नागपुर में बढ़ते अपराध और ड्रग्स पर विधानसभा में उठा सवाल
Vikas thakre on nagpur CCTV ITMS Failure: नागपुर। पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने विधानसभा में शहर की बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने CCTV नेटवर्क, यातायात प्रबंधन प्रणाली, ड्रग्स, और बढ़ते अपराधों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
CCTV और ITMS: करोड़ों खर्च, नतीजा शून्य
ठाकरे ने बताया कि लगभग 1,000 करोड़ रुपये के सेफ एंड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए CCTV कैमरों में से करीब 45% इस समय बंद पड़े हैं। इससे न केवल निगरानी प्रभावित हो रही है, बल्कि अपराध जांच में भी बड़ी बाधा आ रही है।
ट्रैफिक सिस्टम और CCTV व्यवस्था पर विधायक ने उठाई चिंता
इसी तरह, करीब 200 करोड़ रुपये की Integrated Intelligence Traffic Management System (ITMS) भी अपेक्षित परिणाम देने में नाकाम रही है। शहर के 171 ट्रैफिक चौकों में से केवल 10 पर ही काम पूरा हुआ है — और उन पर भी सिस्टम चालू नहीं है। कई सिग्नल खराब होने के कारण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ड्रग्स: 15 महीनों में 730 गिरफ्तारियां
ड्रग्स की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए ठाकरे ने आंकड़े पेश किए कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच 540 ड्रग्स मामलों में 730 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़ा नागपुर में ड्रग्स के बढ़ते जाल की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
टोइंग ठेका रद्द करने की मांग
विधायक ने वाहन टोइंग के निजी ठेके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से नागरिकों को परेशानी हो रही है और ट्रैफिक समस्या में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने इस करार को तत्काल रद्द करने की मांग की।
अपराध और बिल्डर धोखाधड़ी पर भी सवाल
ठाकरे ने शहर में बढ़ते बलात्कार, छेड़छाड़ और अन्य संगीन अपराधों का हवाला देते हुए पुलिस व्यवस्था की समग्र समीक्षा की मांग की। साथ ही, बिल्डरों द्वारा नागरिकों के साथ हो रही धोखाधड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी विधानसभा में रखी।
अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और नागपुर की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र