योजना के लिए राज्य भर में आवेदन शिविर
राज्य सरकार ने युवाओं को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से एक नई सहायता योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के योग्य युवक और युवतियों को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष सरकारी शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर 15 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे।
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे युवाओं को सहायता देना है जो पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में हैं और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। शिविरों में आवेदन पत्र उपलब्ध होंगे और वहीं पर भरे हुए फॉर्म जमा भी किए जा सकेंगे, जिससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
कौन लोग कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के लिए वही युवा आवेदन कर सकते हैं जिनकी आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच है। साथ ही, आवेदक का कम से कम माध्यमिक यानी दसवीं पास होना जरूरी है। सरकार का मानना है कि इससे पढ़े-लिखे युवाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और वे अपने लिए बेहतर अवसर तलाश सकेंगे।
योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो किसी अन्य सरकारी आर्थिक सहायता योजना से नियमित पैसे नहीं ले रहे हैं। हालांकि, शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने वाले छात्र-छात्राएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन युवाओं को राहत मिलेगी जो पढ़ाई से जुड़ी छोटी सहायता लेते हैं लेकिन रोजगार न मिलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
कितने समय तक मिलेगी सहायता
सरकार के अनुसार, योग्य युवाओं को यह आर्थिक सहायता लगातार पांच वर्षों तक दी जाएगी। हर महीने 1,500 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इससे युवाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और वे रोजगार की तैयारी या कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दे सकेंगे।
योजना के शुरुआती चरण में अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 तक के चार महीनों की कुल राशि यानी 6,000 रुपये एक साथ अगस्त 2026 में लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद हर महीने नियमित रूप से 1,500 रुपये दिए जाएंगे। इस व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और सूची तैयार होने तक का समय आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
शिविरों में क्या सुविधाएं मिलेंगी
सरकारी शिविरों में आवेदन से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। वहां मौजूद अधिकारी लोगों को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और जरूरी दस्तावेजों की जांच भी वहीं पर की जाएगी। इससे आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि शिविरों में पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के युवाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है, क्योंकि अक्सर दूर के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। शिविरों के माध्यम से सीधे लोगों तक पहुंचकर सरकार ज्यादा से ज्यादा पात्र युवाओं को योजना से जोड़ना चाहती है।
योजना से क्या होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं युवाओं को शुरुआती आर्थिक सहारा देती हैं, जिससे वे अपने कौशल को बेहतर बनाने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने या छोटे काम शुरू करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। नियमित छोटी सहायता भी कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित होती है, खासकर तब जब घर में आय का कोई स्थिर स्रोत न हो।
हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आवेदन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रहती है और पैसे समय पर मिलते हैं या नहीं। यदि भुगतान नियमित रहा और पात्र लोगों तक योजना सही तरीके से पहुंची, तो यह लाखों युवाओं के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है।
सरकार ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी विधानसभा क्षेत्र में लगने वाले शिविर में समय पर पहुंचकर आवेदन करें और सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।