Gold Rate Today: सोने और चांदी के भाव इन दिनों ऐसा व्यवहार कर रहे हैं कि आम खरीदार से लेकर बड़े निवेशक तक उलझन में हैं। सुबह तेजी, दोपहर में स्थिरता और शाम तक गिरावट — यह पैटर्न अब आम होता जा रहा है। जो लोग शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए सही समय चुनना मुश्किल हो गया है।
19 फरवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में सोने में तेजी देखी गई थी। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार का रुख बदल गया और रात को बंद होते-होते सोना गिरावट में चला गया। यह उतार-चढ़ाव बताता है कि बाजार अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है।
एमसीएक्स में क्या रहा हाल
19 फरवरी को अप्रैल वायदा वाला 24 कैरेट सोना 119 रुपये गिरकर 1,54,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। दिनभर भाव में हलचल रही, लेकिन अंत में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं मार्च वायदा वाली चांदी 7 रुपये की मामूली तेजी के साथ 2,41,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। चांदी में हल्की मजबूती दिखी, लेकिन वह भी स्थिर नहीं कही जा सकती।
20 फरवरी को क्या है ताजा रेट
20 फरवरी को रिटेल बाजार में सोने के नए दाम सामने आए हैं। देश के प्रमुख शहरों में औसत कीमतें इस प्रकार हैं:
24 कैरेट (शुद्ध सोना):
15,649 रुपये प्रति ग्राम
1,56,490 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट (जेवराती सोना):
14,345 रुपये प्रति ग्राम
1,43,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट (कम बजट विकल्प):
11,737 रुपये प्रति ग्राम
1,17,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
इन दामों में शहर के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं।
क्यों बदल रहे हैं रोज भाव
सोने-चांदी के दाम पर कई चीजों का असर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत, और देश के अंदर मांग — ये सभी कारक मिलकर भाव तय करते हैं।
इन दिनों वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर जाते हैं। लेकिन जब डॉलर मजबूत होता है या शेयर बाजार में तेजी आती है, तो सोने में बिकवाली भी बढ़ जाती है।
चांदी का इस्तेमाल उद्योगों में भी होता है, इसलिए उसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का भी असर दिखता है।
खरीदार क्या करें
अगर आप शादी या किसी जरूरी काम के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो बाजार की हलचल देखकर पूरी तरह रुक जाना भी सही नहीं है। जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा खरीदना एक समझदारी भरा तरीका हो सकता है।
निवेश के नजरिए से देखें तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करना जोखिम कम करता है। इससे औसत कीमत संतुलित रहती है।
आगे क्या रह सकता है संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेत और घरेलू मांग दोनों की दिशा अहम होगी।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि सोने-चांदी का बाजार शांत नहीं है। जो लोग खरीदने या निवेश की सोच रहे हैं, उन्हें हर दिन का अपडेट देखना चाहिए और सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
कुल मिलाकर, 20 फरवरी को सोने-चांदी के दाम फिर चर्चा में हैं। तेजी और गिरावट के इस दौर में संतुलन और धैर्य ही सबसे बड़ी ताकत है।
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