जरूर पढ़ें

Quetta Blast: क्वेटा में जोरदार धमाका, ट्रेन के डिब्बे उड़े, 23 मौतों से दहला पाकिस्तान

Quetta Blast: क्वेटा में जोरदार धमाका, ट्रेन के डिब्बे उड़े, 23 मौतों से दहला पाकिस्तान
Quetta Blast: क्वेटा में जोरदार धमाका, ट्रेन के डिब्बे उड़े, 23 मौतों से दहला पाकिस्तान (Pic Credit- X @basit63324)

Quetta Blast: पाकिस्तान के क्वेटा में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। ट्रेन की बोगियां उड़ गईं, चारों तरफ आग और धुएं का गुबार छा गया। 23 लोगों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला सेना के हालिया ऑपरेशन का बदला है?

Updated:

Quetta Blast: पाकिस्तान का क्वेटा शहर एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल उठा है। शहर के मन फाटक इलाके में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। धमाका इतना भयानक था कि ट्रेन की एक बोगी के परखच्चे उड़ गए, कई डिब्बे पटरी से उतर गए और आसपास खड़े वाहनों में आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।

कई लोगों की हालत गंभीर

स्थानीय मीडिया के अनुसार यह विस्फोट क्वेटा स्थित फ्रंटियर कोर मुख्यालय के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ। उस समय कैंट क्षेत्र से गुजर रही ट्रेन अचानक धमाके की चपेट में आ गई। चश्मदीदों के मुताबिक धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को क्वेटा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने किया था क्वेटा का दौरा

इस हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने क्वेटा का दौरा किया था। उन्होंने बलूचिस्तान में तैनात अधिकारियों और जवानों के साथ बैठक कर सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि बलूचिस्तान में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

उग्रवादी संगठनों के 35 सदस्यों को उतारा तह मौत के घाट

दरअसल, बीते दिनों पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर बलूचिस्तान के कई इलाकों में बड़े अभियान चलाए थे। इन अभियानों में उग्रवादी संगठनों के 35 सदस्यों को मार गिराने और तीन वरिष्ठ कमांडरों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया था। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के मुताबिक मंगला जरघून गार इलाके में चार दिनों तक चले ऑपरेशन में कई ठिकानों और शिविरों को नष्ट किया गया था।

अब माना जा रहा है कि क्वेटा में हुआ यह हमला उसी सैन्य अभियान का जवाब हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आत्मघाती हमला मानकर जांच कर रही हैं। घटना के बाद पूरे क्वेटा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग।
• जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।
• जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन।
• हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।