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आईईएक्स के शेयरों में 13 प्रतिशत की छलांग, बाजार युग्मन नियम वापसी की खबरों से उछाल

आईईएक्स के शेयरों में 13 प्रतिशत की छलांग, बाजार युग्मन नियम वापसी की खबरों से उछाल
IEX Shares Jump 13%: बाजार युग्मन नियम वापसी की संभावना से शेयरों में जोरदार उछाल (Pinterest Photo)

आईईएक्स के शेयरों में 13 फीसदी की तेजी आई जब सीईआरसी ने बाजार युग्मन नियम वापस लेने की संभावना जताई। शेयर 146 रुपये पर बंद हुआ। तीसरी तिमाही में कुल बिजली कारोबार 11.9 फीसदी बढ़कर 34.08 अरब यूनिट रहा। रियल टाइम मार्केट में 35.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। राजस्व और शुद्ध लाभ में भी इजाफा हुआ।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज यानी आईईएक्स के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा बाजार युग्मन नियम को वापस लेने की संभावना जताए जाने के बाद शेयरों में तेजी आई। दिन के कारोबार में शेयर 13 फीसदी तक उछला और बंद होते समय 8.8 फीसदी की बढ़त के साथ 146 रुपये प्रति शेयर के भाव पर रहा।

यह उछाल उस समय आया जब सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के वकील ने बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण को बताया कि वे 23 जुलाई को जारी बाजार युग्मन आदेश को वापस लेने पर निर्देश लेने को तैयार हैं। यह खबर निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई क्योंकि इस नियम के बाद आईईएक्स के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी।

बाजार युग्मन नियम का असर

बाजार युग्मन नियम आईईएक्स के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया था। इस नियम के लागू होने के बाद कंपनी के शेयरों में दो कारोबारी सत्रों में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट आई थी। यह नियम आईईएक्स की मूल्य निर्धारण प्रणाली को चुनौती देता था और इसे अन्य बिजली एक्सचेंजों के समान बनाने की कोशिश करता था।

इस नियम से कंपनी के कारोबारी मॉडल पर सीधा असर पड़ने की आशंका थी। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित थे कि यह नियम आईईएक्स की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को कम कर सकता है। लेकिन अब वापसी की संभावना से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।

न्यायाधिकरण में क्या हुआ

सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के वकील ने बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण को बताया कि वे आदेश वापस लेने पर निर्देश लेने को तैयार हैं। सीईआरसी ने एपीटीईएल को बताया कि उन्हें इस मामले पर परामर्श करना होगा और निर्देश लेने होंगे।

नियामक संस्था ने यह भी कहा कि वह युग्मन आदेश को अधिक परामर्शी, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को सीईआरसी के सदस्यों के साथ उठाएंगे और युग्मन आदेश को वापस लेने पर निर्देश लेंगे।

शेयरों में तेजी का असर

इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में आईईएक्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। दिन के कारोबार में शेयर एक समय 13 फीसदी तक उछल गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली हुई और शेयर 8.8 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। राष्ट्रीय शेयर बाजार पर शेयर 146 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ।

तीसरी तिमाही के मजबूत नतीजे

इस खबर के अलावा, कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही के कारोबारी आंकड़े भी जारी किए जो काफी मजबूत रहे। अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज पर कुल बिजली कारोबार की मात्रा 11.9 फीसदी बढ़कर 34.08 अरब यूनिट हो गई।

इस तिमाही के दौरान एक्सचेंज पर 18.63 लाख नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्रों का कारोबार हुआ, जो साल दर साल आधार पर 29.8 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। हालांकि यह गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन समग्र कारोबार में वृद्धि सकारात्मक संकेत है।

विभिन्न बाजार खंडों का प्रदर्शन

डे-अहेड मार्केट यानी अगले दिन की बाजार मात्रा इस तिमाही में घटकर 16,250 मिलियन यूनिट रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 16,712 मिलियन यूनिट थी। यह 2.8 फीसदी की गिरावट है।

वहीं, रियल टाइम बिजली बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया। दिसंबर तिमाही में इस खंड ने 12,650 मिलियन यूनिट की मात्रा हासिल की, जबकि एक साल पहले यह 9,322 मिलियन यूनिट थी। यह 35.7 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि है।

आईईएक्स ग्रीन मार्केट, जिसमें ग्रीन डे-अहेड और ग्रीन टर्म-अहेड मार्केट खंड शामिल हैं, ने दिसंबर तिमाही में 2,647 मिलियन यूनिट की मात्रा हासिल की। यह चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 2,470 मिलियन यूनिट के मुकाबले 7.2 फीसदी अधिक है।

वित्तीय प्रदर्शन

कंपनी ने अपने वित्तीय मोर्चे पर भी बेहतर प्रदर्शन किया है। राजस्व में साल दर साल 9.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 152 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 139 करोड़ रुपये था।

इसी तरह, शुद्ध लाभ में भी 15 फीसदी की साल दर साल वृद्धि हुई और यह 122 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी की मजबूत बुनियादी ताकत को दर्शाता है।

एक साल का प्रदर्शन

हालांकि हाल के महीनों में उछाल आया है, लेकिन पिछले 12 महीनों में शेयर 14 फीसदी नीचे है। इस दौरान कई उतार-चढ़ाव भरी घटनाएं हुईं और कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बाजार युग्मन नियम इन चुनौतियों में से एक बड़ी चुनौती थी।

लेकिन अब इस नियम के वापस लेने की संभावना से निवेशकों में नया विश्वास जगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नियम वापस लिया जाता है तो शेयरों में और तेजी आ सकती है।

भविष्य की संभावनाएं

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ते रुझान को देखते हुए आईईएक्स की भविष्य की संभावनाएं मजबूत दिखती हैं। कंपनी के ग्रीन मार्केट खंड में वृद्धि यह दर्शाती है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव हो रहा है।

रियल टाइम मार्केट में मजबूत वृद्धि भी सकारात्मक संकेत है। यह बताता है कि बिजली व्यापारी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए इस मंच का अधिक उपयोग कर रहे हैं।


अस्वीकरण: निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।


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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।