Gold Rate Today: सोना भारतीय परिवारों के लिए केवल एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक रहा है। जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशकों की नजर सबसे पहले सोने पर जाती है। गुरुवार, 12 फरवरी की सुबह भी कुछ ऐसा ही संकेत लेकर आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी और डॉलर की कमजोरी का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखा, जिसके कारण देश में सोने के भाव फिर चढ़ गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 5,078.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि डॉलर में आई कमजोरी के कारण निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना सस्ता पड़ता है, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतों में उछाल आता है।
दिल्ली में सोने का ताजा भाव
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,59,760 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं 22 कैरेट सोना 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि बताती है कि बाजार में मांग बनी हुई है और निवेशकों का भरोसा सोने पर कायम है।
दिल्ली जैसे बड़े बाजार में भाव बढ़ने का असर पूरे उत्तर भारत पर पड़ता है। शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए भी मांग में कमी नहीं दिख रही है।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता का हाल
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी सोने के दाम लगभग समान स्तर पर हैं। इन शहरों में 24 कैरेट सोना 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, इसलिए यहां की कीमतें निवेश रुझान का संकेत देती हैं। मौजूदा तेजी बताती है कि बड़े निवेशक भी सोने में रुचि ले रहे हैं।
पुणे और बेंगलुरु में भी बढ़े दाम
पुणे और बेंगलुरु जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में भी कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है। यहां 24 कैरेट सोना 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
दक्षिण भारत में सोने की पारंपरिक मांग अधिक रहती है, खासकर त्योहारों और विवाह के समय। ऐसे में कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत
लगातार बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए दो तरह का संकेत देती हैं। जो लोग पहले से निवेश कर चुके हैं, उनके लिए यह लाभ का अवसर है। वहीं जो नए खरीदार हैं, उन्हें सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।
सोने में निवेश हमेशा लंबी अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय बाजार की दिशा को समझना जरूरी है। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि कुल निवेश का एक संतुलित हिस्सा ही सोने में लगाया जाए।
आगे क्या रह सकता है रुझान
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर कमजोर बना रहता है और वैश्विक अनिश्चितता जारी रहती है, तो सोने की कीमतों में और तेजी संभव है। हालांकि बाजार में कभी भी सुधार भी आ सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
फिलहाल स्थिति यही संकेत दे रही है कि सोना सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। आम खरीदारों के लिए यह समय बजट को ध्यान में रखकर निर्णय लेने का है, जबकि निवेशकों के लिए बाजार पर नजर बनाए रखना आवश्यक है।