीएस रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एमएमआरडीए का बयान
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस घटना पर औपचारिक बयान जारी किया है। एमएमआरडीए के अनुसार, मेट्रो लाइन 4 के निर्माण के दौरान पियर 196 के पास से एक पैरापेट का हिस्सा गिर गया, जो नीचे से गुजर रहे ऑटो रिक्शा पर गिरा। अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी टीम मौके पर मौजूद है और बीएमसी तथा आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर राहत कार्य और सुरक्षा उपायों को लागू कर रही है।
एमएमआरडीए ने आश्वासन दिया है कि इस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर पिलर का यह हिस्सा क्यों और कैसे टूटा। साथ ही, पूरी मेट्रो लाइन के अन्य पिलरों की भी जांच करने की बात कही गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
मेट्रो लाइन 4 की जानकारी
मेट्रो लाइन 4 मुंबई की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो दक्षिण-मध्य मुंबई के वडाला से लेकर पड़ोसी शहर ठाणे तक जाएगी। यह मेट्रो लाइन घाटकोपर, विक्रोली, भांडुप, मुलुंड जैसे कई घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ेगी। इसका एक बड़ा हिस्सा व्यस्त एलबीएस रोड के ऊपर से गुजरता है, जहां रोजाना लाखों लोग आवाजाही करते हैं। इस मेट्रो लाइन के चालू होने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन में काफी आसानी होने की उम्मीद है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सवाल
इस हादसे के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने सवाल किया कि क्या मुंबई के निवासियों का जीवन इतना सस्ता हो गया है कि निर्माण कार्य के दौरान बुनियादी सुरक्षा उपायों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि अधिकारी और ठेकेदार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बजाय सिर्फ प्रचार और परियोजना को जल्दी पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि क्या मेट्रो निर्माण को तेजी से पूरा करने के दबाव में गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर हादसे के बाद जांच की घोषणा करना काफी नहीं है, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
स्थानीय निवासियों की चिंता
Mulund metro pillar death case: स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। कई निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें मेट्रो के पिलरों में दरारें दिख रही थीं, लेकिन किसी ने भी इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि हादसे से कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में एक पिलर में दरार की रिपोर्ट सामने आई थी, लेकिन उस पर कोई तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
एलबीएस रोड पर रोजाना भारी यातायात रहता है और हजारों लोग इस सड़क का उपयोग करते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं फिर से हो सकती हैं।
आगे की राह
Mumbai Metro Line 4 accident news: इस दुखद घटना ने मुंबई में बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जरूरी है कि अधिकारी न केवल इस घटना की जांच करें, बल्कि पूरी मेट्रो लाइन के निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री और तकनीकों की भी समीक्षा करें। साथ ही, ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में जहां हर पल हजारों लोग सड़कों पर चलते हैं, वहां किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस घटना से सीख लेते हुए सभी निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत है। साथ ही, नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता जांच को भी मजबूत बनाना होगा ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके और उनका भरोसा इन परियोजनाओं में बना रहे।