Petrol Diesel Price Today: आज यानी 20 फरवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। पिछले कई महीनों से फ्यूल रेट एक तय दायरे में बने हुए हैं। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिल रहा है, क्योंकि रोजमर्रा के खर्च पर दबाव थोड़ा कम महसूस हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू दरों को काफी हद तक स्थिर रखा है।
पेट्रोल के दाम में कितनी हलचल
अगर आज पेट्रोल की बात करें तो मुंबई में इसकी कीमत 103.50 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। कल के मुकाबले इसमें 4 पैसे की मामूली गिरावट आई है। बेंगलुरु में भी 41 पैसे की कमी देखी गई है, जिससे स्थानीय वाहन मालिकों को थोड़ी राहत मिली है।
पटना में पेट्रोल 105.23 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जहां 31 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। वहीं नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और नोएडा में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
आज के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं:
मुंबई – 103.50 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु – 102.55 रुपये प्रति लीटर
पटना – 105.23 रुपये प्रति लीटर
नई दिल्ली – 94.77 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता – 105.41 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई – 100.90 रुपये प्रति लीटर
नोएडा – 94.90 रुपये प्रति लीटर
हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन जब रोज के खर्च की बात आती है तो कुछ पैसे की कमी भी लोगों को राहत देती है।
डीजल के दाम में क्या स्थिति
डीजल की कीमतों में आज भी स्थिरता देखने को मिली है। मुंबई में डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर, चेन्नई में 92.48 रुपये और कोलकाता में 92.02 रुपये प्रति लीटर है।
बेंगलुरु में डीजल में 34 पैसे और पटना में 29 पैसे की मामूली कमी दर्ज की गई है। गुरुग्राम में भी 12 पैसे की गिरावट हुई है।
पिछले करीब 12 महीनों से डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ट्रांसपोर्ट लागत स्थिर रहती है। जब डीजल महंगा होता है तो फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। फिलहाल ऐसा दबाव नहीं दिख रहा है।
दो साल से दाम स्थिर क्यों
मई 2022 के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने टैक्स में कटौती की थी। इसी फैसले का असर है कि कीमतें एक सीमा में बनी हुई हैं। सरकार की कोशिश है कि महंगाई पर काबू रखा जाए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने या घटने पर भी घरेलू दरों में तुरंत बड़ा बदलाव नहीं किया जा रहा है। इससे बाजार में स्थिरता बनी रहती है।
कैसे तय होते हैं फ्यूल के दाम
फ्यूल की कीमतें मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करती हैं।
- पहला, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।
- दूसरा, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति। अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल खरीदना महंगा पड़ता है।
- तीसरा, सरकारी टैक्स। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट मिलकर कीमत का बड़ा हिस्सा तय करते हैं।
आगे क्या हो सकता है
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ती हैं और रुपया भी कमजोर होता है, तो आने वाले समय में घरेलू कीमतों पर असर पड़ सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
कुल मिलाकर 20 फरवरी 2026 को पेट्रोल-डीजल के दाम में स्थिरता बनी हुई है। कुछ शहरों में मामूली कटौती जरूर हुई है, लेकिन बड़ा बदलाव नहीं है। आम आदमी के लिए यह खबर राहत देने वाली कही जा सकती है।