नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही ग्रहों की चाल में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। खगोलीय घटनाओं की दृष्टि से यह साल बेहद खास माना जा रहा है। इसी कड़ी में मकर संक्रांति के कुछ दिनों बाद एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दौरान पांच ग्रह एक साथ मकर राशि से गुजरेंगे, जिससे पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस तरह के योग को बेहद शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता है। इस योग के बनने से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे, वहीं कुछ राशियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
मकर संक्रांति 2026 की तिथि और समय
पंचांग के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यह संक्रमण दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर होगा। मकर संक्रांति को हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति शुरू होती है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन तिल, गुड़ का दान करना, पवित्र नदियों में स्नान करना और सूर्य देव की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।
पंचग्रही राजयोग क्या है
मकर संक्रांति के कुछ दिन बाद मकर राशि में पांच महत्वपूर्ण ग्रह एक साथ गोचर करेंगे। इन ग्रहों में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा शामिल हैं। जब पांच या इससे अधिक ग्रह एक ही राशि में एकत्रित हो जाते हैं, तो इसे पंचग्रही योग कहा जाता है। ज्योतिष में इस तरह के योग काफी कम बनते हैं और इन्हें बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यह योग जिस राशि में बनता है, उस राशि और उससे जुड़ी राशियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। इस बार यह योग मकर राशि में बन रहा है, जो कि एक पृथ्वी तत्व की राशि है और शनि देव द्वारा शासित है।
मकर राशि वालों के लिए सबसे शुभ समय
इस शक्तिशाली पंचग्रही राजयोग का सबसे ज्यादा फायदा मकर राशि के जातकों को मिलेगा। यह समय उनके लिए बेहद सौभाग्यशाली रहेगा। करियर के क्षेत्र में उन्हें नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं। नौकरी में पदोन्नति की संभावना बनेगी और व्यवसाय में लाभ के नए अवसर आएंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और अचानक से धन लाभ की प्राप्ति हो सकती है। कुछ लोगों को पुरानी संपत्ति से लाभ मिल सकता है या निवेश से अच्छा रिटर्न आ सकता है।
समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग उनके कार्यों की सराहना करेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी और घर में सुख-शांति का माहौल बनेगा। यदि कोई लंबे समय से किसी समस्या से जूझ रहा है, तो इस दौरान उसका समाधान मिल सकता है। विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम आएंगे।
कुंभ राशि के लिए चुनौतीपूर्ण दौर
मकर संक्रांति के बाद बनने वाला पंचग्रही योग कुंभ राशि के जातकों के लिए कुछ कठिनाइयां लेकर आ सकता है। वर्तमान में इस राशि में राहु का गोचर भी चल रहा है, जो स्थिति को और जटिल बना सकता है। इस दौरान व्यक्तिगत रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद हो सकते हैं और कभी-कभी बहस या विवाद की स्थिति भी बन सकती है।
माता-पिता के साथ संबंधों में कड़वाहट आ सकती है। यह समय आपको कुछ लोगों का असली चेहरा दिखा सकता है, जिससे मानसिक रूप से परेशानी हो सकती है। जिन लोगों पर आप भरोसा करते थे, वे निराश कर सकते हैं। इसलिए इस दौरान सावधानी से काम लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य के मामले में भी सतर्क रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव, चिंता और थकान की समस्या हो सकती है। अनिद्रा या नींद में खलल पड़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए ध्यान, योग और प्राणायाम का सहारा लेना चाहिए। आध्यात्मिक गतिविधियों में समय बिताना लाभदायक रहेगा। नियमित रूप से मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलेगी और सकारात्मकता बढ़ेगी।
कर्क राशि के जातकों को सावधानी की जरूरत
पंचग्रही योग कर्क राशि के जातकों के लिए भी कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। कर्क राशि चंद्रमा द्वारा शासित है और यह एक भावुक राशि मानी जाती है। इस दौरान नौकरी में अस्थिरता आ सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों से मतभेद हो सकते हैं या कार्य का बोझ बढ़ सकता है। कुछ मामलों में नौकरी जाने का खतरा भी हो सकता है।
व्यवसाय करने वालों को नुकसान की संभावना से सावधान रहना चाहिए। साझेदारी में विवाद हो सकते हैं और वित्तीय स्थिति में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इस समय कोई बड़ा निवेश करने या कर्ज लेने से बचना चाहिए।
प्रेम संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं। साथी के साथ गलतफहमी हो सकती है और रिश्ते में दूरी आ सकती है। कुछ मामलों में ब्रेकअप की स्थिति भी बन सकती है। यह समय भावनात्मक रूप से काफी कष्टदायक रह सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घबराहट, बेचैनी और तनाव की समस्या हो सकती है। ऐसे में ध्यान और योग का नियमित अभ्यास करना चाहिए। अपनी भावनाओं को दबाने की बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करना बेहतर रहेगा। यदि जरूरत महसूस हो तो किसी परामर्शदाता की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
सकारात्मक रहने के उपाय
चाहे कोई भी राशि हो, इस खगोलीय बदलाव के दौरान सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहद जरूरी है। परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं। अपनी भावनाओं को साझा करें और दूसरों की बातों को धैर्य से सुनें। नियमित रूप से पूजा-पाठ करें और अपने इष्ट देव का ध्यान करें। सूर्य देव को जल अर्पित करने से विशेष लाभ मिल सकता है।
दान-पुण्य करना भी फलदायी रहेगा। गरीबों को भोजन कराएं, जरूरतमंदों की मदद करें। मंदिर में दीपक जलाएं और धूप-दीप से पूजा करें। मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है। अपनी राशि के अनुकूल रत्न धारण करने से भी लाभ हो सकता है, लेकिन इसके लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। समय पर सोएं और जागें। संतुलित आहार लें। व्यायाम या योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। नशीले पदार्थों से दूर रहें। सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं और नकारात्मकता से बचें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है। ज्योतिष एक प्राचीन विज्ञान है और इसके परिणाम व्यक्ति की कुंडली और अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं।