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ग्रो ने तीसरी तिमाही में 547 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, आय 1,216 करोड़ रुपये रही

ग्रो ने तीसरी तिमाही में 547 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, आय 1,216 करोड़ रुपये रही
Groww Q3 Profit: ग्रो का तिमाही मुनाफा 547 करोड़, आय में 25% की बढ़त (File Photo)

ग्रो ने तीसरी तिमाही में 547 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल से 27.8% कम है। यह कमी एक तकनीकी कारण से है। कंपनी की आय 25% बढ़कर 1,216 करोड़ रुपये हुई। ब्रोकिंग बाजार हिस्सेदारी 28.8% तक पहुंची। एसआईपी निवेश और मार्जिन ट्रेडिंग में भी तेजी आई। स्टेट स्ट्रीट ने 580 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति जताई।

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Asfi Shadab
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देश की प्रमुख ऑनलाइन निवेश और स्टॉकब्रोकिंग कंपनी ग्रो ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में 546.93 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 757.11 करोड़ रुपये के मुनाफे से 27.8 प्रतिशत कम है। हालांकि, कंपनी की कुल आय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 24.8 प्रतिशत बढ़कर 1,216.07 करोड़ रुपये हो गई।

मुनाफे में कमी का असली कारण

मुनाफे में आई यह गिरावट देखने में भले ही चिंताजनक लगे, लेकिन इसके पीछे की असली वजह तकनीकी है। दरअसल, पिछले साल की तीसरी तिमाही में कंपनी को एक खास फायदा मिला था। उस दौरान कंपनी ने अपनी प्रबंधन टीम के लिए बनाई गई लंबी अवधि की प्रोत्साहन योजना को रद्द कर दिया था। इस योजना को रद्द करने से 424.67 करोड़ रुपये की जमा राशि वापस आ गई थी, जिससे उस तिमाही में खर्च नकारात्मक 17.72 करोड़ रुपये दर्ज हुआ था।

इस लेखांकन समायोजन को हटाकर देखें तो ग्रो की वास्तविक व्यावसायिक स्थिति काफी मजबूत नजर आती है। ताजा तिमाही में कंपनी का खर्च 515.55 करोड़ रुपये रहा है, जो सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों को दर्शाता है।

आय में शानदार वृद्धि

ग्रो की परिचालन आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 974.53 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,216.07 करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि कंपनी की बढ़ती लोकप्रियता और बाजार में बढ़ते हिस्से को दर्शाती है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अमेरिका की प्रसिद्ध एसेट मैनेजमेंट कंपनी स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ने ग्रो की परिसंपत्ति प्रबंधन शाखा में 580 करोड़ रुपये तक का निवेश करने पर सहमति जताई है। यह सौदा बुधवार को नियामक फाइलिंग में सार्वजनिक किया गया था।

बाजार हिस्सेदारी में जबरदस्त उछाल

ग्रो की खुदरा नकद इक्विटी गतिविधि में भी शानदार वृद्धि देखी गई है। यह पिछले साल की तीसरी तिमाही में 9,394 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 11,331 करोड़ रुपये हो गई। इस वृद्धि की वजह से कंपनी की ब्रोकिंग बाजार हिस्सेदारी 21.6 प्रतिशत से बढ़कर 28.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय निवेशकों के बीच ग्रो प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

म्यूचुअल फंड एसआईपी में तेजी

म्यूचुअल फंड के व्यवस्थित निवेश योजना यानी एसआईपी के मोर्चे पर भी ग्रो ने शानदार प्रदर्शन किया है। तीसरी तिमाही में एसआईपी के जरिए होने वाला निवेश 9,476 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,328 करोड़ रुपये हो गया। यह बढ़ोतरी भारत में बढ़ती वित्तीय जागरूकता और लोगों की निवेश में बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

एसआईपी के जरिए नियमित निवेश करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रो जैसे प्लेटफॉर्म ने निवेश को सरल और सुलभ बनाकर आम लोगों को शेयर बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मार्जिन ट्रेडिंग में तीन गुना वृद्धि

ग्रो की मार्जिन ट्रेडिंग बुक में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई है। यह पिछले साल की तीसरी तिमाही में 542 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 2,307 करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि यह आधार अभी भी छोटा है, लेकिन इस खंड में ग्रो की बाजार हिस्सेदारी 0.7 प्रतिशत से बढ़कर 2 प्रतिशत हो गई है। यह लगभग तीन गुना वृद्धि है।

मार्जिन ट्रेडिंग में निवेशक उधार लिए गए पैसे से शेयर खरीदते हैं, जिससे उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ जाती है। हालांकि इसमें जोखिम भी अधिक होता है।

ऋण व्यवसाय में स्थिर प्रगति

ग्रो क्रेडिट सर्व की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की ऋण पुस्तिका तिमाही दर तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 1,390 करोड़ रुपये हो गई है। प्रतिभूतियों के बदले दिए जाने वाले ऋण की पुस्तिका इस तिमाही में दोगुनी हो गई है।

यह दर्शाता है कि ग्रो सिर्फ निवेश प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वित्तीय सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है।

स्टेट स्ट्रीट का निवेश

बोस्टन स्थित एसेट मैनेजर स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ग्रो एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड में 23 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी हासिल करेगा। इस महत्वपूर्ण इक्विटी निवेश के बावजूद, समझौते की शर्तों के तहत स्टेट स्ट्रीट की मतदान शक्ति 4.99 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।

यह निवेश ग्रो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां भारत के फिनटेक क्षेत्र में भरोसा कर रही हैं।

हालांकि आंकड़ों में मुनाफा कम दिख रहा है, लेकिन ग्रो का वास्तविक प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। आय में लगातार वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी और विभिन्न खंडों में विस्तार कंपनी के स्वस्थ विकास को दर्शाते हैं। भारत में डिजिटल निवेश का चलन तेजी से बढ़ रहा है और ग्रो इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी कंपनी का निवेश भी इसकी भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करता है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।