बागदा सीमा पर तीन बांग्लादेशी महिलाओं को बीएसएफ ने किया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित बागदा रणघाट सीमा पर गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने तीन बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ लिया। ये महिलाएं गैरकानूनी तरीके से भारत से बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रही थीं। बीएसएफ की 59 नंबर बटालियन के जवानों ने इन महिलाओं को सीमा पार करते समय रोक लिया और बाद में स्थानीय पुलिश के हवाले कर दिया।

बीएसएफ की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी
बीएसएफ की 59 नंबर बटालियन के जवान बागदा रणघाट सीमा पर नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तीन महिलाओं की संदिग्ध हरकतें दिखाई दीं। जवानों ने तुरंत उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे बांग्लादेश की रहने वाली हैं और अवैध रूप से सीमा पार करके अपने देश वापस जाने की कोशिश कर रही थीं। यह सीमा इलाका अक्सर अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए बीएसएफ यहां सख्त निगरानी रखता है।

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान
बीएसएफ ने जिन तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सबिता शेख (38 वर्ष), रीना आक्तर (40 वर्ष) और मनीषा आक्तर (22 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों महिलाएं बांग्लादेश की रहने वाली हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये महिलाएं कोलकाता में काम करने के लिए कुछ समय पहले भारत आई थीं। अब वे अपने देश वापस जाने के लिए बागदा सीमा के रास्ते अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश कर रही थीं।

कोलकाता में काम के लिए आई थीं महिलाएं
पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीनों महिलाएं कोलकाता में घरेलू काम और अन्य मजदूरी करने के लिए भारत आई थीं। वे यहां कई महीनों से रह रही थीं। अब जब उन्हें वापस जाना था, तो कानूनी रास्ता अपनाने की बजाय इन्होंने चोरी-छिपे सीमा पार करने का फैसला किया। इस तरह की घटनाएं भारत-बांग्लादेश सीमा पर आम हैं, जहां लोग दलालों के जरिए अवैध रूप से आवाजाही करते हैं।
पुलिश के हवाले किया गया
बीएसएफ ने महिलाओं से विस्तार से पूछताछ करने के बाद उन्हें बागदा थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ अवैध रूप से सीमा पार करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार महिलाओं को शुक्रवार को बनगांव महाकुमा अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में पेश होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

सीमा सुरक्षा की चुनौतियां
भारत-बांग्लादेश सीमा करीब 4,096 किलोमीटर लंबी है और इसमें से एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल से होकर गुजरता है। इस सीमा पर हर रोज अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की घटनाएं होती हैं। बीएसएफ को इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार सतर्क रहना पड़ता है। बागदा, रणघाट और अन्य इलाकों में बीएसएफ ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
अवैध घुसपैठ रोकने में बीएसएफ की भूमिका
सीमा सुरक्षा बल देश की सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है। बीएसएफ के जवान दिन-रात सीमा पर गश्त करते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। इस बार भी बीएसएफ की सतर्कता की वजह से तीन महिलाओं को अवैध सीमा पार करने से रोका जा सका। ऐसी कार्रवाइयां सीमा पर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होती हैं।
पुलिस जांच जारी
BSF catches Bangladeshi women North 24 Parganas: बागदा थाना पुलिश ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिलाओं को भारत में कौन लाया था और सीमा पार करने में किन दलालों की भूमिका थी। अक्सर ऐसे मामलों में एक पूरा गिरोह शामिल होता है जो पैसे लेकर लोगों को अवैध रूप से सीमा पार कराता है। पुलिस इस नेटवर्क को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
स्थानीय लोगों की राय
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा इलाके में अवैध आवाजाही आम बात हो गई है। कई लोग रोजगार के लिए अवैध तरीके से भारत आते हैं और फिर वापस जाते समय पकड़े जाते हैं। इससे सीमा इलाके में सुरक्षा खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बीएसएफ और पुलिश से अपील की है कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।
आगे की कार्रवाई
पुलिस गिरफ्तार महिलाओं को कोर्ट में पेश करेगी जहां उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही पुलिस उन दलालों और मददगारों की भी तलाश कर रही है जो इन महिलाओं को सीमा पार कराने में मदद कर रहे थे। यह मामला एक बार फिर सीमा सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है और सीमा पर सतर्कता की जरूरत को दर्शाता है।