Delhi Weather: फरवरी का महीना आमतौर पर हल्की ठंड और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल फरवरी के मध्य में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लोगों को मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है।
फरवरी की सुबहें आमतौर पर हल्की ठंड और धूप की नरमी के साथ शुरू होती थीं, लेकिन इस बार धूप की तीव्रता अलग ही कहानी कह रही है। ऐसा लगता है जैसे मौसम ने कैलेंडर को नजरअंदाज कर दिया हो।
सफदरजंग और आयानगर में सबसे अधिक गर्मी
दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.2 डिग्री अधिक है। वहीं आयानगर में पारा 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो औसत से 7.1 डिग्री ज्यादा रहा।
फरवरी के पहले 15 दिनों में औसत अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहा, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री ऊपर है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी सामान्य से 1 से 3 डिग्री अधिक गर्म महसूस हो रही हैं।
गर्मी बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे हैं। सामान्यतः फरवरी में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाएं चलती हैं और हल्की बारिश से तापमान नियंत्रित रहता है।
इस वर्ष आसमान साफ रहा और हवाओं की रफ्तार भी कम रही, जिससे धूप सीधी और तीखी पड़ी। यही कारण है कि दिन का तापमान तेजी से बढ़ गया।
कुछ विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से भी जोड़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में मौसम का पैटर्न लगातार बदल रहा है। कभी असामान्य बारिश, कभी रिकॉर्ड तोड़ ठंड और अब फरवरी में ही तेज गर्मी—ये सभी संकेत हमें गंभीरता से सोचने पर मजबूर करते हैं।
बारिश और येलो अलर्ट का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 17 और 18 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
18 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
अनुमान है कि बारिश के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 18 फरवरी को अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
हालांकि 19 और 20 फरवरी से मौसम फिर साफ हो जाएगा और तापमान दोबारा 28 से 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।
प्रदूषण और गर्मी का दोहरा असर
दिल्ली में केवल तापमान ही चिंता का विषय नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 258 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
गर्मी और प्रदूषण का यह संयोजन स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और श्वास संबंधी रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
फरवरी में इतनी गर्मी यह संकेत दे रही है कि आने वाले महीनों में तापमान और अधिक बढ़ सकता है। यदि अभी से 30 डिग्री पार हो रहा है, तो अप्रैल और मई में स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सावधानी बरतने की जरूरत
अचानक बढ़ती गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए। जिन लोगों को एलर्जी या सांस की समस्या है, उन्हें प्रदूषण के स्तर पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। मौसम के बदलते संकेत हमें यह याद दिला रहे हैं कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।